डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप बेहद गंभीर रूप ले चुका है, जहां आधिकारिक घोषणा के तीन महीने से भी कम समय के भीतर मौतों की संख्या 2 हजार के आंकड़े को पार कर गई है। पिछले 20 दिनों में संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज हुई है कि इस अवधि में 1 हजार से अधिक मरीजों ने अपनी जान गंवा दी। मंगलवार तक कांगो के 5 अलग-अलग प्रांतों में इबोला संक्रमण के कुल 4 हजार 381 मामलों की पुष्टि की जा चुकी है, जिनमें से कुल 2 हजार 11 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
कांगो में हाल के हफ़्तों में मौतों का तेज़ी से बढ़ता आंकड़ा
मध्य अफ्रीकी देश कांगो में इबोला संक्रमण की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी के आधिकारिक ऐलान के बाद शुरुआती हफ़्तों की तुलना में बीते तीन सप्ताह में मौतों की संख्या दोगुनी गति से बढ़ी है। इससे पहले मई महीने में सामने आए आंकड़ों में पूर्वी कांगो में इबोला के 900 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे और लगभग 119 संदिग्ध मौतों की सूचना मिली थी। हालांकि, पिछले कुछ हफ़्तों के भीतर संक्रमण का प्रसार इतनी तेज़ी से हुआ है कि प्रभावित प्रांतों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है और कुल मामलों की संख्या 4 हजार 381 तक पहुंच गई है।
दस वर्षों में देश का सबसे भयावह स्वास्थ्य संकट
सेंट्रल अफ्रीका के इस देश में फैला इबोला प्रकोप पिछले 10 वर्षों के दौरान कांगो का दूसरा सबसे बड़ा और सबसे तेज़ी से फैलने वाला वायरस संक्रमण बन गया है। इससे पहले पश्चिमी अफ्रीका में वर्ष 2014 से 2016 के बीच इबोला का ऐतिहासिक रूप से सबसे बड़ा कहर देखने को मिला था, जिसमें 11 हजार 310 लोगों की जान चली गई थी। मौजूदा स्थिति की तुलना उस संकट से की जा रही है, क्योंकि संक्रमण की दर लगातार बढ़ रही है और स्थानीय चिकित्सा व्यवस्था पर भारी दबाव बन रहा है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की तत्काल मदद की अपील
महामारी के इस विकराल रूप को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई की मांग उठने लगी है। संयुक्त राष्ट्र के इमरजेंसी रिलीफ कोऑर्डिनेटर की ओर से नियुक्त सीनियर इबोला कोऑर्डिनेटर जूलियन हार्नीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बिगड़ते हालात की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि इस महामारी में हुई कुल मौतों में से आधी मौतें केवल पिछले 20 दिनों के भीतर दर्ज की गई हैं।
"लोगों की जान बचाने और इबोला वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सभी राहतकर्मियों, सरकारों और दानदाताओं को आज ही से मिलकर कदम उठाने होंगे।": जूलियन हार्नीस
उन्होंने वैश्विक समुदाय, स्वयंसेवी संगठनों और सरकारों से अपील की है कि वे बिना किसी देरी के राहत कार्यों में तेज़ी लाएं ताकि इस जानलेवा वायरस के फैलाव को रोका जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली और फ्रंटलाइन टीमों की ट्रेनिंग
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने और संक्रमण चक्र को तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर ज़मीनी प्रयास कर रहा है। संगठन ने X पर दी गई जानकारी में बताया कि उसने स्थानीय प्रसूति वार्ड के सुचारू संचालन के लिए 20 मेडिकल बेड दान किए हैं। इसके साथ ही ज़मीनी स्तर पर काम करने वाली टीमों को सशक्त बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ ने 100 हाइजीनिस्ट, 100 सर्विलांस और आईपीसी (संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण) अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया है। इसके अलावा 4 डिकॉन्टमिनेशन टीमों और 2 सुरक्षित अंतिम संस्कार करने वाली टीमों को भी तैयार किया गया है। डब्ल्यूएचओ ने उपलब्ध सभी संसाधनों को झोंकने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
लीटा इलाज केंद्र में बेड की क्षमता दोगुनी करने की तैयारी
स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से कांगो के लीटा शहर में स्थित इलाज केंद्र की क्षमता में विस्तार किया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ की घोषणा के अनुसार, लीटा उपचार केंद्र की शुरुआती 40 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 80 बेड किया जा रहा है। इस विस्तार कार्य में स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ कई अंतरराष्ट्रीय मानवीय साझेदार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इनमें यूनिसेफ, अलिमा, वर्ल्ड फूड प्रोग्राम और मोनुस्को जैसे प्रमुख संगठन शामिल हैं। इन संयुक्त प्रयासों से गंभीर मरीजों को समय पर सही उपचार उपलब्ध कराने की उम्मीद है।



















