बनासकांठा में महिला पशुपालकों का बड़ा कमाल, दूध और शहद से खड़ा किया करोड़ों का कारोबारमोबाइल की दुकान पर काम करने वाले अखंड स्वरूप पंडित ने खड़ी की 2000 करोड़ रुपये की कंपनी, जानिए द कैटलिस्ट ग्रुप का सफरअंतरिक्ष में सक्रिय हुआ गूगल का पहला डेटा सेंटर उपग्रह, कक्षा से रचाई कवितामेंस एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का दबदबा बरकरार, जापान को 4-1 से शिकस्त देकर शीर्ष पर बनाई जगहअमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डाक मतपत्र भेजकर पोप लियो XIV ने रचा अभूतपूर्व इतिहासबाइनेंस सुरक्षा चूक और फेड के सख्त रुख से गिरा बिटकॉइन, लगातार चौथे हफ्ते दबावनागपुर स्नातक सीट पर भाजपा की शिकस्त के पीछे क्या रहे कारण, 31 विधायकों और दिग्गजों की मौजूदगी के बाद भी कैसे पलटा पासाइज़राइल चुनाव नतीजों के बाद बड़ा राजनीतिक बवाल, नेतन्याहू पर जनादेश को बदनाम करने का आरोपअमेरिकी अर्थव्यवस्था में मूल्य वृद्धि और तकनीकी निवेश के बीच फेडरल रिजर्व के बार्किन ने सतर्क कदमों पर जोर दियाअवैध पटाखों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस की सख्त कार्रवाई, 1,073 किलोग्राम बारूद जब्त
हलवाई जैसी कोमलता के साथ घर पर तैयार करें गुलाब जामुन, मिर्जापुर के अंकित गुप्ता ने साझा किया नुस्खाखानपान
5 अक्तू॰ 2026, 2:26 pm (25 दिन पहले)· 3

हलवाई जैसी कोमलता के साथ घर पर तैयार करें गुलाब जामुन, मिर्जापुर के अंकित गुप्ता ने साझा किया नुस्खा

मिर्जापुर के कारीगर अंकित गुप्ता के अनुसार सही अनुपात में मावा और मैदा मिलाकर घर पर ही बेहद रसीले और टिकाऊ गुलाब जामुन बनाए जा सकते हैं.

मिठाई के शौकीनों के लिए घर की रसोई में बाजार जैसा स्वाद और कोमलता पाना हमेशा एक चुनौती भरा काम लगता है. त्योहारों या खास मौकों पर अक्सर लोग हलवाई जैसी बनावट पाने की कोशिश करते हैं. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित बरगछा के रहने वाले मिठाई कारीगर अंकित गुप्ता ने इस पारंपरिक भारतीय व्यंजन को बिना किसी जटिलता के तैयार करने का बेहद सरल और सटीक तरीका साझा किया है. उनकी बताई विधि से बेहद सीमित सामग्री के जरिए कोई भी व्यक्ति अपनी रसोई में बेहतरीन बनावट वाली मिठाई तैयार कर सकता है.

सटीक अनुपात और सामग्री का मेल

इस मिठाई की सफलता मुख्य रूप से सामग्री के सही नाप पर निर्भर करती है. कारीगर के बताए अनुसार, सबसे पहले एक किलो मावा लिया जाता है. इस एक किलो मावे में करीब 100 ग्राम मैदा मिलाना चाहिए. मैदे की यह सीमित मात्रा मावे को सही कसाव देती है और उसे बिखरने से रोकती है. इसके बाद आवश्यकता और पसंद के आधार पर इसमें खाने वाला सोडा शामिल किया जाता है. यह सोडा मिठाई को अंदर से स्पंजी और मुलायम बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है. खुशबू और अतिरिक्त स्वाद चाहने वाले लोग इसमें पिसी हुई इलायची या केसर की पत्तियां भी शामिल कर सकते हैं. इन सभी चीजों को हथेलियों की मदद से तब तक मिलाया जाता है जब तक कि पूरा मिश्रण बिल्कुल एकसार और चिकना न हो जाए.

ये भी पढ़ें

तलने और एकसमान आकार देने की कला

चिकना डो तैयार हो जाने के बाद उससे छोटे और गोल आकार के बॉल्स तैयार किए जाते हैं. कारीगर इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि सभी गोलियों का आकार एक जैसा रखा जाए. ऐसा करने से गर्म तेल या देसी घी में तलते समय सभी हिस्से बराबर आंच पर पकते हैं और कोई भी टुकड़ा कच्चा या जरूरत से ज्यादा नहीं सिकता. कड़ाही में तेल या देसी घी गर्म करने के बाद गैस की आंच धीमी कर दी जाती है. धीमी आंच पर इन गोलियों को तब तक तला जाता है जब तक कि उनका रंग चारों तरफ से सुनहरा न हो जाए. धीमी आंच पर तलने से यह बाहर से जलते नहीं हैं और अंदर तक पूरी तरह पक जाते हैं.

चाशनी में डुबोना और लंबे समय तक सुरक्षित रखने का राज

सुनहरे रंग में सिकने के तुरंत बाद इन्हें कड़ाही से बाहर निकाला जाता है और पहले से तैयार चीनी की चाशनी में डुबो दिया जाता है. कारीगर के मुताबिक, इन्हें लगभग 10 से 15 मिनट तक चाशनी के भीतर ही डूबे रहने देना चाहिए. इस तय समय में मिठाई रस को पूरी गहराई तक सोख लेती है, जिससे हर निवाले में भरपूर मिठास मिलती है. दूध के चुनाव पर बात करते हुए अंकित गुप्ता ने स्पष्ट किया कि गाय के दूध से तैयार मावा इस्तेमाल करने पर न केवल स्वाद उम्दा मिलता है, बल्कि मिठाई कई दिनों तक खराब भी नहीं होती. इसके विपरीत, बाजार में मिलने वाले पुआ से भी इसे बनाया जा सकता है, मगर उनकी शेल्फ लाइफ अपेक्षाकृत कम रहती है.

सवाल-जवाब

गुलाब जामुन बनाने के लिए एक किलो मावे में कितना मैदा मिलाना चाहिए?
एक किलो मावे में लगभग 100 ग्राम मैदा मिलाना सही अनुपात माना जाता है.
मिठाई को अंदर से मुलायम बनाने के लिए किस सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है?
आवश्यकतानुसार खाने वाला सोडा मिलाने से गुलाब जामुन अंदर से बेहद मुलायम बनते हैं.
तले हुए गुलाब जामुन को चाशनी में कितनी देर तक रखना चाहिए?
उन्हें चाशनी में करीब 10 से 15 मिनट तक डूबे रहने देना चाहिए ताकि वे रस अच्छी तरह सोख लें.
गुलाब जामुन को कई दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए कौन सा मावा बेहतर है?
गाय के दूध से बने मावे का इस्तेमाल करने से मिठाई कई दिनों तक सुरक्षित रखी जा सकती है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp