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गुरुग्राम के आईएएस अफसर डी. सुरेश पर भ्रष्टाचार के दो मामले दर्ज, हाईकोर्ट से मिली आंशिक राहतअपराध
1 सित॰ 2026, 8:28 am (67 दिन पहले)· 3

गुरुग्राम के आईएएस अफसर डी. सुरेश पर भ्रष्टाचार के दो मामले दर्ज, हाईकोर्ट से मिली आंशिक राहत

हरियाणा के गुरुग्राम में प्लॉट आवंटन में अनियमितता के मामले में एसीबी ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डी. सुरेश और अन्य पर दो एफआईआर दर्ज की हैं। हालांकि, उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से गिरफ्तारी के मामले में राहत मिल गई है।

हरियाणा के गुरुग्राम में प्लॉटों के अनियमित आवंटन से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इस बात की आधिकारिक जानकारी सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दी गई है। यह कानूनी कार्रवाई एक ऐसे समय पर सामने आई है जब संबंधित अधिकारी अपनी सरकारी सेवा के अंतिम पड़ाव यानी रिटायरमेंट के दिन का सामना कर रहे थे।

हाईकोर्ट से मिली गिरफ्तारी के संबंध में राहत

सोमवार को ही जब अधिकारी अपने सेवानिवृत्ति दिवस पर थे, तब उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से कुछ कानूनी राहत भी प्राप्त हुई। अदालत में यह आश्वासन दिया गया है कि यदि इस संपूर्ण जांच प्रक्रिया के दौरान याचिकाकर्ता की पुलिस हिरासत की आवश्यकता पड़ती है, तो उन्हें गिरफ्तार करने से कम से कम सात दिन पूर्व एक औपचारिक नोटिस जारी किया जाएगा, जिससे उन्हें उचित कानूनी कदम उठाने का अवसर मिल सके।

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अलग-अलग तारीखों में दर्ज हुई दो एफआईआर

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे मामले में पहली प्राथमिकी 26 अगस्त को कुल चार नामजद आरोपियों के खिलाफ पंजीकृत की गई थी। इस पहली सूची में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डी. सुरेश का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। इसके ठीक अगले दिन यानी 27 अगस्त को एक स्थानीय निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दूसरी प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई। इस दूसरी एफआईआर में आईएएस अधिकारी के साथ-साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के चार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा तीन अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इन तीन अन्य लोगों की श्रेणी में एक स्थानीय स्तर का प्रॉपर्टी डीलर और एक राजनीतिक नेता भी शामिल हैं।

सेक्टर-23 के प्लॉटों के पुनर्वंटन का है मामला

गुरुग्राम भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह पूरा कानूनी विवाद गुरुग्राम के सेक्टर-23 में स्थित दो विशिष्ट प्लॉटों के अवैध और अनियमित पुनर्वंटन से जुड़ा हुआ है। ये दोनों प्लॉट पहले ही किसी अन्य को आवंटित किए जा चुके थे, जिन्हें बाद में नियमानुसार वापस लेकर दोबारा से दूसरों को आवंटित कर दिया गया था। जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा विवादास्पद आवंटन तब किया गया था जब डी. सुरेश हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। ब्यूरो ने इन सभी तथ्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और इस पूरे प्रकरण की गहराई से विस्तृत जांच अभी भी लगातार जारी है।

सवाल-जवाब

यह मामला किस शहर से जुड़ा है?
यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम शहर के सेक्टर-23 से जुड़ा है।
किनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है?
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डी. सुरेश, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
कितनी एफआईआर दर्ज हुई हैं?
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
एफआर्ईआर कब दर्ज की गईं?
पहली एफआईआर 26 अगस्त को और दूसरी एफआईआर 27 अगस्त को दर्ज की गई।
हाईकोर्ट से क्या राहत मिली है?
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आश्वासन दिया है कि हिरासत की जरूरत पड़ने पर सात दिन पहले नोटिस दिया जाएगा।
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