राजस्थान के सीकर जिले के मशहूर तीर्थस्थल खाटू श्याम जी में निर्जला एकादशी के मौके पर आस्था का सैलाब उमड़ने वाला है। कल से दो दिन तक चलने वाले इस खास धार्मिक आयोजन में देश के हर कोने से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। बाबा श्याम के दर्शन के लिए जुटने वाली इसी भारी भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने खाटू श्याम जी कस्बे को अगले तीन दिन के लिए पूरी तरह नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया है।
आज रात से रींगस मार्ग पर हर तरह के वाहन बंद
यातायात को सुचारू रखने और भीड़ को संभालने के लिए आज रात से ही रींगस से खाटू श्याम जी जाने वाले मुख्य रास्ते पर सभी तरह के वाहनों का चलना पूरी तरह रोक दिया जाएगा। इस दौरान खाटू धाम की ओर बढ़ने वाले भक्त सिर्फ पैदल मार्ग से ही जा सकेंगे। सिर्फ वीआईपी और आपातकालीन वाहनों को छूट मिलेगी, बाकी किसी निजी या व्यावसायिक गाड़ी को इस रास्ते पर आने नहीं दिया जाएगा, ताकि पैदल चल रहे श्याम भक्तों को कोई दिक्कत न हो।
260 सीसीटीवी कैमरों की पैनी नजर
लाखों की भीड़ की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पुलिस और मेला प्रशासन ने हाईटेक इंतजाम किए हैं। खाटू कस्बे के मुख्य रास्तों, बड़े फाटकों, निकासी मार्गों और श्याम मंदिर परिसर के भीतर-बाहर कुल 260 सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से एक केंद्रीय कंट्रोल रूम के जरिए पूरे मेला इलाके पर पल-पल नजर रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध हरकत और भीड़ के दबाव पर निगरानी के लिए पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं।
दिल्ली से कोलकाता तक, हर ओर से आ रहे श्याम भक्त
हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है। बाबा श्याम के दरबार में इस दिन का अलग ही महत्व है, यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, गुजरात, कोलकाता, पंजाब और हरियाणा समेत देश के कोने-कोने से भक्तों के जत्थे अभी से खाटू पहुंचने लगे हैं। रींगस से हाथों में रंग-बिरंगे श्याम निशान (ध्वज) थामे, बाबा के जयकारे लगाते हुए पैदल चल रहे भक्तों का जोश देखते ही बनता है। पूरा इलाका इस वक्त 'जय श्री श्याम' और 'हारे के सहारे की जय' के उद्घोष से गूंज रहा है।
छाया, ठंडा पानी और मेडिकल कैंप का पूरा बंदोबस्त
गर्मी और निर्जला एकादशी के निर्जल व्रत को देखते हुए प्रशासन और अलग-अलग श्याम सेवा समितियों ने पैदल मार्ग व जिग-जैग (लाइन) वाले इलाकों में खास इंतजाम किए हैं। तेज धूप से भक्तों को बचाने के लिए जगह-जगह टेंट और मैट बिछाए गए हैं। साथ ही ठंडे पानी, ओआरएस घोल और मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है, ताकि लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को सेहत से जुड़ी कोई परेशानी न हो। मंदिर कमेटी ने भी दर्शन को आसान बनाने के लिए मजबूत प्रबंध किए हैं।













