गिफू प्रेफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने आक्रामक तेवर दिखाते हुए एशियन गेम्स 2026 के पूल-बी मुकाबले में थाईलैंड के खिलाफ 20-1 से एकतरफा जीत अपने नाम की। खेल के पूरे 60 मिनट के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने विपक्षी गोलपोस्ट पर लगातार दबाव बनाए रखा। इस जबरदस्त आक्रमण के सामने थाईलैंड की पूरी रक्षापंक्ति बिखर कर रह गई और मैदान पर केवल भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा नजर आया।
दीपिका सहरावत के 9 पेनल्टी कॉर्नर गोल और शानदार टीम प्रदर्शन
इस मुकाबले में भारत की फॉरवर्ड और मुख्य ड्रैग-फ्लिकर दीपिका सहरावत ने असाधारण खेल दिखाया। उन्होंने अकेले दम पर थाईलैंड के गोलपोस्ट पर जोरदार हमले बोलते हुए कुल 9 गोल दागे। ध्यान देने वाली बात यह रही कि दीपिका ने अपने सभी नौ गोल पेनल्टी कॉर्नर को सफलतापूर्वक भुनाते हुए हासिल किए। उनकी तेजतर्रार ड्रैग-फ्लिक के आगे थाईलैंड की रक्षापंक्ति और गोलकीपर असहाय साबित हुए।
दीपिका के अलावा अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने भी स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। फॉरवर्ड नवनीत कौर ने अपने मैदानी हुनर का शानदार नमूना पेश करते हुए 4 मैदानी गोल किए। युवा खिलाड़ी ऋतुजा पिसाल ने अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए 3 गोल अपने नाम दर्ज कराए। वहीं कप्तान सलीमा टेटे, नेहा, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने 1-1 गोल दागकर टीम के कुल स्कोर को 20 तक पहुंचाने में योगदान दिया।
शुरुआती पलों से ही भारत की आक्रामक रणनीति
कोच जोर्ड मारिन के मार्गदर्शन में मैदान पर उतरी भारतीय टीम ने खेल की पहली सीटी बजते ही बेहद आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय मिडफील्डर्स ने गेंद को अपने नियंत्रण में रखा और फॉरवर्ड्स को सटीक पास थमाए। मुकाबले के पहले क्वार्टर में ही लगातार हुए गोलों ने थाईलैंड के हौसले पस्त कर दिए। थाईलैंड की टीम पहले तीन क्वार्टरों तक भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने या भारतीय गोलपोस्ट के करीब पहुंचने के लिए लगातार जूझती दिखाई दी।
चौथे क्वार्टर में थाईलैंड का सांत्वना गोल
मैच के चौथे और अंतिम क्वार्टर के आखिरी मिनटों में थाईलैंड को थोड़ा अवसर मिला। खेल खत्म होने से कुछ समय पहले थाईलैंड की टीम को एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुआ। इस मौके पर सुपांसा सामान्सो की ड्रैग-फ्लिक भारतीय डिफेंडर से लगकर दिशा बदलते हुए नेट में समा गई। इस गोल के साथ थाईलैंड मैच में अपना एकमात्र सांत्वना गोल दर्ज करने में सफल रहा और स्कोर 20-1 पर खत्म हुआ।
टूर्नामेंट में लगातार तीसरा बड़ा धमाका और गोल अंतर में बढ़त
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन पहले दो मैचों में भी देखने को मिला था। इस मैच से पहले भारत ने उज्बेकिस्तान को 19-0 के विशाल अंतर से हराया था, जबकि दूसरे मैच में इंडोनेशिया को 17-1 से मात दी थी। थाईलैंड पर मिली 20-1 की इस रिकॉर्ड जीत के साथ भारतीय टीम ने अपने गोल अंतर को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है और पूल-बी में शीर्ष स्थान पर अपनी दावेदारी पुख्ता कर ली है।
मेजबान जापान के खिलाफ अगला अहम मुकाबला
पूल-बी में लगातार तीन जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम तालिका में पहले पायदान पर जमी हुई है। अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला शुक्रवार को मेजबान जापान से होगा। टूर्नामेंट के इस पड़ाव पर जापान के खिलाफ होने वाला यह मैच पूल स्टेज की सबसे कड़ी चुनौती और बेहद महत्वपूर्ण मुकाबला माना जा रहा है।
1982 के स्वर्ण पदक का इतिहास दोहराने का संकल्प
भारतीय महिला हॉकी टीम ने साल 2023 में हांगझोउ में आयोजित पिछले एशियन गेम्स में कांस्य पदक अपने नाम किया था। इस बार टीम अपने पदक का रंग बदलकर स्वर्ण जीतने के इरादे से मैदान में उतरी है। भारत ने एशियन गेम्स महिला हॉकी का पहला ऐतिहासिक स्वर्ण पदक 1982 में दिल्ली में हुए उद्घाटन संस्करण में जीता था। उसके बाद से देश को दूसरे स्वर्ण पदक का इंतजार है। टीम के वर्तमान फॉर्म, आक्रमण और रणनीति को देखते हुए 1982 के उस इतिहास को दोबारा रचने की पूरी उम्मीद नजर आ रही है।



















