पारंपरिक भारतीय खानपान में स्थानीय मसालों और सरल पकवान विधियों का हमेशा से बड़ा महत्व रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ी शैली की चिकन करी अपनी खास सादगी और गहरे देसी स्वाद के कारण बेहद पसंद की जाती है। इस व्यंजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पकाने में न तो बहुत अधिक वक्त लगता है और न ही किसी दुर्लभ सामग्री की दरकार होती है। रसोई में नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाले प्याज, लहसुन, टमाटर, हरी मिर्च और बुनियादी पिसे मसालों की मदद से इसे कोई भी आसानी से अपने घर पर बना सकता है।
शुरुआती तैयारी और तड़के का तरीका
इस व्यंजन को पकाने के लिए सबसे पहले चिकन को पानी से अच्छी तरह धोकर पूरी तरह साफ कर लें और किसी बर्तन में निकाल कर रख लें। इसके बाद करी का आधार तैयार करने के लिए सामग्री काटें। प्याज, लहसुन, टमाटर और हरी मिर्च को बिल्कुल बारीक टुकड़ों में काट कर अलग रख लें। अब एक कड़ाही में तेल डालकर आंच पर अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से धुआं उठने लगे या वह पर्याप्त गर्म हो जाए, तब उसमें सरसों और जीरे का तड़का लगाएं। तड़का चटकने के बाद बारीक कटी प्याज, लहसुन और हरी मिर्च को तेल में डालें और तब तक भूनें जब तक कि उनका रंग हल्का लाल न हो जाए।
चिकन की भुनाई और टमाटर का मेल
प्याज और लहसुन के हल्के सुनहरे होते ही कड़ाही में धुला हुआ चिकन शामिल कर दें। चिकन को प्याज-लहसुन के मिश्रण के साथ लगातार चलाते हुए तब तक भूनते रहें, जब तक कि उसका सारा प्राकृतिक पानी पूरी तरह सूख न जाए। इस तरह तेज आंच पर भूनने से चिकन मसालों के साथ अच्छी तरह रच-बस जाता है और उसका स्वाद काफी निखर जाता है। जब चिकन का पानी सूख जाए, तब इसमें बारीक कटे हुए टमाटर डालें। साथ ही टमाटर को जल्दी और बढ़िया तरीके से गलाने के लिए स्वादानुसार नमक मिलाएं। टमाटर के गलने तक मिश्रण को पकने दें, जिससे ग्रेवी का गाढ़ा और स्वादिष्ट मसाला तैयार होता है।
मसाले पकाना और परोसने का अंदाज
टमाटर के पूरी तरह गल जाने पर इसमें चिकन मसाला, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर डालें। इन सभी सूखे मसालों को चिकन के साथ धीमी से मध्यम आंच पर अच्छी तरह भूनें। मसालों की बढ़िया भुनाई से करी में लाजवाब रंगत और सोंधी खुशबू पैदा होती है। जब मसाले पक जाएं, तब जरूरत के मुताबिक हल्का पानी डालकर कड़ाही को उबलने दें। थोड़ी देर धीमी आंच पर खदकने के बाद छत्तीसगढ़ी शैली की गरमा-गरम चिकन करी पूरी तरह तैयार हो जाती है। कम तेल और कम समय में तैयार होने वाले इस देसी व्यंजन को गरमा-गरम चावल, सादी रोटी या तली हुई पूड़ी के साथ परोसा जाता है।



















