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यश सोनी की मुहिम: कोटा में शुरू हुआ स्टार्टअप अब 700 केंद्रों तक फैला, हजारों को रोजगारसक्सेस स्टोरी
10 जुल॰ 2026, 7:54 am (20 दिन पहले)· 3

यश सोनी की मुहिम: कोटा में शुरू हुआ स्टार्टअप अब 700 केंद्रों तक फैला, हजारों को रोजगार

कोटा के यश सोनी ने 2021 में सिर्फ 50 केंद्रों से एडूविज़न कंप्यूटर साक्षरता मिशन की शुरुआत की थी, जो अब देशभर में 700 से ज्यादा सेंटरों तक पहुंच चुका है और हजारों युवाओं को रोजगार दे रहा है।

कोटा के एक युवा उद्यमी यश सोनी ने साबित कर दिया है कि सही सोच और लगातार मेहनत से एक छोटा-सा आइडिया भी हजारों लोगों की जिंदगी बदल सकता है। कोचिंग सिटी के नाम से मशहूर कोटा में यश सोनी ने डिजिटल साक्षरता और हुनर विकास के क्षेत्र में एक ऐसा स्टार्टअप खड़ा किया है, जो आज महज 50 केंद्रों से बढ़कर 700 से ज्यादा ट्रेनिंग सेंटरों के विशाल नेटवर्क में बदल चुका है। इस मिशन के जरिए देशभर के हजारों युवाओं को रोजगार मिल रहा है और कोटा को कोचिंग सिटी के अलावा अब स्किल डेवलपमेंट के हब के तौर पर भी पहचान मिल रही है।

आईटी से हटकर नए सेक्टर में कदम

यश सोनी ने 2021 में एडूविज़न कंप्यूटर साक्षरता मिशन नाम से इस स्टार्टअप की नींव रखी थी। शुरुआती दिनों में उन्होंने आईटी सेक्टर में हाथ आजमाया, लेकिन वहां उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हार मानने की बजाय उन्होंने अपनी पूरी रणनीति बदलने का फैसला किया और ब्यूटी, होटल मैनेजमेंट और टीचर ट्रेनिंग जैसे तेजी से उभर रहे सेक्टरों में स्किल डेवलपमेंट के कोर्स शुरू किए। कोटा जैसे शहर में, जहां लोग परंपरागत रूप से सिर्फ स्कूली पढ़ाई और कोचिंग को ही तरजीह देते आए हैं, वहां हुनर विकास जैसे नए मॉडल को स्वीकार करवाना आसान काम नहीं था। शुरुआत में लोगों को इस मॉडल की उपयोगिता समझाना एक बड़ी चुनौती रही, लेकिन धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ता गया और यह मॉडल एक बड़े जन आंदोलन की शक्ल लेने लगा।

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iStart से मिला बड़ा सहारा

अगस्त 2023 यश सोनी के इस सफर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसी महीने वे राजस्थान सरकार के स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम iStart से जुड़े। इस प्लेटफॉर्म से मिली गाइडेंस और इनक्यूबेशन सपोर्ट ने उनके बिजनेस को कई गुना रफ्तार दे दी। यश सोनी खुद मानते हैं कि iStart की मदद और उनकी समर्पित टीम की मेहनत के बिना आज पूरे भारत में 700 से ज्यादा सेंटर उनसे जुड़कर युवाओं को हुनरमंद बनाने का काम नहीं कर पाते। सरकारी मंच से मिला यह सहयोग उनके लिए सिर्फ फंडिंग नहीं बल्कि सही दिशा और नेटवर्क बनाने में भी बेहद कारगर साबित हुआ।

ट्रेनिंग के बाद नौकरी न मिलने की समस्या हुई दूर

मार्केट में सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि छात्रों को ट्रेनिंग तो मिल जाती थी, लेकिन ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें सही नौकरी नहीं मिल पाती थी। यश सोनी ने इस गैप को खत्म करने के लिए एक खास एफिलिएशन प्रोग्राम तैयार किया और सभी सेंटरों की सख्ती से मॉनिटरिंग सुनिश्चित की। जो छात्र पहले से ट्रेंड हैं, उनके लिए स्किल इंडिया के मानकों के हिसाब से मॉडिफाई कोर्स भी करवाए जाते हैं, ताकि वे सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नौकरी और वीजा फैसिलिटी के लिए योग्य बन सकें। इस तरह ट्रेनिंग और रोजगार के बीच की खाई को पाटने की कोशिश की गई है, जो पहले इस सेक्टर की सबसे बड़ी कमजोरी मानी जाती थी।

कोटा जिले से निकले 3000 से ज्यादा प्रशिक्षित शिक्षक

यश सोनी की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले कोटा जिले में उन्होंने टीचर ट्रेनिंग कोर्स के जरिए 3000 से ज्यादा छात्रों को प्रशिक्षित किया है। वे इस पूरी कामयाबी का श्रेय पूरी तरह से कोटा शहर को देते हैं। उनका कहना है कि उनकी जड़ें इसी शहर से जुड़ी हैं, इसलिए यहां के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के इस मिशन में उनकी पूरी 100 फीसदी मेहनत और लगाव लगा हुआ है।

अब देशभर में विस्तार की तैयारी

यश सोनी अब यहीं नहीं रुकना चाहते। वे अपने नेटवर्क को और तेजी से बड़ा करने की दिशा में जुटे हुए हैं, ताकि देश के हर कोने के युवा हुनर सीखकर आत्मनिर्भर बन सकें। 50 केंद्रों से शुरू हुआ यह सफर आज 700 से ज्यादा सेंटरों के नेटवर्क तक पहुंच चुका है, और आने वाले समय में यह आंकड़ा और भी बड़ा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

सवाल-जवाब

यश सोनी के स्टार्टअप का नाम क्या है?
उनके स्टार्टअप का नाम एडूविज़न कंप्यूटर साक्षरता मिशन है।
यह स्टार्टअप कब शुरू हुआ था?
यश सोनी ने इसकी शुरुआत 2021 में की थी।
शुरुआत में कितने सेंटर थे और अब कितने हैं?
शुरुआत में सिर्फ 50 केंद्र थे, जो अब बढ़कर 700 से ज्यादा हो चुके हैं।
यश सोनी iStart प्रोग्राम से कब जुड़े?
वे अगस्त 2023 में राजस्थान सरकार के स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम iStart से जुड़े।
कोटा जिले में कितने छात्रों को टीचर ट्रेनिंग दी गई है?
अकेले कोटा जिले में 3000 से ज्यादा छात्रों को टीचर ट्रेनिंग कोर्स के जरिए प्रशिक्षित किया गया है।
यह स्टार्टअप किन सेक्टरों में स्किल कोर्स कराता है?
यह ब्यूटी, होटल मैनेजमेंट और टीचर ट्रेनिंग जैसे सेक्टरों में स्किल डेवलपमेंट कोर्स कराता है।
ट्रेनिंग के बाद रोजगार कैसे सुनिश्चित किया जाता है?
इसके लिए एक खास एफिलिएशन प्रोग्राम और सेंटरों की सख्त मॉनिटरिंग की व्यवस्था बनाई गई है।
क्या ट्रेंड छात्रों को अंतरराष्ट्रीय नौकरी के लिए भी तैयार किया जाता है?
हां, पहले से ट्रेंड छात्रों के लिए स्किल इंडिया मानकों के अनुसार मॉडिफाई कोर्स कराए जाते हैं ताकि वे विदेश में नौकरी और वीजा फैसिलिटी के लिए योग्य बन सकें।
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