सीमित संसाधनों और छोटे कर्ज के सहारे शुरू किया गया काम भी अगर सही रणनीति से किया जाए, तो वह वक्त के साथ एक मजबूत आजीविका का जरिया बन सकता है। कमल टॉकीज क्षेत्र के निवासी खेमचंद यादव ने अपने बड़े भाई से प्रेरणा लेकर महज 50 हजार रुपये का लोन उठाया और जमीनी स्तर पर एक दुकान की नींव रखी। आज इस सफर को पूरे 15 साल बीत चुके हैं और कभी सीमित पूंजी से शुरू हुआ यह काम सालाना करीब 4 से 5 लाख रुपये के कारोबार में तब्दील हो चुका है।
सीमित पूंजी के साथ शुरुआती दौर का संघर्ष
खेमचंद यादव (जिन्हें खेमराज यादव के नाम से भी जाना जाता है) ने अपने कामकाज की शुरुआत बेहद मामूली लागत के साथ की थी। हाथ में बहुत कम रकम होने की वजह से वे दुकान में एक साथ बड़ा स्टॉक नहीं रख सकते थे। शुरुआती दिनों में उनके सामने कई तरह की व्यावहारिक और आर्थिक रुकावटें आईं, लेकिन उन्होंने काम समेटने के बजाय धैर्य बनाए रखा। कम पूंजी के दौर में उन्होंने बाजार की नब्ज टटोलने पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया और ग्राहकों की रोजाना की जरूरतों को समझकर अपनी इन्वेंट्री को धीरे-धीरे बढ़ाना शुरू किया।
त्योहार और मौसम के मुताबिक माल बदलने की रणनीति
इस कारोबार की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि यह किसी एक उत्पाद या एक निश्चित मौसम के भरोसे नहीं टिका रहा। आमतौर पर छोटे दुकानदार पूरे साल एक ही तरह के सामान पर निर्भर रहते हैं, मगर यादव ने अपनी कार्यशैली को लचीला रखा। वे हर मौसम और आने वाले पर्व के हिसाब से अपनी दुकान की सामग्री बदल देते हैं। उदाहरण के तौर पर, दीपावली के दौरान वे पारंपरिक कुर्तों और अन्य कपड़ों का बड़ा संग्रह रखते हैं, जबकि बाकी त्योहारों पर वे उस समय की खास प्राथमिकताओं और मांग के अनुरूप अलग-अलग सामान उपलब्ध कराते हैं। इस व्यवस्था की वजह से खरीदारों को हर सीजन में एक ही छत के नीचे अपनी पसंद के नए विकल्प मिल जाते हैं।
ग्राहकों का भरोसा और मांग को प्राथमिकता
यादव का मानना है कि किसी भी व्यापार को लंबे समय तक टिकाए रखने के लिए मेहनत, धैर्य और ग्राहकों का अटूट विश्वास सबसे अहम पूंजी होते हैं। बाजार में ग्राहकों की रुचि और जरूरतें हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं, बल्कि समय के साथ बदलती रहती हैं। ऐसे में दुकानदार को भी खुद को अपडेट रखना पड़ता है। वे ग्राहकों की पसंद को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और उसी हिसाब से अपने स्टॉक की योजना बनाते हैं। यही व्यावहारिक दृष्टिकोण 15 साल के इस कारोबारी सफर को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।



















