दुर्गा पूजा और आगामी त्योहारी सीजन की हलचल के बीच बिहार के जहानाबाद जिले में अवैध शराब के बड़े नेटवर्क के खिलाफ पुलिस को अहम कामयाबी मिली है। घोसी थाना क्षेत्र के धामापुर मोड़ के पास नाकेबंदी कर वाहनों की पड़ताल कर रही पुलिस टीम ने एक मालवाहक ट्रक को रोककर भारी मात्रा में शराब बरामद की। तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स और जूतों की बोरियों के नीचे शराब छिपा रखी थी, लेकिन गहन तलाशी के दौरान पूरी साजिश बेनकाब हो गई। पुलिस ने मौके से ही दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
कोल्ड ड्रिंक और जूतों के बीच छिपाई गई थी खेप
त्योहारों के मद्देनजर अवैध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। इसी अभियान के दौरान पुलिस को पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी कि एक बड़े ट्रक के जरिए जहानाबाद के रास्ते शराब की एक विशाल खेप किसी गुप्त ठिकाने पर पहुंचाई जा रही है। इस इनपुट के आधार पर घोसी थाना पुलिस ने धामापुर मोड़ के रणनीतिक बिंदु पर मोर्चा संभाला और वहां से गुजरने वाले संदिग्ध वाहनों की सघन जांच शुरू की।
जांच के क्रम में जब एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई, तो उसके भीतर का नजारा देखकर जांच अधिकारी भी दंग रह गए। तस्करों ने पकड़े जाने के डर से बेहद शातिराना योजना बनाई थी। उन्होंने 125 कार्टन में रखी कुल 10021 लीटर विदेशी शराब को कोल्ड ड्रिंक के पैकेटों और जूतों की बड़ी-बड़ी बोरियों के नीचे करीने से छिपा दिया था। गिनती करने पर इन पेटियों से विभिन्न ब्रांड की 1719 बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से शराब से लदे इस ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया और माल को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जब्त की गई यह पूरी शराब पंजाब में निर्मित है।
दो आरोपी गिरफ्तार, लग्जरी कार भी जब्त
ट्रक में मौजूद दो शातिर शराब तस्करों को पुलिस ने उसी स्थान पर दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों में सरिस्ताबाद गांव का रहने वाला मुन्ना कुमार और काको थाना क्षेत्र के अंतर्गत सातनपुर गांव का निवासी अजीत कुमार शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मामले की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए एसपी कोटा किरण कुमार ने स्पष्ट किया कि गुप्त सूचना के आधार पर धामापुर मोड़ पर वाहन जांच अभियान चलाया गया था। इस दौरान ट्रक से 1719 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई और दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही इस पूरे ऑपरेशन में एक लग्जरी कार को भी जब्त किया गया है।
नालंदा में हुई फायरिंग से भी जुड़ रहे हैं तार
जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले के आगे और पीछे के नेटवर्क यानी बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पंजाब से बिहार तक यह अवैध शराब किस रूट से लाई गई और स्थानीय स्तर पर इसे किन वितरकों तक पहुंचाया जाना था।
इसके अलावा जांच अधिकारी इस दृष्टिकोण से भी पड़ताल को आगे बढ़ा रहे हैं कि क्या इस खेप का संबंध नालंदा जिले में उत्पाद विभाग की टीम पर हुई हालिया गोलीबारी की वारदात से तो नहीं है। संदेह जताया जा रहा है कि कहीं इसी नेटवर्क या वाहन के सहारे उस इलाके में भी शराब पहुंचाने की तैयारी तो नहीं की गई थी। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह में शामिल अन्य सरगनाओं और पूरे सिंडिकेट के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।























