देश की प्रमुख ऊर्जा महारत्न कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था की सर्वोच्च कमान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दीपाली मासिरकर को सौंपी है। वर्ष 2008 बैच की भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी दीपाली मासिरकर ने 28 अक्टूबर 2026 को ओएनजीसी के नए कार्यकारी निदेशक और मुख्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के एक बेहद छोटे गांव कोरपना (आवलपुर) से ताल्लुक रखने वाली दीपाली ने अपनी अटूट मेहनत और शैक्षणिक योग्यता के दम पर राष्ट्रीय प्रशासनिक पटल पर यह अहम जिम्मेदारी हासिल की है। अब उनके कंधों पर देश भर में फैले संवेदनशील तेल कुओं, गैस प्रतिष्ठानों और रणनीतिक रिफाइनरियों की सुरक्षा व्यवस्था के सुचारू संचालन का पूरा दारोमदार होगा।
बचपन के एक अनुभव ने तय कर दी थी प्रशासनिक मंजिल
दीपाली मासिरकर का जन्म नागपुर में हुआ था और उनके पिता महाराष्ट्र वन विभाग में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। जब दीपाली पांचवीं कक्षा में पढ़ रही थीं, तब उनके घर एक आईएएस अधिकारी का आगमन हुआ था। उस प्रशासनिक अधिकारी के काम करने के सलीके, प्रभावशाली व्यक्तित्व और सामाजिक प्रतिष्ठा ने नन्हीं दीपाली के मन पर अमिट छाप छोड़ दी। उसी दिन उन्होंने ठान लिया था कि भविष्य में प्रशासनिक सेवा में शामिल होकर ही देश की सेवा करनी है। हालांकि स्कूली दिनों की शुरुआत में वह एक सामान्य स्तर की छात्रा थीं, लेकिन उन्होंने अपनी कमजोरी को आड़े नहीं आने दिया। कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उन्होंने कड़ी मेहनत के बल पर अपने शैक्षणिक प्रदर्शन में शानदार सुधार किया।
बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई से लेकर पहले प्रयास में यूपीएससी क्रैक करने की कहानी
बारहवीं कक्षा के बाद जब अधिकांश विद्यार्थी पारंपरिक मेडिकल या इंजीनियरिंग की राह पकड़ते हैं, तब दीपाली ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना। उन्होंने परिवार की शुरुआती असहमति के बावजूद अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए हैदराबाद से बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी की डिग्री पूरी की। विज्ञान में स्नातक करने के बाद वह प्रशासनिक सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली आ गईं। यहां उन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय 384वीं रैंक (AIR 384) हासिल कर ली। इसके साथ ही वह नागालैंड कैडर की आईपीएस अधिकारी चुनी गईं। सेवा में आने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से कानून (एलएलबी) की डिग्री ली और बाद में विश्व के जाने-माने संस्थान ‘लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स’ (एलएसई) से मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की उच्च शिक्षा हासिल कर अपनी नीतिगत समझ को और अधिक सशक्त बनाया।
नागालैंड, महाराष्ट्र से चुनाव आयोग और अब ऊर्जा क्षेत्र का मोर्चा
आईपीएस दीपाली मासिरकर का करियर बेहद विस्तृत और विविधतापूर्ण जिम्मेदारियों से भरा रहा है। नागालैंड कैडर में उन्होंने उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने नागपुर और मुंबई जैसे बड़े शहरों में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के रूप में कार्यभार संभाला। इन महानगरीय तैनातियों में उन्होंने साइबर अपराधों और जटिल आर्थिक घोटालों पर कड़ी कार्रवाई की। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय स्तर पर जनजातीय कार्य मंत्रालय में निदेशक का पद संभाला और भारत निर्वाचन आयोग में निदेशक के रूप में 2024 के लोकसभा चुनावों के सफल व शांतिपूर्ण संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब उन्हें ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी रणनीतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा का नेतृत्व सौंपा गया है।
प्रशासनिक सेवाओं में समर्पित दंपती
आईपीएस दीपाली मासिरकर का पारिवारिक जीवन भी प्रशासनिक मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पति रोहन सामंत भी भारतीय पुलिस सेवा के 2008 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं और महाराष्ट्र कैडर में तैनात हैं। दोनों अधिकारी अपनी-अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं और उच्च जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए देश की कानून व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।



















