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उदयपुर में दिखा बाबा रामेश्वर का अद्भुत जलमग्न रूप, सावन में शिव के अनोखे दर्शनधर्म
25 अग॰ 2026, 3:38 pm (58 दिन पहले)· 3

उदयपुर में दिखा बाबा रामेश्वर का अद्भुत जलमग्न रूप, सावन में शिव के अनोखे दर्शन

सावन के पवित्र महीने में उदयपुर के रामेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का खास जलमग्न श्रृंगार किया गया है, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

सावन के पवित्र महीने के दौरान उदयपुर के विभिन्न शिवालयों में भगवान भोलेनाथ के अलग-अलग और मनमोहक स्वरूपों की सजावट की जा रही है। इसी कड़ी में शहर के रामगिरी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध रामेश्वर महादेव मंदिर में इस बार भगवान शिव का एक बेहद अनूठा और खास जलमग्न श्रृंगार किया गया है। मंदिर के भीतर शिवलिंग के चारों तरफ पानी भरकर उसे लगभग आधे हिस्से तक जल के बीच में विराजित किया गया है। जलमग्न अवस्था में भगवान शिव का यह रूप मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया है।

शिवलिंग पर निरंतर जलाभिषेक होता रहे, इसके लिए मंदिर प्रबंधन की तरफ से विशेष प्रबंध किए गए हैं। पानी से घिरे हुए शिवलिंग पर लगातार गिरती हुई जलधारा और उसके आसपास की गई भव्य सजावट ने पूरे दृश्य को बेहद मनमोहक बना दिया है। इसके अलावा मंदिर परिसर में विशेष प्रकार की लाइटिंग की गई है, जिससे पानी के बीच में विराजमान बाबा रामेश्वर महादेव की छटा और भी अधिक अलौकिक व सुंदर नजर आ रही है।

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भगवान शिव के इस अनोखे श्रृंगार और दिव्य दर्शन का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। भक्तों ने जलमग्न स्वरूप में बाबा रामेश्वर महादेव के दर्शन किए, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा। भगवान शिव के इस विशेष रूप को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। रामेश्वर महादेव मित्र मंडल की देखरेख में इस विशेष श्रृंगार को पूरा किया गया, जिसके पश्चात भगवान भोलेनाथ की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। आरती के समय भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे और इस पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में सभी ने बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

सावन माह के पूरे दौरान रामेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों का विशेष श्रृंगार करने की परंपरा रही है, जहां हर बार भक्तों को कुछ नया और अलग देखने को मिलता है। इससे पहले इस मंदिर में अमरनाथ धाम की झांकी और उज्जैन के महाकाल मंदिर की प्रसिद्ध भस्म आरती के स्वरूप में की गई सजावट भी भक्तों के भारी आकर्षण का केंद्र बनी थी। इस बार जलमग्न श्रृंगार के माध्यम से भगवान शिव के जल रूप को एक नए और अनूठे तरीके से प्रस्तुत किया गया है। पानी के बीच में विराजित शिवलिंग, उस पर निरंतर होता जलाभिषेक, आकर्षक रोशनी और भव्य मंदिर की सजावट ने भक्तों को भक्ति के साथ एक अद्वितीय दृश्य अनुभव प्रदान किया है। सावन के इस पावन अवसर पर रामेश्वर महादेव मंदिर का यह अनूठा और भव्य आयोजन पूरे शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और लोग दूर-दूर से इस दृश्य को देखने आ रहे हैं।

सवाल-जवाब

उदयपुर के किस मंदिर में भगवान शिव का जलमग्न श्रृंगार किया गया है?
उदयपुर के रामगिरी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध रामेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलमग्न श्रृंगार किया गया है।
यह विशेष श्रृंगार किस अवसर पर किया गया है?
यह विशेष श्रृंगार सावन के पवित्र महीने के अवसर पर किया गया है।
इस आयोजन की देखरेख किसने की है?
रामेश्वर महादेव मित्र मंडल की ओर से इस विशेष श्रृंगार और आयोजन की व्यवस्था की गई है।
इससे पहले मंदिर में कौन सी झांकियां सजाई जा चुकी हैं?
इससे पहले मंदिर में अमरनाथ धाम की झांकी और उज्जैन के महाकाल की भस्म आरती के स्वरूप की सजावट की जा चुकी है।
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