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उत्तर प्रदेश के गोंडा में रिंग पिट और ट्रेंच तकनीक से गन्ने की फसल उगाकर शुक्ला प्रसाद कमा रहे सालाना लाखों रुपयेसक्सेस स्टोरी
2 सित॰ 2026, 8:09 am (1 घंटे पहले)· 0

उत्तर प्रदेश के गोंडा में रिंग पिट और ट्रेंच तकनीक से गन्ने की फसल उगाकर शुक्ला प्रसाद कमा रहे सालाना लाखों रुपये

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के किसान शुक्ला प्रसाद ट्रेंच और रिंग पिट विधि से 24 एकड़ में गन्ने की खेती कर प्रति सीजन 7.2 से 8.4 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के अंतर्गत आने वाले इटियाथोक विकासखंड के ढोंगही गांव में रहने वाले प्रगतिशील किसान शुक्ला प्रसाद कृषि क्षेत्र में सफलता की एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं। खेती में आधुनिक तरीकों के समायोजन, बेहतर फसल प्रबंधन और 45 वर्षों के व्यावहारिक अनुभव के दम पर उन्होंने क्षेत्र के सफल किसानों में अपनी जगह बनाई है। गन्ने की उन्नत खेती और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण उन्हें विभिन्न सरकारी आयोजनों और कृषि मेलों में कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।

पारंपरिक खेती से आधुनिक तकनीकों का सफर

शिक्षा के स्तर पर हाईस्कूल तक पढ़ाई पूरी करने के बाद शुक्ला प्रसाद शुक्ला ने खेती को ही अपने जीवन का मुख्य पेशा चुना। वह पिछले 40 से 45 वर्षों से निरंतर गन्ने की खेती से जुड़े हुए हैं। शुरुआती दौर में वह भी अन्य सामान्य किसानों की तरह पारंपरिक पद्धतियों से ही फसलों की बुआई करते थे। हालांकि, समय बीतने के साथ उन्होंने महसूस किया कि बेहतर उत्पादन के लिए नई तकनीकों को अपनाना बेहद जरूरी है। इसके बाद उन्होंने ट्रेंच विधि और रिंग पिट विधि जैसी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनी खेती में शामिल किया, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों में व्यापक सुधार देखने को मिला।

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24 एकड़ में गन्ने का विस्तार और कृषि प्रबंधन

वर्तमान समय में शुक्ला प्रसाद करीब 100 से 120 बीघा, यानी लगभग 24 एकड़ कृषि भूमि पर बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती कर रहे हैं। वह खेत में गन्ने की कई उन्नत किस्मों की बुआई करते हैं। खेती की सफलता में वह खेत की तैयारी, समय पर सिंचाई, संतुलित खाद प्रबंधन और नियमित निराई-गुड़ाई को सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि यदि सही तकनीक और समयबद्ध प्रबंधन अपनाया जाए, तो खेती में लगने वाली लागत को कम करके कुल उत्पादन को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है।

लागत, कमाई और शुद्ध मुनाफे का गणित

गन्ने की इस वैज्ञानिक खेती से होने वाली आय का ब्योरा साझा करते हुए शुक्ला प्रसाद ने बताया कि एक एकड़ भूमि में गन्ने की फसल तैयार करने में लगभग 45 से 50 हजार रुपये की लागत आती है। इसके मुकाबले प्रति एकड़ फसल बेचने पर करीब 75 से 80 हजार रुपये का कुल टर्नओवर प्राप्त हो जाता है। पूरे 24 एकड़ के रकबे के हिसाब से देखा जाए तो एक सीजन में कुल लागत 10.8 लाख रुपये से 12 लाख रुपये के बीच बैठती है। वहीं, इस पूरी फसल का कुल टर्नओवर 18 लाख रुपये से 19.2 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। इस तरह तमाम खर्चे निकालने के बाद उन्हें हर सीजन 7.2 लाख रुपये से 8.4 लाख रुपये का शुद्ध अनुमानित मुनाफा प्राप्त होता है। तैयार गन्ने की बिक्री सीधे चीनी मिलों में की जाती है, जिससे उन्हें नियमित और सुरक्षित भुगतान मिलता है, जिसने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को काफी सुदृढ़ बनाया है।

सम्मान और साथी किसानों का मार्गदर्शन

कृषि क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने और क्षेत्र के अन्य किसानों को आधुनिक कृषि प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के उपलक्ष्य में शुक्ला प्रसाद शुक्ला को कई कृषि मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। आज स्थिति यह है कि आसपास के तमाम गांवों से किसान उनके खेतों पर आकर रिंग पिट और ट्रेंच विधि से गन्ने की खेती करने की बारीकियां सीखते हैं। शुक्ला प्रसाद का कहना है कि यदि किसान पारंपरिक ढर्रे को छोड़कर वैज्ञानिक तरीके, उन्नत बीज और सही फसल प्रबंधन अपनाएं, तो गन्ने की खेती एक अत्यंत लाभदायक व्यवसाय बन सकती है।

सवाल-जवाब

शुक्ला प्रसाद गोंडा जिले में कितनी जमीन पर गन्ने की खेती करते हैं?
शुक्ला प्रसाद गोंडा जिले के ढोंगही गांव में लगभग 100 से 120 बीघा यानी करीब 24 एकड़ भूमि पर गन्ने की खेती करते हैं।
वह गन्ने की खेती के लिए किन आधुनिक प्रणालियों का उपयोग करते हैं?
वह गन्ने का उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मुख्य रूप से ट्रेंच विधि और रिंग पिट विधि का उपयोग करते हैं।
गन्ने की खेती में प्रति एकड़ कितनी लागत और टर्नओवर आता है?
एक एकड़ में खेती पर लगभग 45 से 50 हजार रुपये की लागत आती है, जिसके एवज में 75 से 80 हजार रुपये का टर्नओवर प्राप्त होता है।
24 एकड़ गन्ने की फसल से एक सीजन में कितना शुद्ध मुनाफा होता है?
24 एकड़ से 18 से 19.2 लाख रुपये के कुल टर्नओवर पर 10.8 से 12 लाख रुपये का खर्च निकालने के बाद 7.2 से 8.4 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा होता है।
शुक्ला प्रसाद अपने गन्ने की बिक्री कहां करते हैं?
वह अपने तैयार गन्ने की बिक्री सीधे चीनी मिलों में करते हैं, जिससे उन्हें नियमित और निश्चित आय प्राप्त होती है।
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