कच्चे तेल में भारी उथल-पुथल: मिडिल ईस्ट सप्लाई और ग्लोबल तनाव के बीच ऊर्जा बाजार में दबावबिस्किट का क्रंच बरकरार रखने के स्मार्ट किचन नुस्खे, नमी से बचाने के आसान नियमअमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में किया 0.25% का इजाफा, 2023 के बाद पहली बार सख्त हुआ रुखअमेरिकी ब्याज दरों पर फेड अधिकारी बार्किन ने दिया बयान, वैश्विक मुद्राओं और सोने में हलचलहैदराबाद के होटल में विशाखापत्तनम की युवती की संदिग्ध मौत, साथी युवक अस्पताल में छोड़कर फरारडीसीयू की क्लेफेस में मुख्य खलनायक का असली डरावना रूप केवल सिनेमाघरों में ही दिखेगाचावल और दाल से घर पर बनाएं झारखंड का पारंपरिक धुस्का, चने की घुघनी के साथ मिलेगा लाजवाब स्वादवित्तीय संकट में घिरी एयर इंडिया, सालाना घाटा बढ़कर ₹22,238 करोड़ के पार पहुंचाचोट के बाद मैदान पर लौटे साई सुदर्शन ने जड़ा अर्धशतक, कुशाग्र और कोटियन ने संभाली भारत A की पारीमध्य प्रदेश में गरबा प्रवेश और टिप्पणी पर विवाद के बाद रामेश्वर शर्मा और कैलाश विजयवर्गीय ने दी सफाई
दही और हरी मिर्च से 10 मिनट में तैयार करें पारंपरिक राजस्थानी सब्जी, खाने का स्वाद हो जाएगा दोगुनाखानपान
22 सित॰ 2026, 11:08 pm (57 मिनट पहले)· 0

दही और हरी मिर्च से 10 मिनट में तैयार करें पारंपरिक राजस्थानी सब्जी, खाने का स्वाद हो जाएगा दोगुना

दाल और रोटी के साथ साधारण भोजन को खास बनाने के लिए रश्मि जैन द्वारा साझा की गई राजस्थानी दही मिर्ची की झटपट रेसिपी अपनाएं, जो कम सामग्री में तुरंत बनकर तैयार हो जाती है।

दैनिक भोजन में दाल, रोटी या चावल के साथ जब कुछ तीखा और जायकेदार खाने की इच्छा होती है, तब रसोई में मौजूद बुनियादी सामग्री से ही एक शानदार व्यंजन बनाया जा सकता है। कई बार घर में हरी सब्जियां उपलब्ध नहीं होतीं या फिर लंबी रसोई प्रक्रिया के लिए समय की कमी होती है। ऐसी परिस्थिति में राजस्थानी दही मिर्ची एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है। इस पारंपरिक व्यंजन में ताजे दही की सौम्य खटास और हरी मिर्च का चटपटा स्वाद आपस में मिलकर एक अनोखा संतुलन बनाते हैं। मशहूर फूड क्रिएटर रश्मि जैन ने इस खास व्यंजन को बनाने की बेहद सरल विधि साझा की है, जिसके लिए न तो जटिल सामग्री की आवश्यकता होती है और न ही बहुत ज्यादा पूर्व तैयारी की दरकार पड़ती है।

धीमी आंच पर मसालों के साथ दही को पकाने और हरी मिर्च को सही तरीके से भूनने से यह डिश महज कुछ ही पलों में पककर तैयार हो जाती है। इसे पराठे, गरमा-गरम फुल्के या फिर सादे दाल-चावल के साथ साइड डिश के तौर पर परोसकर साधारण थाली को भी बेहद लजीज बनाया जा सकता है।

ये भी पढ़ें

स्वाद के अनुकूल सही हरी मिर्च का चुनाव

इस व्यंजन की सफलता और उसका संतुलित स्वाद पूरी तरह से इस्तेमाल की जाने वाली हरी मिर्च की किस्म पर निर्भर करता है। बहुत पतली और तीखी मिर्च का उपयोग करने के बजाय मोटी, गूदेदार और मध्यम तीखेपन वाली हरी मिर्च चुनना ज्यादा लाभकारी होता है। पकाने से पहले मिर्चियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर किसी सूखे सूती कपड़े से पोंछकर उनका सारा पानी सुखा लें। नमी पूरी तरह सूख जाने के बाद उनके डंठल अलग कर दें और बीच में एक लंबा चीरा लगाएं। सुविधा और पसंद के मुताबिक आप इन्हें दो या चार टुकड़ों में काट सकते हैं।

यदि परिवार में बच्चे हैं या कोई सदस्य अधिक तीखा भोजन खाना पसंद नहीं करता, तो चीरा लगाने के बाद मिर्च के भीतर मौजूद बीजों को चम्मच या चाकू की मदद से बाहर निकाल दें। बीज हटा देने से मिर्च की तीखी तासीर काफी कम हो जाती है, जिससे पके हुए दही और मसालों का असली स्वाद खुलकर सामने आता है और हर कोई इसे आसानी से खा सकता है।

दही और पिसे मसालों का गाढ़ा मिश्रण

इस सब्जी की ग्रेवी का आधार दही होता है, इसलिए दही की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। बहुत दिनों का रखा हुआ या अत्यधिक खट्टा दही इस्तेमाल करने से डिश का स्वाद बिगड़ सकता है, इसलिए हमेशा ताजा और गाढ़ा दही ही चुनें। एक बर्तन में आवश्यकतानुसार दही निकालें और उसे चम्मच या मथानी से तब तक फेंटें जब तक कि वह पूरी तरह एकसार न हो जाए। अच्छी तरह फेंटने से दही में मौजूद गुठलियां खत्म हो जाती हैं, जिससे ग्रेवी चिकनी बनती है।

अब इस फेंटे हुए दही में हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा सौंफ पाउडर शामिल करें। सभी सूखे मसालों को दही के साथ अच्छी तरह मिलाकर एक गाढ़ा और चिकना पेस्ट तैयार कर लें। पहले से दही में मसाले मिलाकर रखने से तड़के में डालते वक्त मसाले जलते नहीं हैं और उनका स्वाद दही के कण-कण में समा जाता है।

पंचफोरन जैसा सुगंधित तड़का और मिर्च की भुनाई

एक कड़ाही को गैस पर चढ़ाएं और उसमें करीब दो चम्मच कुकिंग ऑयल डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। जब तेल से हल्की गर्माहट आने लगे, तब इसमें जीरा, राई, चुटकी भर हींग, कलौंजी और साबुत सौंफ डालें। इन सभी खड़े मसालों को कुछ सेकंड तक तेल में चटकने दें ताकि इनका प्राकृतिक तेल और खुशबू कड़ाही में फैल जाए। सौंफ और कलौंजी का यह संयोजन ही राजस्थानी व्यंजनों को उनकी विशिष्ट पहचान और महक प्रदान करता है। आप अपनी रुचि के अनुसार तड़के की मात्रा में थोड़ा बदलाव भी कर सकते हैं।

जैसे ही तड़के की सोंधी खुशबू आने लगे, कटी हुई हरी मिर्च को कड़ाही में डाल दें। मध्यम आंच रखते हुए मिर्चियों को लगातार चलाते हुए करीब 2 से 3 मिनट तक भूनें। ध्यान रहे कि मिर्च को पूरी तरह से गलाना या उसका रंग पूरी तरह भूरा नहीं करना है। इस डिश की खासियत इसका क्रंच है, इसलिए मिर्च में हल्का कुरकुरापन बना रहना चाहिए। जब मिर्च की बाहरी त्वचा पर हल्के सफेद या सुनहरे चित्तीदार निशान दिखने लगें, तब समझें कि मिर्च दही सोखने के लिए तैयार है।

धीमी आंच पर दही पकाने का जरूरी नियम

मिर्च भुनने के बाद का चरण इस रेसिपी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। तेज आंच पर दही डालने से उसके फटने और पानी अलग होने का जोखिम रहता है। इसलिए मिर्च भुनते ही गैस की आंच को एकदम धीमा कर दें। इसके बाद तैयार किया गया दही और मसालों का घोल कड़ाही में पलट दें। घोल डालते ही बिना रुके लगातार करछी चलाते रहें।

लगातार चलाने से दही का तापमान स्थिर रहता है और वह फटता नहीं है। धीमी आंच पर पकते हुए दही धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगता है और मिर्च के भीतर तक मसालों का अर्क समा जाता है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न करें और संयम से धीमी आंच पर ही इसे पकाएं।

अंतिम चरण में तेल छोड़ने तक पकाएं

दही और मिर्च के इस मिश्रण को धीमी आंच पर करीब 2 से 3 मिनट तक पकने दें। बीच-बीच में करछी से चलाते रहें ताकि तली में मसाला चिपके नहीं। जैसे-जैसे दही पकेगा, ग्रेवी गाढ़ी और चमकदार होती जाएगी। जब ग्रेवी की सतह और कड़ाही के किनारों पर तेल तैरता हुआ नजर आने लगे, तो समझ लें कि सब्जी पूरी तरह तैयार हो चुकी है। अब गैस बंद कर दें और इस स्वादिष्ट राजस्थानी दही मिर्ची को अपनी थाली में शामिल करें।

सवाल-जवाब

राजस्थानी दही मिर्ची बनाने के लिए किस तरह की मिर्च चुननी चाहिए?
इस रेसिपी के लिए बहुत ज्यादा तीखी मिर्च के बजाय मोटी, गूदेदार और मध्यम तीखेपन वाली ताजी हरी मिर्च लेना सबसे अच्छा होता है।
अगर घर में तीखा कम पसंद हो तो मिर्च को कैसे तैयार करें?
मिर्च को बीच से चीरा लगाकर उसके सारे अंदरूनी बीज निकाल दें, जिससे उसका तीखापन काफी कम हो जाता है।
दही को कड़ाही में डालते समय फटने से कैसे बचाएं?
गैस की आंच धीमी कर दें, दही को पहले से अच्छी तरह फेंट कर रखें और कड़ाही में डालने के बाद लगातार करछी चलाते रहें।
तड़के में किन मसालों का इस्तेमाल किया जाता है?
तड़के में जीरा, राई, थोड़ी हींग, कलौंजी और साबुत सौंफ का उपयोग किया जाता है, जिससे खास खुशबू मिलती है।
सब्जी पूरी तरह पकने की क्या पहचान है?
जब धीमी आंच पर 2 से 3 मिनट पकने के बाद ग्रेवी गाढ़ी हो जाए और किनारों से तेल अलग होता दिखाई दे, तब सब्जी तैयार मानी जाती है।
इस रेसिपी को किस फूड क्रिएटर ने साझा किया है?
इस आसान राजस्थानी दही मिर्ची की विधि को मशहूर फूड क्रिएटर रश्मि जैन ने साझा किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp