मेंस एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का दबदबा बरकरार, जापान को 4-1 से शिकस्त देकर शीर्ष पर बनाई जगहबाइनेंस सुरक्षा चूक और फेड के सख्त रुख से गिरा बिटकॉइन, लगातार चौथे हफ्ते दबावअवैध पटाखों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस की सख्त कार्रवाई, 1,073 किलोग्राम बारूद जब्तवैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए ढाल बना घरेलू कोयला उत्पादन, सचिव विक्रम देव दत्त ने गिनाए आंकड़ेराहुल गांधी के शक्ति प्रदर्शन के सामने भाजपा का पलटवार, राजधानी में 1 नवंबर को आमने-सामने होंगे दोनों दलकरवा चौथ की तस्वीरों पर शफक नाज को लेकर उठीं धर्म परिवर्तन की चर्चाएं, सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाअमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डाक मतपत्र भेजकर पोप लियो XIV ने रचा अभूतपूर्व इतिहासदिल्ली के कॉलेज में फ्रेशर्स पार्टी के झगड़े से शुरू होकर एनुअल फेस्ट के प्रपोजल तक पहुंची आरव और अनाया की प्रेम कहानीपूर्वी कमान प्रमुख एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया बने वायुसेना के अगले उप प्रमुखअभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी को 50 ओवर क्रिकेट में शामिल करने की मांग, युवराज सिंह ने चयन नीति पर उठाए सवाल
घर पर तैयार करें खट्टी-मीठी और तीखी सेब की सब्जी, रोटी-पराठे के साथ परोसने की सरल विधिखानपान
9 अक्तू॰ 2026, 9:29 am (22 दिन पहले)· 0

घर पर तैयार करें खट्टी-मीठी और तीखी सेब की सब्जी, रोटी-पराठे के साथ परोसने की सरल विधि

सेब के इस सीजन में साधारण मुरब्बे और जैम से अलग एक नया जायका आजमाएं। बिना प्याज, लहसुन और टमाटर के तैयार होने वाली यह पौष्टिक और चटपटी सब्जी बच्चों को भी बेहद पसंद आती है।

रसोई में रोजाना वही पारंपरिक सब्जियां खाकर ऊब चुके लोगों के लिए फलों से सब्जी तैयार करना एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है। मौजूदा वक्त में सेब का मौसम चल रहा है और आने वाले दिनों में बाजार में इसकी आवक बढ़ने से इसके दाम और भी कम होने की उम्मीद है। आमतौर पर लोग सेब का इस्तेमाल मुरब्बा, चटनी या मीठा जैम बनाने के लिए करते हैं, लेकिन इसी ताजे फल से रोटी और पराठे के साथ खाई जाने वाली स्वादिष्ट सब्जी भी तैयार की जा सकती है। यह व्यंजन स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर होता है। खास बात यह है कि जो बच्चे सामान्य रूप से फल खाने में आनाकानी करते हैं, वे भी इस खट्टी, मीठी और तीखी सब्जी को बड़े चाव से खाते हैं।

सब्जी बनाने की तैयारी और सामग्री

इस अनूठी सब्जी को तैयार करने के लिए सबसे पहले तीन से चार ताजे सेब लें। इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर इनके छिलके उतार लें। इसके बाद सेब को आलू की कतलियों की तरह मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें। सेब पकने में बहुत कम समय लेता है और तुरंत गल जाता है, इसलिए इसे बहुत बारीक काटने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसके साथ ही थोड़ा सा अदरक कद्दूकस कर लें या बारीक काट लें। साथ में एक से दो हरी मिर्च और ताजा हरा धनिया काटकर अलग रख लें। इस सब्जी की खासियत यह है कि इसमें कद्दू की तरह ही सादगी रखी जाती है और प्याज, लहसुन या टमाटर का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

ये भी पढ़ें

तड़का लगाने और पकाने की विधि

सब्जी पकाने के लिए गैस पर एक कड़ाही चढ़ाएं और उसमें तेल डालकर गर्म करें। जब तेल ठीक से गर्म हो जाए, तब इसमें हींग और जीरे का छौंक लगाएं। इसके तुरंत बाद कटी हुई हरी मिर्च डालें। फिर कड़ाही में थोड़ी सी हल्दी और कश्मीरी लाल मिर्च का पाउडर डालें और कटे हुए सेब के टुकड़े इसमें मिला दें। सभी सामग्रियों को अच्छी तरह चलाएं और स्वाद के अनुसार काला नमक शामिल करें।

धीमी आंच पर पकाएं और दें खास स्वाद

मसालों के साथ सेब मिलाने के बाद कड़ाही में एक कप पानी डालें और ढक्कन लगाकर कुछ देर पकने दें। इसके बाद इसमें बारीक कटा अदरक और थोड़े से चिली फ्लेक्स डालें। सब्जी को दो से तीन मिनट तक पकने दें ताकि सारे मसाले सेब में अच्छी तरह समा जाएं। इसके बाद इसमें एक से दो चम्मच चीनी और थोड़ा सा नींबू का रस मिलाएं, जिससे सब्जी में संतुलित खट्टा और मीठा स्वाद आ सके। कलछी की मदद से सेब को अपनी पसंद के अनुसार थोड़ा सा मैश कर लें। अंत में बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें। गर्मागर्म तैयार इस तीखी, खट्टी और मीठी सब्जी को रोटी या पराठे के साथ परोसें।

सवाल-जवाब

सेब की सब्जी बनाने के लिए कितने सेब की जरूरत होती है?
इस रेसिपी के अनुसार तीन से चार ताजे सेब का इस्तेमाल किया जाता है।
क्या सेब की सब्जी में प्याज और लहसुन डाला जाता है?
नहीं, इस सब्जी में प्याज, लहसुन और टमाटर का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाता है।
सेब को पकाने के लिए कितना पानी डालना चाहिए?
मसालों में सेब मिलाने के बाद कड़ाही में एक कप पानी डालकर पकाया जाता है।
सब्जी को खट्टा-मीठा स्वाद देने के लिए क्या मिलाया जाता है?
सब्जी में एक से दो चम्मच चीनी और थोड़ा सा नींबू का रस डालकर खट्टा-मीठा स्वाद दिया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp