यूएस ओपन फाइनल में हार के बाद आर्यना सबालेंका ने तोड़ा रैकेट, कैमरामैन पर फूटा गुस्साब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की नाविकों के लिए विशेष आपातकालीन नेटवर्क बनाने की मांगमूलांक 2 वालों का आज चमकेगा भाग्य, करियर और रिश्तों में मिलेंगे सकारात्मक बदलावगौरव खन्ना से 10 करोड़ एलिमनी मांगने पर क्या बोलीं आकांक्षा चमोला? तलाक और ट्रोल्स पर तोड़ी चुप्पीबिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी भानु प्रताप सिंह का पारिवारिक कलह पहुंचा थाने, राजस्थान के भरतपुर में पत्नी ने काटी रातमूलांक 5 राशिफल 13 सितंबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा अपनापन और कामकाज में मिलेगी सफलतागणेश चतुर्थी पर सज गए देश के पांच प्रमुख गजानन धाम, इन खास मंदिरों में उमड़ती है भारी भीड़अजमेर के खोड़ा गणेश मंदिर का है अनोखा इतिहास, तालाब के पास ऐसे प्रकट हुई थी प्रतिमामोती डूंगरी गणेश मंदिर के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने जारी की नई गाइडलाइन, गणेश चतुर्थी पर कई रास्ते रहेंगे बंदयूएस ओपन फाइनल में हार के बाद छलका आर्यना सबालेंका का दर्द, एलीना रबाकिना के खिलाफ गंवाया ताज
सहारनपुर के किसान के 4 मियाजाकी आम 2.11 लाख रुपये में बिके, राज्यपाल देवव्रत को किए गए भेंटसक्सेस स्टोरी
6 अग॰ 2026, 12:12 pm (38 दिन पहले)· 1

सहारनपुर के किसान के 4 मियाजाकी आम 2.11 लाख रुपये में बिके, राज्यपाल देवव्रत को किए गए भेंट

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के थरौली गांव में किसान संदीप चौधरी द्वारा उगाए गए 4 मियाजाकी आम 2.11 लाख रुपये में बिके। इस रिकॉर्डतोड़ जैविक उपज को गांधीनगर राजभवन में आयोजित कार्यशाला के दौरान गुजरात के राज्यपाल देवव्रत को भेंट किया गया।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कृषि क्षेत्र के भीतर एक नया प्रयोग और रिकॉर्ड देखने को मिला है। जनपद के थरौली गांव निवासी किसान संदीप चौधरी ने एक वर्ष पूर्व अपने खेत में विश्व के सबसे महंगे माने जाने वाले मियाजाकी आम के पौधे लगाए थे। जैविक पद्धतियों का पालन करते हुए तैयार की गई इस फसल के केवल चार आमों को गुजरात के एक फल व्यापारी ने 2 लाख 11 हजार रुपये की रिकॉर्ड कीमत देकर खरीदा है। इस अभूतपूर्व बिक्री के बाद यह विशेष उपज गुजरात के राजभवन तक पहुंची, जहां गांधीनगर में आयोजित एक राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान राज्य के राज्यपाल देवव्रत को मियाजाकी और चौसा आमों की खेप भेंट की गई।

शुरुआती संदेह से लेकर ऐतिहासिक बिक्री तक का सफर

जब किसान संदीप चौधरी ने लगभग एक साल पहले अपने खेत में जापानी किस्म के मियाजाकी आम के पौधे रोपे थे, तब स्थानीय ग्रामीण और आसपास के लोग इस प्रयास को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। आम तौर पर अत्यधिक महंगी मानी जाने वाली इस प्रजाति को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मिट्टी में सफलतापूर्वक उगाना और उसकी इतनी ऊंची कीमत मिलना लोगों को एक मजाक जैसा प्रतीत होता था। हालांकि, जब फसल तैयार हुई और गुणवत्ता परखी गई, तो गुजरात के एक व्यापारी ने इन चार आमों के लिए 2.11 लाख रुपये की बोली लगाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। भारत में किसी आम की इस दर पर हुई बिक्री ने कृषि जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया और लोगों का संदेह दूर कर दिया।

ये भी पढ़ें

राजभवन गांधीनगर में विशेष संगोष्ठी और सम्मान

मियाजाकी आम की यह ऐतिहासिक सफलता और इसकी महक गुजरात के प्रशासनिक गलियारों तक पहुंची। गांधीनगर स्थित राजभवन में नन्ही परी फाउंडेशन के सौजन्य से एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला का मुख्य विषय जैविक खेती तथा कृषि क्षेत्र में AI टेक्नोलॉजी का उपयोग था। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में सहारनपुर के थरौली ग्राम पंचायत से किसान संदीप चौधरी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान संदीप चौधरी ने अपने बाग में जैविक विधि से तैयार किए गए मियाजाकी और चौसा आम गुजरात के राज्यपाल देवव्रत को सहर्ष समर्पित किए। राज्यपाल ने रिकॉर्ड 2.11 लाख रुपये में बिके उन चार मियाजाकी आमों को ग्रहण करते हुए किसान के प्रयासों की सराहना की।

जैविक कृषि और जनस्वास्थ्य पर राज्यपाल का संदेश

इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल देवव्रत ने प्राकृतिक तथा रासायनिक-मुक्त खेती के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में फसलों को उगाने के लिए घातक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग किया जा रहा है। ये जहरीले रसायन मानव शरीर के विभिन्न आंतरिक अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान पीढ़ी ने जैविक कृषि को अनिवार्य रूप से नहीं अपनाया, तो आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए स्वास्थ्यप्रद खानपान और सुरक्षित पर्यावरण छोड़ पाना संभव नहीं होगा। राज्यपाल ने संदीप चौधरी के जैविक आमों के स्वाद तथा सुगंध की प्रशंसा की और भविष्य में सहारनपुर जिले के थरौली गांव का दौरा करने का आश्वासन भी दिया। किसान संदीप चौधरी ने इस संदेश को देश भर के कृषकों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।

सवाल-जवाब

सहारनपुर के मियाजाकी आम कितने रुपये में बिके?
किसान संदीप चौधरी के उगाए 4 मियाजाकी आम गुजरात के एक व्यापारी द्वारा 2 लाख 11 हजार (2.11 लाख) रुपये में खरीदे गए।
यह आम गुजरात के राज्यपाल को कहां भेंट किए गए?
गांधीनगर स्थित गुजरात राजभवन में नन्ही परी फाउंडेशन द्वारा आयोजित जैविक खेती और AI टेक्नोलॉजी कार्यशाला के दौरान ये आम राज्यपाल देवव्रत को भेंट किए गए।
संदीप चौधरी किस गांव और जिले के निवासी हैं?
संदीप चौधरी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की ग्राम पंचायत थरौली के निवासी हैं।
जैविक खेती को लेकर राज्यपाल देवव्रत ने क्या संदेश दिया?
राज्यपाल ने कहा कि रासायनिक दवाइयां शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए भावी पीढ़ियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जैविक खेती अनिवार्य है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR