भारतीय भोजन की थाली में अचार का स्थान हमेशा से बेहद खास रहा है। भोजन चाहे सादा दाल-चावल हो या फिर गरमा-गरम पराठे, एक चम्मच अचार पूरे खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है। आमतौर पर घरों में आम, नींबू, गाजर या हरी मिर्च का अचार ही सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि रसीले टमाटरों का इस्तेमाल करके भी एक बेहद लजीज, खट्टा-मीठा और चटपटा अचार तैयार किया जा सकता है। यह न सिर्फ रोजमर्रा के भोजन को नया स्वाद देता है, बल्कि इसे बनाना भी बेहद आसान है।
अचार के लिए सही टमाटर का चयन और तैयारी
टमाटर का अचार बनाते समय सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण चरण सही सामग्री का चुनाव करना है। अचार के लिए केवल वही टमाटर चुनें जो एकदम ताजे, लाल और छूने में पूरी तरह सख्त हों। अधिक पके हुए, पिलपिले या हरे कच्चे टमाटरों का उपयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि ऐसे टमाटरों में पानी की मात्रा अधिक होती है जिससे अचार जल्दी सड़ने का जोखिम रहता है। बाजार से टमाटर लाते समय उनकी बनावट और कड़ेपन पर विशेष नजर रखनी चाहिए।
चुने गए टमाटरों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उन पर जमी धूल और गंदगी पूरी तरह साफ हो जाए। धोने के बाद इन टमाटरों को लगभग 10 मिनट के लिए पंखे की हवा में या धूप में फैलाकर सुखा लें। ध्यान रखें कि उनकी बाहरी सतह पर पानी की एक भी बूंद न रहे। इसके बाद प्रत्येक टमाटर को चाकू से ठीक चार टुकड़ों में काट लें। टुकड़ों की संख्या चार से अधिक नहीं होनी चाहिए। काटने के तुरंत बाद टमाटर के भीतरी भाग से सारे बीज और रसीला गूदा चम्मच या अंगुली की सहायता से सावधानीपूर्वक बाहर निकाल दें। केवल गूदेदार बाहरी खोल वाले टुकड़ों को ही अलग बर्तन में रखें।
मसालों का संतुलन और भूनने की प्रक्रिया
टमाटर के इस खास अचार को पारंपरिक और संतुलित स्वाद देने के लिए मसालों का सही अनुपात आवश्यक है। इसके लिए साबुत धनिया, सौंफ, जीरा, मेथी दाना, पीली सरसों, हल्दी, सादा नमक, हींग, साबुत काली मिर्च, कश्मीरी लाल मिर्च, अमचूर पाउडर और पीली सरसों का शुद्ध तेल आवश्यक होता है। खड़े मसालों में यदि किसी प्रकार की सीलन या नमी महसूस हो, तो उन्हें धीमी आंच पर तवे या कढ़ाई में लगभग 2 से 3 मिनट तक हल्का गर्म कर लें।
हल्का भूनने से मसालों की नमी पूरी तरह खत्म हो जाती है और उनकी प्राकृतिक सुगंध उभरकर सामने आती है। जब मसाले सामान्य तापमान पर आ जाएं, तो उन्हें मिक्सी के जार में डालकर पीस लें। इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि मसालों का एकदम महीन पाउडर न बने। अचार का मसाला हमेशा थोड़ा दरदरा ही रहना चाहिए, क्योंकि दरदरे मसालों का स्वाद और बनावट अचार के प्रत्येक कौर में विशेष ताजगी लाती है।
अतिरिक्त पानी निकालने का अचूक तरीका
टमाटर में स्वाभाविक रूप से नमी का स्तर काफी अधिक होता है, जो अचार के लंबे समय तक टिके रहने में सबसे बड़ी बाधा बनता है। इस समस्या से निपटने के लिए कटे हुए टमाटर के टुकड़ों पर हल्दी पाउडर और थोड़ा नमक छिड़क कर अच्छी तरह मिला दें। इसके बाद इन्हें करीब 4 से 5 घंटे के लिए एक तरफ ढककर रख दें।
नमक और हल्दी के संपर्क में आते ही टमाटर अपने भीतर मौजूद अतिरिक्त पानी को बाहर छोड़ना शुरू कर देते हैं। निर्धारित 4 से 5 घंटे की अवधि पूरी होने के बाद आप देखेंगे कि बर्तन में काफी मात्रा में पानी जमा हो चुका है। इस पानी को पूरी तरह छानकर अलग फेंक दें। अब टमाटर के टुकड़ों को निकालें और किसी साफ सूती कपड़े पर फैलाकर लगभग 10 मिनट के लिए पंखे की हवा में सुखा लें ताकि उनकी सतह का अतिरिक्त गीलापन सूख जाए। इस प्रक्रिया से अचार की शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है और फफूंद लगने का खतरा खत्म हो जाता है।
मसाला भरने और पकाने की विधि
अचार तैयार करने के अगले चरण में भरावन सामग्री बनाई जाती है। मिक्सी में पीसे गए दरदरे मसाले को एक बड़े बर्तन में निकालें और उसमें स्वादानुसार नमक मिला लें। दूसरी तरफ, एक कढ़ाई में पीली सरसों के तेल को तेज गर्म करें, जब तक कि उसमें से हल्का धुआं न उठने लगे। इसके बाद आंच बंद कर दें और तेल को थोड़ा ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब तेल गुनगुना रह जाए, तो उसे तैयार मसाले में डालकर अच्छी तरह मिला लें, जिससे एक गाढ़ा भरावन मसाला तैयार हो जाएगा।
अब सुखाए गए टमाटर के प्रत्येक टुकड़े को हाथ में लें और उसके खोखले हिस्से में तैयार मसाले को अच्छी तरह दबाकर भर दें। जब सभी टुकड़ों में मसाला भर जाए, तो जो मसाला बच जाए उसे इन टुकड़ों के ऊपर समान रूप से छिड़क दें। इसके बाद ऊपर से थोड़ा और पका हुआ सरसों का तेल डाल दें।
धूप दिखाना और सुरक्षित भंडारण
मसाला भरे टमाटरों को तुरंत खाने के बजाय कम से कम पूरे एक दिन के लिए तेज धूप में रखना चाहिए। धूप की प्राकृतिक गर्माहट से मसाले टमाटर के रेशों में गहराई तक समा जाते हैं और तेल के साथ मिलकर अचार तेजी से परिपक्व होने लगता है। धूप दिखाने के बाद पूरे मिश्रण को एक बिल्कुल साफ और सूखे कांच के जार या मर्तबान में भर लें।
इस कांच के जार को बंद करके करीब 10 से 15 दिनों के लिए किसी सुरक्षित स्थान पर रख दें। इस समय के दौरान टमाटर पूरी तरह गलकर मसालों के साथ एकसार हो जाते हैं। अगर नियमों का सही पालन करते हुए अचार को स्वच्छ वातावरण और सूखे चम्मच से निकाला जाए, तो यह स्वादिष्ट अचार कई महीनों तक अपनी ताजगी और चटपटापन बरकरार रखता है।



















