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मोटे अनाज के पोषण के साथ सुबह के नाश्ते में लाएं नयापन, बलिया की कंचन सिंह से सीखें सॉफ्ट ज्वार इडली और स्पेशल पुदीना चटनी बनाने का तरीकाखानपान
24 अग॰ 2026, 1:01 pm (2 घंटे पहले)· 2

मोटे अनाज के पोषण के साथ सुबह के नाश्ते में लाएं नयापन, बलिया की कंचन सिंह से सीखें सॉफ्ट ज्वार इडली और स्पेशल पुदीना चटनी बनाने का तरीका

अगर आप रोज-रोज एक ही तरह का नाश्ता खाकर बोर हो चुके हैं, तो ज्वार की आटा इडली एक बेहतरीन और सेहतमंद विकल्प हो सकती है। इसे बिना किसी खास उपकरण के रसोई के सामान्य सामान से आसानी से बनाया जा सकता है।

सुबह के नाश्ते में हर दिन एक ही प्रकार के व्यंजन खाकर अक्सर लोग ऊब जाते हैं और किसी नए स्वाद की तलाश करते हैं। ऐसे में ज्वार से बनी इडली एक स्वाद भरा और सेहतमंद विकल्प बनकर उभरती है। मोटे अनाज की श्रेणी में शामिल ज्वार को आहार में शामिल करने की सलाह दी जाती है। इस इडली को बनाने के लिए किसी महंगे रसोई उपकरण या विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि घर में रखी रोजमर्रा की चीजों से ही इसे झटपट तैयार किया जा सकता है।

पारंपरिक नाश्ते में लाएं पौष्टिक बदलाव

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की निवासी कंचन सिंह के अनुसार, साधारण किचन सामग्री के प्रयोग से ज्वार की स्वादिष्ट इडली बनाई जा सकती है। आमतौर पर इडली बनाने के लिए चावल और उड़द की दाल या फिर सूजी का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, ज्वार के आटे से बनी इडली नाश्ते के टेबल पर एक नया स्वाद जोड़ती है। यह न केवल पाचन के लिहाज से हल्की होती है बल्कि रोजमर्रा की कुकिंग में मोटे अनाज को शामिल करने का एक बेहद आसान तरीका भी प्रस्तुत करती है।

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आवश्यक सामग्री और घोल तैयार करने का सही तरीका

स्वादिष्ट ज्वार इडली तैयार करने के लिए मुख्य रूप से ज्वार का आटा, थोड़ी सूजी, ताजा दही और पानी की आवश्यकता होती है। रेसिपी के अनुसार, ज्वार के आटे की कुल मात्रा के हिसाब से लगभग 5 प्रतिशत सूजी मिलाना फायदेमंद रहता है। सूजी मिलाने से बैटर को सही टेक्सचर मिलता है, जबकि दही डालने से खमीर उठाने में मदद मिलती है और इडली में हल्की नरमाहट आती है। इन सभी सामग्रियों को एक बर्तन में मिलाकर घोल तैयार किया जाता है। ध्यान रखें कि घोल न तो बहुत अधिक गाढ़ा होना चाहिए और न ही अत्यधिक पतला। घोल बनाने के बाद उसे कुछ समय के लिए ढककर रख दिया जाता है ताकि सभी तत्व अच्छी तरह आपस में रच-बस जाएं।

भाप में पकाने और जांचने की चरणबद्ध विधि

घोल के सही तरीके से सैट हो जाने के बाद इडली के सांचे को हल्के तेल या घी से चिकना कर लिया जाता है। इसके बाद सांचे के प्रत्येक खाने में तैयार घोल डाला जाता है। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि खाने को पूरा ऊपर तक न भरें, क्योंकि भाप में पकने के दौरान इडली फूलकर ऊपर आती है। इसके बाद स्टीमर या गहरे बर्तन में पर्याप्त पानी डालकर इडली के सांचे को रखा जाता है। इसे धीमी या मध्यम आंच पर लगभग 20 मिनट तक भाप में पकाया जाता है। पकाने के दौरान बार-बार ढक्कन उठाने से बचना चाहिए ताकि भाप बाहर न निकले।

लगभग 20 मिनट का समय बीत जाने पर इडली के पकने की जांच आसानी से की जा सकती है। इसके लिए एक साफ चाकू या लकड़ी की सींक को इडली के बीच में डालकर देखें। यदि चाकू साफ बाहर निकल आता है और उस पर कोई घोल नहीं चिपकता, तो इसका मतलब है कि इडली पूरी तरह पक चुकी है। गैस बंद करने के बाद तुरंत इडली निकालने की बजाय इसे लगभग 5 मिनट के लिए ठंडा होने दें। इसके बाद चम्मच या चाकू की मदद से सांचे से इडली बाहर निकालें। इससे इडली टूटती नहीं और बेहद हल्की व नरम बाहर आती है।

नारियल, मूंगफली और पुदीने की स्पेशल चटनी

ज्वार इडली के स्वाद को कई गुना बढ़ाने के लिए इसके साथ एक खास चटनी परोसी जाती है। इस चटनी को बनाने के लिए ताजा नारियल, भुनी हुई मूंगफली और ताजे पुदीने के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें स्वादानुसार हरी मिर्च, थोड़ा नमक और आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर मिक्सी में बारीक पीस लिया जाता है। चटनी को और अधिक जायकेदार बनाने के लिए इसमें राई और कढ़ी पत्ते का हल्का तड़का भी लगाया जा सकता है। नारियल का मलाईदार टेक्सचर, मूंगफली का सौंधापन और पुदीने की ताजगी मिलकर इडली के साथ एक बेहतरीन स्वाद का अहसास कराती है।

परोसने के तरीके और बच्चों के लिए खास सुझाव

ज्वार की इडली का आनंद लेने के लिए किसी रेस्तरां या दुकान पर जाने की जरूरत नहीं है। इसे घर पर ही सुबह के नाश्ते में बहुत कम समय में तैयार किया जा सकता है। यदि यह नाश्ता बच्चों के लिए बनाया जा रहा है, तो छोटे आकार की मिनी इडली बनाई जा सकती है, जो प्लेट में देखने में काफी आकर्षक लगती हैं। इसे नारियल-पुदीने की चटनी के साथ गरमा-गरम परोसा जा सकता है। इसके अलावा, इडली के साथ उबली या हल्की फ्राई की गई हरी सब्जियां भी रखी जा सकती हैं। इससे सामान्य नाश्ता देखने में सुंदर और खाने में पौष्टिक बन जाता है।

मोटे अनाज का संतुलन और आहार में महत्व

आजकल खान-पान में मोटे अनाज यानी मिलेट्स को शामिल करने पर काफी जोर दिया जा रहा है। ज्वार भी इसी श्रेणी का एक महत्वपूर्ण अनाज है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खाद्य पदार्थ को केवल स्वास्थ्य लाभ के चक्कर में अत्यधिक मात्रा में खाना सही नहीं होता। ज्वार की इडली को रोजमर्रा के नाश्ते में स्वाद बदलने और आहार में वैरायटी लाने के एक सुलभ विकल्प के रूप में देखा जाना चाहिए। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो अपने पारंपरिक खान-पान में बिना किसी बड़े बदलाव के नयापन लाना चाहते हैं।

सवाल-जवाब

ज्वार की इडली बनाने के लिए किन मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है?
इसके लिए मुख्य रूप से ज्वार का आटा, लगभग 5 प्रतिशत सूजी, दही और घोल तैयार करने के लिए पानी की आवश्यकता होती है।
घोल तैयार करते समय सूजी और दही मिलाने से क्या फायदा होता है?
सूजी मिलाने से घोल का सही टेक्सचर बनता है, जबकि दही डालने से खमीर उठाने में मदद मिलती है जिससे इडली नरम बनती है।
ज्वार की इडली को भाप में पकाने में कितना समय लगता है?
इडली के सांचे को स्टीमर में रखकर धीमी या मध्यम आंच पर लगभग 20 मिनट तक भाप में पकाना चाहिए।
इडली ठीक से पकी है या नहीं, इसकी जांच कैसे करें?
एक साफ चाकू या सींक को इडली में डालकर देखें; यदि वह बिना किसी चिपचिपे घोल के साफ बाहर आता है तो इडली पक चुकी है।
ज्वार इडली के साथ कौन सी चटनी सबसे अच्छी लगती है?
ताजे नारियल, भुनी मूंगफली, पुदीने की पत्तियों, हरी मिर्च और नमक को एक साथ पीसकर बनाई गई चटनी इसके साथ बेहतरीन लगती है।
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