स्ट्रीट फूड के शौकीनों के बीच मोमोज की दीवानगी अब किसी खास उम्र तक सीमित नहीं रही है। ताजनगरी आगरा में भी शाम ढलते ही विभिन्न चौराहों, मुख्य बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों के फूड स्टॉल्स पर मोमोज के शौकीनों की भारी मौजूदगी देखने को मिलती है। इसी कड़ी में शहर के शास्त्रीपुरम क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट अपने अनोखे पनीर कॉर्न मोमोज के चलते इन दिनों काफी चर्चा बटोर रहा है। पारंपरिक वेज या साधारण मोमोज से अलग, यहां तैयार होने वाले मोमोज में ताजा पनीर और अमेरिकन कॉर्न का खास मिश्रण भरा जाता है, जिससे इसका जायका बेहद अनूठा हो जाता है।
शास्त्रीपुरम के रेस्टोरेंट पर उमड़ती ग्राहकों की भीड़
शास्त्रीपुरम स्थित इस फूड पॉइंट पर केवल आसपास के स्थानीय निवासी ही नहीं, बल्कि शहर के दूसरे छोर से भी लोग विशेष रूप से इसका स्वाद लेने पहुंच रहे हैं। जहां आम तौर पर मोमोज को सिर्फ कॉलेज जाने वाले युवाओं की पसंद माना जाता रहा है, वहीं यहां परिवार, बड़े-बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते नजर आते हैं। मोमोज के साथ परोसी जाने वाली तीखी, चटपटी लाल चटनी और संतुलित मसाले इसके स्वाद को और अधिक उभार देते हैं। इसी वजह से शाम होते ही इस दुकान के बाहर ग्राहकों का तांता लग जाता है।
धीमी आंच पर स्टीमिंग और अमेरिकन कॉर्न की खास फिलिंग
इस स्ट्रीट स्नैक की सबसे बड़ी खूबी इसकी स्टफिंग और बनाने का व्यवस्थित तरीका है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले बारीक कटे हुए ताजा पनीर और अमेरिकन कॉर्न को खास मसालों के साथ मिलाया जाता है। भरावन तैयार होने के बाद इसे पतली मैदे की परत में सावधानी से लपेटा जाता है। इसके बाद इन्हें धीमी आंच पर भाप में पकाया जाता है। धीमी आंच पर स्टीम किए जाने के कारण मोमोज की बाहरी परत काफी मुलायम बनी रहती है और अंदर भरा पनीर तथा कॉर्न अपनी बनावट और स्वाद को पूरी तरह सुरक्षित रखता है।
दुकानदार संतोष कुमार बघेल का कहना है कि वे गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करते और मोमोज में पर्याप्त मात्रा में फ्रेश पनीर और कॉर्न का ही इस्तेमाल करते हैं। उनका मानना है कि ताजी सामग्री और संतुलित मसालों का सही अनुपात ही इन मोमोज को बाजार के बाकी विकल्पों से अलग बनाता है, जिसके कारण ग्राहक लगातार खिंचे चले आते हैं।
नियमित ग्राहकों की जुबानी अनोखा स्वाद
यहां नियमित रूप से आने वाले ग्राहकों में जितेंद्र कुमार भी शामिल हैं, जो इस स्वाद के पक्के मुरीद बन चुके हैं। उन्होंने साझा किया कि वे लगभग प्रतिदिन शाम को यहां मोमोज खाने पहुंचते हैं। दिनभर के कामकाज के बाद शाम को जैसे ही थोड़ा समय मिलता है, वे सीधे शास्त्रीपुरम का रुख करते हैं।
जितेंद्र कुमार ने बताया कि आगरा के कई इलाकों में मोमोज के ठेले और दुकानें मौजूद हैं, लेकिन अमेरिकन कॉर्न और सॉफ्ट पनीर का यह संयोजन उन्हें सबसे बेहतरीन लगता है। साथ में मिलने वाली चटपटी चटनी इसके स्वाद को दोगुना कर देती है। उनका कहना है कि अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद वे इस खास जायके का लुत्फ उठाने के लिए समय जरूर निकाल लेते हैं।



















