उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्र नैनीताल में किराए के दोपहिया वाहनों को लेकर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। पहाड़ी रास्तों पर घूमने आने वाले सैलानी अक्सर रेंटल बाइक लेकर दर्शनीय स्थलों की यात्रा करते हैं, लेकिन अब यातायात और परमिट नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान यातायात नियमों की अवहेलना करने पर कुल 258 दोपहिया वाहनों के चालान काटे गए, जबकि 73 वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर मनमानी करने वाले वाहन चालकों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
पीली नंबर प्लेट वाले वाहनों पर नए प्रतिबंध
जिले में रेंटल बाइकों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए नए दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। नैनीताल पुलिस के अनुसार, पीली नंबर प्लेट वाले टैक्सी दोपहिया वाहनों को पर्यटक खुद नहीं चला सकेंगे। ऐसे वाहनों के संचालन के लिए एक अधिकृत चालक का साथ में होना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही कैंची धाम जाने वाले मार्ग पर भी दोपहिया वाहनों और रेंटल बाइकों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और पर्वतीय मार्गों पर जाम या दुर्घटनाओं का खतरा न बढ़े।
अवैध रेंटल कारोबार पर सीधी कार्रवाई
प्रशासन उन लोगों के खिलाफ भी सख्त रुख अपना रहा है जो बिना वैध अनुमति के अपने निजी दोपहिया वाहनों को किराए पर दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ वाहन पर टैक्सी वाली पीली नंबर प्लेट लगा देना ही पर्याप्त नहीं माना जाएगा, बल्कि उसके लिए विधिवत रेंटल परमिशन और आवश्यक कागजात होने अनिवार्य हैं। अवैध रूप से व्यावसायिक संचालन करने वाले ऑपरेटरों की पहचान कर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। टैक्सी, स्कूल वाहनों और सामान्य बाइक चालकों सभी के लिए निर्धारित सुरक्षा और परिवहन मानकों का पालन करना अनिवार्य बना दिया गया है।


















