फ्रांस के छह शहरों से अतिरिक्त 55,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है, क्योंकि देश भर में तबाही मचाने वाली जंगल की आग ने अब अपनी रफ्तार काफी तेज कर दी है। निकासी का यह सबसे हालिया और बड़ा कदम बोर्डो के दक्षिण में स्थित गिरोंड क्षेत्र के शहरों में उठाया गया है। पिछले एक हफ्ते के दौरान पूरे यूरोप में, मुख्य रूप से फ्रांस और स्पेन में भीषण आग धधक रही है, जिसके चलते अब तक 330,000 से अधिक लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
फ्रांस में जंगलों की आग का ऐतिहासिक पैमाना
फ्रांस इस समय दशकों के सबसे भीषण आग के संकट से जूझ रहा है, जिससे वहां की आपातकालीन सेवाएं अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। वन और दमकल अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, इस मौजूदा संकट में अब तक लगभग 42,000 हेक्टेयर का विशाल वन क्षेत्र जलकर पूरी तरह से खाक हो चुका है। इतनी बड़ी मात्रा में जंगलों का नष्ट होना इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से देश में लगी सबसे बड़ी जंगली आग में से एक बनाता है। इस आपदा का पैमाना तब और अधिक स्पष्ट हो जाता है जब हम इस साल के कुल आंकड़ों पर नजर डालते हैं। जनवरी की शुरुआत से अब तक पूरे फ्रांस में लगभग 98,000 हेक्टेयर क्षेत्र आग की भेंट चढ़ चुका है। अत्यधिक सूखे और लंबे समय से बारिश न होने के कारण जंगलों की सूखी झाड़ियों ने ईंधन का काम किया है, जिससे एक छोटी सी चिंगारी भी कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले रही है।
आग के बवंडर और मौसम की भीषण चुनौतियां
इस आग का व्यवहार इतना अप्रत्याशित और आक्रामक है कि इसने मैदान पर तैनात अनुभवी दमकलकर्मियों को भी हैरत में डाल दिया है। अग्निशमन अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों में से एक, कैप्टन निकोलस ब्राज़ ने बताया कि आग की भीषण गर्मी ने अपना खुद का हवा का तंत्र तैयार कर लिया है, जिसमें खतरनाक घूमते हुए चक्रवाती बवंडर भी शामिल हैं। उन्होंने इस स्थिति को बेहद अनियंत्रित, अनपेक्षित और कठिन करार दिया है। सूखे पेड़-पौधे और अचानक चलने वाली तेज हवाएं इस आग को और तेजी से भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे सुरक्षा घेरे को पार कर चिंगारियां नए इलाकों में पहुंच रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को बड़ा कदम उठाना पड़ा है। स्पेन को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग A63 मोटरवे के 60 किलोमीटर (37 मील) लंबे हिस्से को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण मार्ग के बंद होने से न केवल लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में बाधा आ रही है, बल्कि दोनों देशों के बीच होने वाला व्यापारिक और सामान्य यातायात भी पूरी तरह ठप हो गया है।
सरकारी प्रयास और पुनर्निर्माण का भरोसा
इस अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए फ्रांस की सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है ताकि लोगों की जान और माल की रक्षा की जा सके। ला ट्रिब्यून अखबार में प्रकाशित एक साक्षात्कार में फ्रांस के आंतरिक मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने स्थिति की गंभीरता को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस भीषण आग पर पूरी तरह काबू पाने में अभी लंबा समय लगेगा। नुनेज़ ने यह भी साफ कर दिया कि जब तक आग को पूरी तरह से नियंत्रित नहीं कर लिया जाता, तब तक सुरक्षित निकाले गए स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को अपने घरों या होटलों में वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दमकलकर्मियों की मदद के लिए फ्रांस ने अपनी सेना को भी मोर्चे पर उतार दिया है। सेना के जवानों को आपातकालीन टीमों के साथ जोड़ा गया है, जो जंगलों में सूखी झाड़ियों को साफ करने और आग के प्रसार को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा घेरा (फायर ब्रेक) बनाने का कठिन काम कर रहे हैं। इस संकट के बीच, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त किया है कि देश इस तबाही से उबरकर दोबारा खड़ा होगा। उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार इस संकट से पूरी तरह बाहर निकलने तक हर संभव मदद के लिए मुस्तैदी से खड़ी रहेगी।
स्पेन में भी आग का भयंकर तांडव
फ्रांस में जारी संकट के बीच, पड़ोसी देश स्पेन भी कई प्रांतों में एक जैसी भीषण आपदा का सामना कर रहा है। स्पेन के विभिन्न हिस्सों में आग लगातार फैलती जा रही है, जिसके कारण मैड्रिड और अवीला के आसपास के क्षेत्रों से अब तक 90,000 से अधिक लोगों को उनके घरों से सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। शनिवार देर रात को स्थिति और बिगड़ गई जब प्रशासन को टोलेडो के पास के कम से कम आठ नगर निकायों को तुरंत खाली कराने का आदेश देना पड़ा। अचानक पैदा हुए इस खतरे के कारण इन क्षेत्रों से निकाले गए लोगों की सटीक संख्या अभी तक आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आ पाई है। रविवार के मौसम के अनुमानों ने राहत कार्यों में जुटे दलों की चिंता को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने भारी तापमान और हवा में बेहद कम नमी की चेतावनी जारी की है, जो आग को और तेजी से फैलाने के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है। मैड्रिड की क्षेत्रीय अध्यक्ष इसाबेल डियाज़ आयूसो ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए इसे अपने क्षेत्र के इतिहास की सबसे भयावह आग घोषित किया है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने भी देश को संबोधित करते हुए माना कि आने वाला समय बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है। संपत्तियों के नुकसान और बड़े पैमाने पर विस्थापन के बीच, इस आपदा में मानवीय क्षति भी दर्ज की गई है। वालेंसिया के अधिकारियों ने आग की चपेट में आने से एक नागरिक की मौत की पुष्टि की है, जो इस जलवायु संकट की भयावहता को रेखांकित करता है।



















