पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक बाजारों में चहलकदमी का असली आनंद तब मिलता है, जब गलियों में छनती गरमा-गरम कचौरी और तीखी, मसालेदार आलू की सब्जी की महक आने लगे। चावड़ी बाजार केवल शादी के कार्ड या कागजी सामान की थोक खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक खान-पान और दशकों पुराने जायकों का भी बड़ा केंद्र है। अगर आप सुबह के वक्त चटपटा और खस्ता नाश्ता तलाश रहे हैं, तो चावड़ी बाजार और इसके आसपास मौजूद 5 ठिकाने आपकी फूड लिस्ट का हिस्सा बन सकते हैं।
मनोहर मार्केट में स्थित श्याम स्वीट्स की बेड़मी कचौरी
चावड़ी बाजार में कचौरी का जिक्र होते ही सबसे पहला और प्रमुख नाम श्याम स्वीट्स का उभरता है। मनोहर मार्केट में स्थित यह दुकान कई पीढ़ियों से अपनी कचौरी और सब्जी की खुशबू पूरे इलाके में बिखेरती आ रही है। यहां खास तौर पर बेड़मी कचौरी के साथ गाढ़ी और खुशबूदार आलू की सब्जी का मेल बेहद पसंद किया जाता है। सब्जी में डाले गए खास खड़े मसालों का तीखापन और कड़ाही से निकली ताजी कचौरी का खस्तापन इसे एक मुकम्मल देसी नाश्ता बना देता है।
चर्खेवालान का पवन कचौरी वाला
पुरानी दिल्ली के ठेठ स्थानीय जायके को करीब से समझने के लिए चर्खेवालान क्षेत्र में स्थित पवन कचौरी वाला भी एक बढ़िया विकल्प है। इस दुकान पर गरमागरम कचौरी को तीखी तरी वाली सब्जी के साथ परोसा जाता है। सुबह होते ही नाश्ते के शौकीन लोगों की आमद यहां शुरू हो जाती है, जो गर्मागर्म थाली के लिए कतार में खड़े नजर आते हैं।
हकीम बाका स्ट्रीट पर स्टैंडर्ड स्वीट्स
चावड़ी बाजार के हकीम बाका स्ट्रीट इलाके में मौजूद स्टैंडर्ड स्वीट्स अपने नाश्ते के साथ पारंपरिक मिठाइयों के लिए भी जाना जाता है। जो लोग तीखी कचौरी-सब्जी का लुत्फ उठाने के बाद पुरानी दिल्ली की मीठी परंपरा का भी स्वाद चखना चाहते हैं, उनके लिए यह दुकान फूड वॉक का बेहतरीन पड़ाव साबित होती है।
किनारी बाजार के पास जंग बहादुर कचौरी वाला
पुरानी दिल्ली के कचौरी प्रेमियों के बीच किनारी बाजार के नजदीक स्थित जंग बहादुर कचौरी वाले की अपनी अलग शोहरत है। इस दुकान पर मिलने वाली खस्ता कचौरी और मसालों से लबरेज आलू की सब्जी का स्वाद बेहद खास माना जाता है। कचौरी का करारापन और गाढ़ी चटपटी सब्जी मिलकर नाश्ते को यादगार बना देते हैं, जिसके चलते सुबह से ही यहां ग्राहकों का तांता लगा रहता है।
दरिबा कलां के समीप श्री बालाजी कचौरी भंडार
दरिबा कलां के आसपास स्थित श्री बालाजी कचौरी भंडार भी स्थानीय लोगों के बीच एक लोकप्रिय ठिकाना है। पुरानी दिल्ली के खान-पान की बड़ी खूबी यह है कि नामी प्रतिष्ठानों के साथ-साथ तंग गलियों में मौजूद छोटी दुकानें भी अपने ठेठ देसी स्वाद के बूते वर्षों से पहचान बनाए हुए हैं। यहां भी गरमा-गरम कचौरी और आलू की सब्जी का तालमेल सुबह की भूख मिटाने के लिए मुफीद साबित होता है।



















