पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में काली पूजा के पावन अवसर पर सुरक्षा एजेंसियों को उस समय एक बड़ी कामयाबी और चुनौती का सामना करना पड़ा, जब एक स्थानीय जनप्रतिनिधि की गौशाला से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और आम नागरिकों के बीच दहशत का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उच्चाधिकारियों को सूचित किया और मौके पर विशेष दस्तों को रवाना किया।
प्लास्टिक जार और टोकरी में छुपाए गए थे बम और कारतूस
पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज मामला मंतेश्वर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शाहजादपुर गांव का है। रविवार के दिन पुलिस को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर बामुनपाड़ा पंचायत क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के पंचायत सदस्य अबुल कासेम शेख की निजी गौशाला में अचानक छापेमारी की गई। इस तलाशी अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों को वहां रखे एक प्लास्टिक के जार के अंदर से चार खतरनाक जिंदा बम और एक अन्य टोकरी से तीन बंदूक के जिंदा कारतूस बरामद हुए। इस प्रकार की विस्फोटक सामग्री का इस तरह सार्वजनिक स्थान के पास मिलना गंभीर सुरक्षा चिंताओं को जन्म देता है।
बम निरोधक दस्ते ने नदी किनारे किया निष्क्रिय
स्थिति की अत्यधिक नाजुकता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत दुर्गापुर से विशेष बम निरोधक दस्ते को घटनास्थल पर तलब किया। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भातार से दमकल विभाग की एक टीम और मंतेश्वर ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम को भी मौके पर तैनात किया गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच पुलिस की कड़ी निगरानी में गांव के पश्चिमी छोर पर बहने वाली खड़ी नदी के किनारे इन चारों जिंदा बमों को बेहद सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
परिवार के सभी सदस्य फरार, पुलिस तलाश में जुटी
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पंचायत सदस्य अब्दुल हमीद शेख के घर के सभी सदस्य इस घटना के सामने आने के बाद से अपने घर से फरार हैं और पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस बात की गहराई से छानबीन कर रही हैं कि आखिर इस गौशाला के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में बम और कारतूस किस दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य के तहत छिपाए गए थे और इस आपराधिक षड्यंत्र के पीछे वास्तविक रूप से कौन लोग शामिल हैं। हालांकि इस मामले में अब तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
पश्चिम बंगाल में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
राज्य में इस प्रकार की घटनाएं पहले भी चिंता का विषय रही हैं। इससे पहले हाल ही में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले भी बेलडांगा थाना क्षेत्र के नौपुकुरिया इलाके में एक झील के किनारे भीषण विस्फोट होने से भारी दहशत फैल गई थी। उस धमाके की आवाज इतनी तीव्र थी कि आसपास के ग्रामीण भयभीत होकर घरों से बाहर निकल आए थे और आसमान में धुएं का गुबार छा गया था। इसके अलावा कोलकाता एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट के टॉयलेट के शीशे पर बम होने की धमकी लिखे मिलने जैसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती रही हैं।



















