भारतीय खेल इतिहास की एक अनमोल धरोहर पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया है। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और जाने-माने खिलाड़ी एमएम सोमैया के बेंगलुरु स्थित घर में बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। चोर उनके घर से मूल्यवान सामान के साथ-साथ उन ऐतिहासिक पदकों को भी चुरा ले गए, जिन्होंने कभी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे की शान बढ़ाई थी। चोरी गए इन पदकों में सबसे प्रमुख 1980 के मॉस्को ओलंपिक खेलों में भारतीय हॉकी टीम की ऐतिहासिक खिताबी जीत का गोल्ड मेडल शामिल है। एमएम सोमैया तीन ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और उन्होंने राष्ट्रीय हॉकी टीम का नेतृत्व भी किया है।
खाली घर को चोरों ने बनाया निशाना
सेंधमारी की यह सनसनीखेज घटना बेंगलुरु शहर के इंदिरानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत न्यू थिप्पासंद्रा इलाके में हुई। जिस समय अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया, उस दौरान एमएम सोमैया अपने पूरे परिवार के साथ शहर से बाहर गए हुए थे। वह 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर के बीच अपने गृहनगर कोडगु के निजी दौरे पर थे। इसी खाली पड़े मकान का फायदा उठाते हुए अज्ञात बदमाशों ने ताले तोड़े और घर के अंदर दाखिल होकर कीमती वस्तुओं के साथ-साथ देश के खेल इतिहास से जुड़े दुर्लभ मेडल समेट लिए।
कोडगु से वापसी पर सामने आया सच
इंदिरानगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई आधिकारिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के अनुसार, एमएम सोमैया 25 अक्टूबर को शाम लगभग 5:00 बजे अपने बेंगलुरु वाले आवास से कोडगु के लिए निकले थे। इसके बाद वह 28 अक्टूबर की सुबह करीब 7:15 बजे जब वापस लौटे, तो घर के हालात देखकर स्तब्ध रह गए। घर का ताला टूटा हुआ था और सामान बिखरा पड़ा था। उन्होंने तुरंत पड़ताल की तो पता चला कि उनके खेल जीवन के अनमोल स्मृति चिह्न गायब हैं। इसके तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय इंदिरानगर थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की लिखित शिकायत दी।
ओलंपिक गोल्ड सहित चार बड़े अंतरराष्ट्रीय पदक गायब
चोरी हुए पदकों की सूची में 1980 के मॉस्को ओलंपिक का स्वर्ण पदक सबसे बड़ा नुकसान है। इसके अलावा चोरों ने तीन अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के ऐतिहासिक पदक भी पार कर दिए। इनमें 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई खेलों में जीता गया रजत पदक, 1986 के सियोल एशियाई खेलों का कांस्य पदक और 1982 में एम्स्टर्डम में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी का कांस्य पदक शामिल हैं। इस तरह सोमैया के पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर की उपलब्धियों से जुड़े चार अहम पदक एक साथ गायब हो गए हैं।
जांच के लिए पुलिस की स्पेशल टीम गठित
एक राष्ट्रीय खेल हस्ती के घर हुई इस बड़ी चोरी और ऐतिहासिक राष्ट्रीय धरोहर के गायब होने की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। इंदिरानगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों की पहचान करने, उनका सुराग लगाने और चोरी किए गए सभी पदकों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। रिहायशी इलाके में हुई इस दुस्साहसिक वारदात के बाद स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों के बीच गहरी चिंता फैल गई है।



















