कांच की खूबसूरत चूड़ियों के लिए दुनिया भर में पहचानी जाने वाली उत्तर प्रदेश की सुहागनगरी फिरोजाबाद अब हस्तशिल्प और सजावटी उत्पादों के एक बड़े केंद्र के रूप में तेजी से उभर रही है। त्योहारों का समय आते ही यहां के कांच बाजार में खरीदारों और व्यापारियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस बार दीपावली के मौके पर पारंपरिक मोमबत्ती स्टैंड, खूबसूरत टेबल लैंप, हैंगिंग लैंप और कपूरदानी की जबर्दस्त मांग देखने को मिल रही है। पूरे देश के घरों को रोशन करने के लिए स्थानीय हुनरमंद कारीगर दिन-रात काम करके इन सजावटी उत्पादों को तैयार करने में जुटे हैं।
कारीगरों के हाथों की नक्काशी और देश भर से मिले लाखों के ऑर्डर
फिरोजाबाद के सुहाग नगर इलाके में कांच के हैंडीक्राफ्ट उत्पाद तैयार करने वाले कारोबारी ऋषभ भारद्वाज के अनुसार, इस साल का त्योहारी कारोबार पिछले कई वर्षों की तुलना में काफी शानदार साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार दिल्ली, मुंबई, गुजरात, राजस्थान और कोलकाता जैसे प्रमुख राज्यों और महानगरों से लाखों रुपये के थोक ऑर्डर मिल रहे हैं। इस बढ़ते कारोबार से न केवल बड़े व्यापारियों को लाभ मिल रहा है, बल्कि उनके कारखानों और कार्यशालाओं में काम करने वाले दर्जनों स्थानीय कारीगरों को भी भरपूर रोजगार और बेहतरीन मुनाफा मिल रहा है।
बाजार के रुझानों के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा मांग कपूरदानी और कैंडल लाइट की दर्ज की जा रही है। लोग दीपावली पर धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और घर के आंगन को सजाने के लिए इन खास कांच के बर्तनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके साथ ही नक्काशीदार हैंगिंग लैंप भी ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं, जिनका उपयोग लोग अपने ड्रॉइंग रूम, मुख्य दरवाजों और बालकनी की खूबसूरती बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। कांच पर की गई बारीक कारीगरी रोशनी पड़ते ही अद्भुत छटा बिखेरती है।
80 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये तक में उपलब्ध हैं उत्पाद
हस्तशिल्प कारोबारियों ने बताया कि इन उत्पादों की कीमत हर वर्ग के खरीदार की जेब को ध्यान में रखकर तय की गई है। बाजार में सबसे शुरुआती सजावटी आइटम 80 रुपये से शुरू होते हैं, जबकि विशेष रूप से तैयार किए गए प्रीमियम हैंडीक्राफ्ट लैंप 2,000 रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। कारीगर इन कांच के लैंपों और दीयों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए उन पर रंग-बिरंगे नग, चमकदार मोती और विभिन्न सजावटी सामग्री जड़ते हैं। जब इनके भीतर आंतरिक लाइटिंग जलती है, तो कांच और नगीनों का समन्वय पूरे कमरे को भव्य रूप देता है।
ऋषभ भारद्वाज बताते हैं कि आधुनिक समय में लोग केवल प्लास्टिक या चीनी इलेक्ट्रिक झालरों पर निर्भर रहने के बजाय पारंपरिक और कलात्मक कांच की रोशनी से अपने घरों को सजाना अधिक पसंद कर रहे हैं। कांच की पारदर्शिता और कारीगरी से निकलने वाला प्रकाश घर को एक राजसी और सात्विक माहौल देता है। इसके अलावा कांच के ये सजावटी उत्पाद काफी टिकाऊ होते हैं और सही रखरखाव के साथ कई वर्षों तक अपनी चमक बनाए रखते हैं, जिससे ग्राहकों को हर साल नए उत्पाद खरीदने की मजबूरी नहीं रहती।


















