व्यावसायिक कुश्ती के मंच पर कई दिग्गजों ने अपने करतब दिखाए हैं, मगर फ्रांस में जन्मे आंद्रे रेने रुसिमॉफ जैसा प्रभाव शायद ही किसी अन्य पहलवान ने छोड़ा हो। अखाड़े के भीतर जब वह कदम रखते थे, तो उनके सामने खड़े प्रतिद्वंद्वी कद और वजन के मामले में बेहद छोटे प्रतीत होते थे। उनकी शारीरिक बनावट ने उन्हें दुनिया भर के दर्शकों के बीच एक अजूबे के तौर पर स्थापित किया, जहां उनका नाम रिंग में आते ही पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता था। अपनी ताकत और विशाल डील-डौल के दम पर उन्होंने मुकाबला दर मुकाबला अपने दबदबे की ऐसी छाप छोड़ी जिसे आज भी याद किया जाता है।
शारीरिक बनावट और बीमारी की वजह
इस महान पहलवान का जन्म 19 मई 1946 को फ्रांस के ग्रेनोबल शहर में हुआ था। उनके परिवार के अन्य सभी सदस्य पूरी तरह से सामान्य कद-काठी के थे, लेकिन आंद्रे की लंबाई और शरीर का दायरा बहुत छोटी उम्र से ही अप्रत्याशित रूप से फैलने लगा था। इस असामान्य शारीरिक विकास के पीछे एक्रोमेगाली नामक चिकित्सीय विकार था, जिसके चलते शरीर के भीतर ग्रोथ हार्मोन का स्तर सामान्य सीमा से काफी ऊपर चला जाता है। वयस्क होते-होते उनकी कुल लंबाई 7 फीट 4 इंच तक पहुंच गई थी, जबकि वजन का कांटा लगभग 235 किलो दर्ज किया गया। इतना भारी वजन और असाधारण ऊंचाई के कारण उन्हें दैनिक जिंदगी में चलने-फिरने से लेकर उठने-बैठने तक कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।
रिंग में पंद्रह वर्षों तक अजेय रहने का सफर
जब मनोरंजन कुश्ती की दुनिया में भारी-भरकम और असाधारण व्यक्तित्व वाले एथलीटों की भारी मांग थी, तब विंस मैकमोहन ने आंद्रे को अपनी कंपनी के साथ जोड़ा। 1970 और 1980 के दशकों के दौरान वह सबसे बड़े सितारे के रूप में उभरे। इस दौरान उन्होंने जो सबसे चौंकाने वाला कीर्तिमान स्थापित किया, वह था लगातार 15 वर्षों तक किसी भी मुकाबले में पिनफॉल अथवा सबमिशन के माध्यम से न हारना। अपने करियर के इस सुनहरे दौर में उन्होंने कुश्ती के मंच के अलावा हॉलीवुड की फिल्मों में भी अपनी अदाकारी दिखाई। हालांकि, लगातार बढ़ती शारीरिक जटिलताओं और स्वास्थ्य संकटों के चलते वर्ष 1993 में महज 46 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
असाधारण खुराक और भोजन की मात्रा
विशालकाय कद-काठी होने की वजह से उनकी ऊर्जा संबंधी आवश्यकताएं किसी भी साधारण मनुष्य की तुलना में अत्यधिक थीं। भोजन के मामले में उनके किस्से साथी पहलवानों के बीच हमेशा चर्चा का विषय बने रहते थे। वह एक ही बार में एक किलोग्राम से भी अधिक मीट का उपभोग आसानी से कर लेते थे। कई मौकों पर जब वह रात्रिभोज या किसी समारोह में शरीक होते थे, तो अकेले ही पांच से छह व्यक्तियों का खाना समाप्त कर देते थे। उनके आसपास मौजूद लोग यह देखकर हैरान रह जाते थे कि एक आम परिवार के सात दिनों का राशन वह बिना किसी परेशानी के एक ही वक्त में खत्म कर सकते थे।
अल्कोहल सेवन से जुड़े हैरतअंगेज आंकड़े
खान-पान की विशाल मात्रा के साथ-साथ उनके शराब पीने की क्षमता भी काफी अधिक थी, जिसके चलते उन्हें द ग्रेटेस्ट ड्रंक ऑन अर्थ के नाम से भी पुकारा जाने लगा। इतने विशाल वजन और रक्त संचार के कारण सामान्य मात्रा में नशीले पदार्थों का उनके मस्तिष्क और शरीर पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता था। एक ही बैठक के दौरान उन्होंने लगभग 119 से 156 स्टैंडर्ड बीयर की बोतलें खाली करने की असाधारण मिसाल पेश की थी। इसके अतिरिक्त, एक हवाई अड्डे पर अपनी उड़ान की प्रतीक्षा करते समय महज 45 मिनट के अंतराल में 108 बीयर पी जाने का प्रसंग भी उनके इतिहास का एक अविश्वसनीय हिस्सा माना जाता है।



















