त्योहारों की रौनक हो, शादी का जश्न या परिवार के साथ किसी खास दिन की दावत, भारतीय खानपान में मीठे का जिक्र आते ही सबसे पहले गुलाब जामुन की याद आती है। अपनी बेहद नाजुक बनावट और चाशनी से लबरेज स्वाद के चलते यह हर आयु वर्ग की पसंदीदा मिठाई बना हुआ है। हालांकि हलवाई की दुकान पर यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है, फिर भी रसोई में खुद तैयार किए गए ताजे गुलाब जामुन का स्वाद बिल्कुल बेमिसाल होता है। बहुत से लोग यह मान बैठते हैं कि इसे सही बनावट में लाना बेहद पेचीदा काम है, मगर हकीकत यह है कि बुनियादी सामग्रियों के सही तालमेल से इसे घर पर बेहद सरलता से बनाया जा सकता है।
नरम और दरार रहित आटा तैयार करने की विधि
एक बेहतरीन गुलाब जामुन की बुनियाद उसके आटे के लचीलेपन और नमी पर टिकी होती है। इसे बनाने के लिए एक खुले और बड़े बर्तन का चुनाव करें ताकि सभी चीजें एकसार मिल सकें। परात में मैदा, मावा अथवा खोया, ताजा दही, चुटकी भर बेकिंग सोडा और आधा चम्मच पिसी हुई इलायची का पाउडर निकालें। इन सभी घटकों को अपनी हथेलियों की मदद से हल्के दबाव के साथ मिलाना शुरू करें और एक चिकना, कोमल आटा तैयार करें।
आटे को बांधते वक्त यदि मिश्रण सूखा लगे, तो इसमें थोड़ा और दही मिलाया जा सकता है। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस्तेमाल होने वाला दही बिल्कुल ताजा हो और उसमें रत्ती भर भी खटास न हो। जब आटा अच्छी तरह गुंथ जाए, तो उसे एक साफ कपड़े अथवा ढक्कन से ढककर लगभग 15 से 20 मिनट के लिए अलग रख दें। यह आराम का समय आटे को पूरी तरह सैट होने में मदद करता है।
गोलियां गढ़ना और तलने की बारीकियां
आटे को पर्याप्त आराम देने के बाद गुलाब जामुन की गोलियां बनाने का काम शुरू होता है। अपनी दोनों हथेलियों पर थोड़ा सा रिफाइंड तेल अथवा देसी घी लगाएं। इसके बाद आटे से छोटे आकार के हिस्से लेकर बिल्कुल गोल और चिकनी लोइयां तैयार करें। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि किसी भी गोले पर कोई दरार या लकीर न रहे, क्योंकि तलते वक्त यही दरारें तेल में गुलाब जामुन के फटने का कारण बनती हैं।
अब एक कड़ाही में पर्याप्त मात्रा में घी या रिफाइंड तेल डालकर गर्म करें। आंच को मध्यम से धीमी स्थिति में रखें और गोलियों को धीरे से कड़ाही में डालें। जामुनों को लगातार धीमी आंच पर धीरे-धीरे पलटते हुए तब तक तलें जब तक कि उनकी बाहरी परत पर खूबसूरत सुनहरा भूरा रंग न चढ़ जाए। तेज आंच पर तलने से वे ऊपर से जल जाएंगे और भीतर से कच्चे रह जाएंगे।
खुशबूदार चाशनी तैयार करना और भिगोना
गुलाब जामुन को उनका असली स्वाद और मिठास चाशनी से मिलती है। चाशनी पकाने के लिए एक गहरे पैन में 1 कप चीनी और 2 कप साफ पानी डालकर गैस पर चढ़ाएं। जब पानी में उबाल आ जाए और चीनी पूरी तरह घुल जाए, तब इसमें सुगंध के लिए इलायची पाउडर डालें। यदि आप चाशनी का रंग और स्वाद और बेहतर करना चाहते हैं, तो इसमें केसर के कुछ रेशे भी मिलाए जा सकते हैं। जब एक हल्की और चिपचिपी चाशनी तैयार हो जाए, तो गैस का चूल्हा बंद कर दें।
कड़ाही से निकाले गए गर्म गुलाब जामुनों को सीधी हल्की गुनगुनी चाशनी के बर्तन में डुबो दें। इन्हें कम से कम 2 से 3 घंटे तक चाशनी में ही डूबा रहने दें। इतने समय में चाशनी जामुन के केंद्र तक पूरी तरह समा जाती है, जिससे वे अंदर तक स्पंजी, बेहद रसीले और मुलायम बन जाते हैं। इस स्वादिष्ट मिठाई को अपनी पसंद के अनुसार गरमा-गरम या फ्रिज में ठंडा करके परोसा जा सकता है।



















