पारंपरिक भारतीय व्यंजनों में कढ़ी पकोड़ा का स्थान हमेशा से बेहद खास रहा है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में यह पारंपरिक डिश लगभग हर घर में बड़े चाव से बनाई और खाई जाती है। इसे तैयार करने के लिए बेसन, ताजी छाछ और दही को बुनियादी सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जब इन तीनों के मिश्रण को खास मसालों और सही विधि के साथ पकाया जाता है, तो इसका स्वाद लाजवाब हो जाता है। घर पर पारंपरिक तरीके से बेहतरीन कढ़ी पकोड़ा बनाने के लिए कुछ बुनियादी चरणों का ध्यान रखना जरूरी है।
पकोड़ों के लिए सही घोल तैयार करने की विधि
कढ़ी के लिए सबसे पहले पकोड़े तैयार किए जाते हैं। इसके लिए एक बड़े बर्तन में बेसन निकालें और उसमें स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर और थोड़ा गरम मसाला मिलाएं। स्वाद को और निखारने के लिए इसमें बारीक कटा हुआ प्याज और कटी हरी मिर्च भी मिलाई जा सकती है। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए घोल बनाएं। ध्यान रहे कि घोल न तो बहुत अधिक पतला होना चाहिए और न ही जरूरत से ज्यादा गाढ़ा, ताकि पकोड़े तलते समय उनका आकार और बनावट सही रहे।
मध्यम आंच पर पकोड़े तलने का सही तरीका
पकोड़ों को तलने के लिए कढ़ाई में तेल गर्म करें। इसके बाद बेसन के तैयार घोल की छोटी-छोटी लोइयां या हिस्से गर्म तेल में डालें। पकोड़ों को हमेशा मध्यम आंच पर ही तलना चाहिए। इन्हें बीच-बीच में पलटते रहें ताकि वे चारों तरफ से एक समान सुनहरे हो जाएं। यदि आंच बहुत तेज होगी, तो पकोड़े बाहर से तुरंत लाल दिखने लगेंगे लेकिन अंदर से कच्चे रह जाएंगे। इसलिए मध्यम आंच पर धीमे-धीमे तलना ही सही तरीका है।
जीरा, हींग और प्याज-लहसुन का खास तड़का
कढ़ी का असली स्वाद उसके तड़के पर निर्भर करता है। एक बड़े बर्तन में तेल गर्म करें और उसमें जीरा तथा हींग डालें। इसके तुरंत बाद बारीक कटा प्याज, लहसुन और अदरक का पेस्ट डालकर भूनना शुरू करें। जब प्याज भुनकर सुनहरा हो जाए और मसालों की बेहतरीन खुशबू आने लगे, तब इसमें कटी हरी मिर्च भी मिला सकते हैं। यह तड़का कढ़ी की सुगंध और स्वाद दोनों को कई गुना बढ़ा देता है।
घोल पकाने और पकोड़े मिलाने की प्रक्रिया
तैयार तड़के में बेसन, दही और छाछ का बना घोल धीरे-धीरे डालें। घोल डालते समय करछी से लगातार चलाते रहना चाहिए ताकि बेसन बर्तन के तले में न बैठे और उसमें किसी तरह की गांठें न बनें। मिश्रण में जब उबाल आ जाए, तब गैस की आंच धीमी कर दें और कढ़ी को अच्छी तरह पकने दें। यदि कढ़ी ज्यादा गाढ़ी लगने लगे, तो उसमें जरूरत के हिसाब से पानी या छाछ मिलाई जा सकती है। जब कढ़ी पूरी तरह पक जाए, तो उसमें पहले से तले हुए पकोड़े डाल दें। इसे लगभग 5 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर ही पकने दें, ताकि पकोड़े कढ़ी को अच्छी तरह सोख लें और बिल्कुल नरम हो जाएं। इसके बाद गर्मागर्म कढ़ी पकोड़ा चावल के साथ परोसने के लिए तैयार है।



















