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त्योहारों पर मिलावटी खोये की पहचान कैसे करें: जानिए शुद्ध और नकली मावा जांचने के आसान तरीकेखानपान
24 अग॰ 2026, 1:00 pm (66 दिन पहले)· 2

त्योहारों पर मिलावटी खोये की पहचान कैसे करें: जानिए शुद्ध और नकली मावा जांचने के आसान तरीके

त्योहारों में मावा खरीदते समय मिलावट से बचने के लिए रंग, बनावट, खुशबू, स्वाद और घरेलू परीक्षणों के जरिए असली-नकली खोये की पहचान करना सीखें।

त्योहारों के मौसम में मिठाइयां बनाने के लिए मावे या खोये का व्यापक इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इस दौरान मांग अचानक बढ़ जाने के कारण बाजार में मिलावटी और नकली मावे की आपूर्ति में भी काफी इजाफा देखने को मिलता है। कई कारोबारी अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में शुद्ध मावे की जगह मैदा, स्टार्च, सिंथेटिक दूध और वनस्पति घी जैसे हानिकारक पदार्थों की मिलावट कर देते हैं। इस तरह का मिलावटी मावा सेहत के लिए अत्यंत नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए त्योहारों की खरीदारी के दौरान खुद को और अपने परिवार को सेहत संबंधी खतरों से बचाने के लिए असली और नकली मावे की सटीक पहचान करना बेहद जरूरी है।

रंग, बनावट और खुशबू से करें असली मावे की जांच

शुद्ध मावा तैयार करने के लिए दूध को धीमी आंच पर घंटों तक पकाया जाता है, जिससे उसमें दूध के सभी प्राकृतिक पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। असली मावे की पहचान उसके हल्के सफेद या क्रीमी रंग से होती है। यदि बाजार में उपलब्ध मावा जरूरत से ज्यादा चमकदार सफेद या गहरा पीला नजर आ रहा हो, तो उसमें मिलावट की पूरी संभावना रहती है।

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छूने और सूंघने के तरीके से भी असली-नकली का अंतर साफ पता चल जाता है। असली मावे को जब आप उंगलियों के बीच दबाते हैं, तो वह बहुत ही मुलायम महसूस होता है और आसानी से टूटने लगता है। इसके विपरीत, मिलावटी या नकली मावा छूने में काफी सख्त, चिपचिपा या रबर की तरह खिंचने वाला महसूस होता है। इसके अलावा, शुद्ध मावे में ताजे दूध की हल्की और स्वाभाविक महक होती है। यदि मावे से किसी रासायनिक पदार्थ, सड़े हुए तेल या बनावटी सुगंध की गंध आए, तो उसे खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि अक्सर पुरानी या खराब गंध को छिपाने के लिए नकली मावे में सिंथेटिक फ्लेवर मिलाए जाते हैं।

स्वाद और हीटिंग टेस्ट से मिलेगी तुरंत सटीक जानकारी

मावे की शुद्धता की पुष्टि करने के लिए उसका एक छोटा सा टुकड़ा चखना एक बेहद आसान तरीका है। असली मावा मुंह में रखते ही आसानी से घुलने लगता है और इसका स्वाद हल्का मीठा, मलाईदार तथा दूध जैसा होता है। दूसरी ओर, यदि मावा चखने पर मुंह में किसकिसाहट लगे या मैदे जैसी कोई अजीब रंगत महसूस हो, तो वह नकली हो सकता है।

इसके अलावा, आप मावे को थोड़ा सा गर्म करके भी उसकी जांच कर सकते हैं। जब शुद्ध मावे को हल्की आंच पर गर्म किया जाता है, तो वह धीरे-धीरे नरम होता है और उसमें से ताजे दूध की भीनी-भीनी खुशबू निकलने लगती है। लेकिन अगर गर्म करते ही मावे से असामान्य रूप से बहुत अधिक तेल छूटने लगे या वह तुरंत पानी जैसा पिघल जाए, तो यह स्पष्ट संकेत है कि उसमें वनस्पति घी या अन्य सस्ते वसा युक्त पदार्थों की मिलावट की गई है।

आयोडीन जांच और सुरक्षित खरीदारी के आसान टिप्स

अगर आपको मावे में स्टार्च या मैदे की मिलावट का शक है, तो इसे घर पर ही आयोडीन टेस्ट के जरिए जांचा जा सकता है। इसके लिए मावे का थोड़ा सा घोल पानी में तैयार करें और उसमें आयोडीन घोल की कुछ बूंदें डालें। यदि घोल का रंग बदलकर नीला या काला होने लगे, तो इसका मतलब है कि उसमें स्टार्च मिलाया गया है। हालांकि यह एक त्वरित घरेलू तरीका है, लेकिन पूरी तरह प्रामाणिक पुष्टि के लिए प्रयोगशाला की जांच ही मान्य होती है।

बाजार से मावा खरीदते समय हमेशा विश्वसनीय और प्रतिष्ठित दुकानों का ही चयन करें। यदि आप पैकेट बंद मावा खरीद रहे हैं, तो पैकेट पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि और एफएसएसएआई (FSSAI) का लाइसेंस नंबर ध्यानपूर्वक जांच लें। इसके अतिरिक्त, बाजार में मिलने वाले असामान्य रूप से सस्ते मावे के झांसे में न आएं, क्योंकि शुद्ध मावा तैयार करने में अत्यधिक दूध और लागत लगती है, इसलिए वह बेहद सस्ता नहीं हो सकता।

सवाल-जवाब

असली मावे का रंग और बनावट कैसी होती है?
असली मावा हल्के सफेद या क्रीमी रंग का होता है, छूने में बेहद मुलायम होता है और उंगलियों से दबाने पर आसानी से टूट जाता है।
नकली मावे में किन हानिकारक चीजों की मिलावट की जाती है?
नकली या मिलावटी मावे में स्टार्च, मैदा, सिंथेटिक दूध, वनस्पति घी और अन्य सस्ते रसायन मिलाए जाते हैं।
मावे में स्टार्च की जांच घर पर कैसे करें?
पानी में मावे का घोल बनाकर उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। यदि घोल का रंग बदलकर नीला या काला हो जाए, तो उसमें स्टार्च की मिलावट है।
मावा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मावा हमेशा प्रतिष्ठित दुकानदारों से खरीदें और पैकेट बंद मावे पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि व एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस नंबर अवश्य चेक करें।
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