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बुधवार और सिद्धिविनायक गणेश: जानिए वह मंत्र और पूजा विधि जिससे टलती है हर रुकावटअध्यात्म
17 जून 2026, 4:02 am (42 दिन पहले)· 3

बुधवार और सिद्धिविनायक गणेश: जानिए वह मंत्र और पूजा विधि जिससे टलती है हर रुकावट

बुधवार के दिन मुंबई के सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में दर्शन का खास महत्व है। जानें मंदिर की महिमा, गणपति के प्रमुख मंत्र और दूर्वा-मोदक अर्पण की सही विधि।

हिंदू आस्था में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है, और इसी दिन सिद्धिविनायक गणेश के दर्शन को बेहद फलदायी समझा जाता है। भक्तों की धारणा है कि विनायक के सामने सच्चे मन से सिर झुकाने पर जीवन की अड़चनें मिटती हैं और अधूरी इच्छाएं पूरी होने का मार्ग खुलता है। यही वजह है कि मुंबई के प्रसिद्ध मंदिर से लेकर देशभर के गणेश धामों तक, श्रद्धालु खासकर बुधवार, मंगलवार और संकष्टी चतुर्थी पर पूजा-अर्चना के लिए उमड़ पड़ते हैं।

सिद्धिविनायक मंदिर: आस्था का बड़ा केंद्र

मुंबई के प्रभादेवी इलाके में बसा सिद्धिविनायक मंदिर गणपति के सबसे चर्चित और पूजनीय स्थानों में गिना जाता है। इस मंदिर की नींव साल 1801 में रखी गई थी। यहां स्थापित गणेश प्रतिमा की एक खास पहचान है, इसकी सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है, जिसे शास्त्रों में अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना गया है। मान्यता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा से यहां प्रार्थना करता है, भगवान सिद्धिविनायक उस पर शीघ्र कृपा बरसाते हैं और उसकी मनोकामना पूरी करते हैं।

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बुधवार के दर्शन का फल

धार्मिक मान्यता कहती है कि बुधवार को सिद्धिविनायक के दर्शन से बुद्धि, विवेक, सफलता और शुभ परिणाम मिलते हैं। यही कारण है कि पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी, कारोबारी, नौकरी करने वाले लोग और कोई नया काम शुरू करने वाले लोग गणेशजी का आशीर्वाद लेने मंदिर पहुंचते हैं। भक्तों का विश्वास है कि गणपति की कृपा से कामों में आ रही रुकावटें हट जाती हैं और तरक्की के रास्ते साफ हो जाते हैं।

गणपति के प्रभावशाली मंत्र

गणेश पूजा में उनके प्रिय मंत्रों का जाप बेहद असरदार माना जाता है। श्रद्धालु ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 108 बार जप कर सकते हैं। इसके साथ ही वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ का पाठ भी शुभ माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इन मंत्रों के नियमित जाप से मन को शांति, भीतर आत्मबल और चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

पूजा की सही विधि

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि बुधवार को भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और लाल फूल चढ़ाने से खास पुण्य मिलता है। आस्था और भक्ति के साथ की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और कामयाबी के रास्ते खोल देती है। इसी विश्वास के चलते सिद्धिविनायक गणेश मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां हर बुधवार भक्तों का विशाल जनसैलाब उमड़ता है।

सवाल-जवाब

सिद्धिविनायक मंदिर कहां स्थित है और इसकी स्थापना कब हुई?
यह मंदिर मुंबई के प्रभादेवी इलाके में स्थित है और इसकी स्थापना साल 1801 में की गई थी।
सिद्धिविनायक की गणेश प्रतिमा में क्या खास बात है?
यहां स्थापित गणेश प्रतिमा की सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है, जिसे अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है।
गणेश पूजा में किन मंत्रों का जाप करना चाहिए?
श्रद्धालु ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 108 बार जप कर सकते हैं, साथ ही वक्रतुंड महाकाय वाले मंत्र का पाठ भी शुभ माना जाता है।
बुधवार को भगवान गणेश को क्या अर्पित करना चाहिए?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बुधवार को भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और लाल फूल अर्पित करने से विशेष पुण्य फल मिलता है।
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