राजस्थान के भरतपुर जिले का छोटा सा कस्बा भुसावर अपने अनूठे जायके और पारंपरिक खानपान के लिए अलग मुकाम रखता है। यहां तैयार होने वाले तरह-तरह के अचार और चटपटी चटनियां स्थानीय निवासियों के भोजन का हिस्सा तो हैं ही, साथ ही आस-पास के शहरों और कस्बों से आने वाले मुसाफिरों की खरीदारी सूची में भी सबसे ऊपर रहते हैं। भुसावर के इस कारोबार की सबसे बड़ी खूबी यहां का पारंपरिक तरीका है, जिसमें शुद्ध देशी मसालों के संतुलन से ऐसा स्वाद गढ़ा जाता है जो आधुनिक पैकेज्ड उत्पादों से पूरी तरह अलग नजर आता है।
विभिन्न स्वादों में मिलने वाली घरेलू अचारों की श्रृंखला
भुसावर के स्थानीय बाजारों में कदम रखते ही आपको अचारों की लंबी फेहरिस्त देखने को मिलती है। यहां आम, नींबू और हरी मिर्ची के अचार के अलावा कई विशेष मसालों के सम्मिश्रण से तैयार होने वाले उत्पाद उपलब्ध हैं। कारीगर इन अचारों को तैयार करते समय सामग्री की गुणवत्ता और मसालों के अनुपात का कड़ाई से ध्यान रखते हैं। लंबे समय तक सुरक्षित रखने और प्राकृतिक रूप से खटास व तीखापन विकसित करने की यह सदियों पुरानी पद्धति साधारण भोजन के स्वाद को भी कई गुना बढ़ा देती है।
आम और नींबू के अचार की खास लोकप्रियता
बाजार में उपलब्ध वैरायटी में कच्चे आम का पारंपरिक अचार सबसे अधिक पसंद किया जाता है। ताजे कटे कच्चे आम के टुकड़ों को खास मसालों और तेल के साथ संतुलित तरीके से पकाया व मिलाया जाता है। इसका खट्टा और चटपटापन दाल, रोटी और पराठों के साथ भोजन के अनुभव को बेहतर बनाता है। ठीक इसी तरह नींबू का अचार भी अपने तीखे, खट्टे और हल्के मीठे मिश्रण के कारण पेट और पाचन के लिहाज से भी लोगों का पसंदीदा विकल्प बना हुआ है।
तीखी मिर्ची का अचार और खट्टी-मीठी चटनियां
भुसावर के जायके की पहचान केवल आम और नींबू तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां बनने वाली नींबू की चटनी और मिर्ची का अचार भी अपनी अलग प्रतिष्ठा रखते हैं। नींबू की चटनी अपने खट्टे-मीठे स्वाद के चलते भोजन में एक नया स्वाद जोड़ती है, जबकि तेज तीखा खाने के शौकीनों के लिए यहां की मिर्ची का अचार मुख्य पसंद रहता है। इसके अतिरिक्त, अलग-अलग प्रकार के मसालों के साथ बनाई जाने वाली कई अन्य चटनियां भी बाजार में मिलती हैं, जो खाने की मेज पर विविधता लाती हैं।
मीठे के शौकीनों के लिए पारंपरिक मुरब्बे
खट्टे और तीखे स्वादों के अलावा भुसावर में फलों और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार होने वाले मुरब्बे भी भारी संख्या में ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। मीठे के शौकीन लोगों के लिए ये मुरब्बे शुद्धता और पुराने घरेलू स्वाद का अनुभव कराते हैं। एक ही स्थान पर खट्टा, मीठा, नमकीन और तीखा स्वाद उपलब्ध होने से हर उम्र के ग्राहकों को अपनी पसंद का उत्पाद चुनने की पूरी आजादी मिलती है। यही वजह है कि भुसावर का यह घरेलू उद्यम अपनी भौगोलिक सीमाएं लांघकर पूरे इलाके में मशहूर हो चुका है।



















