बरसात के मौसम में जब शाम को गरमा-गरम चाय की चुस्की के साथ कुछ तीखा, चटपटा और झटपट बनने वाला नाश्ता मिल जाए, तो दिन का पूरा मजा दोगुना हो जाता है। अगर आप भी बाजार के तले-भुने और अनहेल्दी जंक फूड के बजाय अपने परिवार को कुछ पारंपरिक, हल्का और पौष्टिक खिलाना चाहते हैं, तो बिहार के ग्रामीण अंचलों की यह खास डिश एक बेहतरीन विकल्प है। इसे मिथिलांचल और मुजफ्फरपुर के इलाकों में बेहद चाव से बनाया और खाया जाता है। इस पारंपरिक देसी स्नैक का नाम ‘भुट्टे का गलबल’ है, जिसे कई स्थानों पर मक्के की भुंजिया या देसी कॉर्न फ्राई भी कहा जाता है।
मिथिलांचल की पहचान और 5 मिनट की जादुई तैयारी
इस लजीज नाश्ते की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता और कम समय में तैयार होना है। इसे बनाने में महज 5 मिनट का वक्त लगता है। इसके लिए किसी भी तरह के महंगे या दुर्लभ सामान की जरूरत नहीं पड़ती है। घर की रसोई में आसानी से मिलने वाले ताजे मक्के के दानों और रोजमर्रा के बुनियादी मसालों से ही यह बेहद कुरकुरी और जायकेदार डिश तैयार हो जाती है। तीखे और चटपटे स्वाद का यह अनोखा मेल घर के बड़े-बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चों को भी बहुत पसंद आता है।
गलबल बनाने के लिए जरूरी सामग्री
घर पर पारंपरिक स्वाद वाला भुट्टे का गलबल तैयार करने के लिए बहुत कम चीजों की दरकार होती है। आवश्यक सामग्रियों की सूची इस प्रकार है
- ताजे भुट्टे के दाने: 1 से 2 कप (नरम और ताजे कॉर्न के दाने लें)
- तेल या सरसों का तेल: 1 से 2 बड़े चम्मच
- प्याज: 1 मध्यम आकार का (बारीक कटा हुआ)
- टमाटर: 1 छोटा (बारीक कटा हुआ, उपयोग पूरी तरह से वैकल्पिक)
- अन्य बुनियादी चीजें: बारीक कटी हरी मिर्च, सामान्य नमक, काला नमक, चाट मसाला और ताजा हरा धनिया
कदम-दर-कदम बनाने की आसान विधि
स्वाद से भरपूर इस नाश्ते को तैयार करने के लिए सबसे पहले ताजे और कच्चे भुट्टों के छिलके हटा लें। इसके बाद उनके दानों को सावधानी से अलग कर लें। एक बात का खास ख्याल रखें कि भुट्टे जितने कोमल और ताजे होंगे, तैयार गलबल उतना ही मीठा, मुलायम और स्वादिष्ट बनेगा।
इसके बाद एक कड़ाही या पैन को गैस पर रखें और उसमें 1 से 2 बड़े चम्मच तेल गर्म करें। अगर आप सरसों के तेल का इस्तेमाल करेंगे, तो इसमें बिल्कुल पारंपरिक बिहारी स्वाद निखर कर आएगा। गर्म तेल में बारीक कटी हुई हरी मिर्च डालें और उसे कुछ सेकंड के लिए हल्का सा भून लें।
अब इस गर्म तेल में ताजे मक्के के दाने डालें। आंच को मध्यम-धीमी रखें और दानों को लगातार चलाते हुए पैन-फ्राय करें। इन्हें तब तक भूनना है जब तक कि मक्के के दाने हल्के सुनहरे और बाहर से क्रंची न दिखने लगें।
जब दाने अच्छी तरह भुन जाएं, तब पैन में बारीक कटा हुआ प्याज और टमाटर डालें। इसे लगभग एक से दो मिनट तक और भूनें, जिससे प्याज का कच्चापन दूर हो जाए और वह हल्का पारदर्शी नजर आने लगे।
इसके तुरंत बाद पैन में स्वादानुसार सादा नमक, थोड़ा काला नमक और चटपटा चाट मसाला छिड़कें। सभी चीजों को चम्मच से अच्छी तरह मिलाएं ताकि मसालों की पूरी खुशबू और तीखापन मक्के के हर एक दाने में समा जाए।
गार्निशिंग और सेहत के फायदे
मसाले अच्छी तरह मिल जाने के बाद गैस बंद कर दें। अंत में इसके ऊपर बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया बुरकें। आपका गरमा-गरम और बेहद लजीज ‘भुट्टे का गलबल’ परोसने के लिए बिल्कुल तैयार है।
बाजार के डिब्बाबंद और अत्यधिक तले हुए स्नैक्स की तुलना में यह देसी नाश्ता काफी हल्का और सेहतमंद होता है। मक्का फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो पाचन और सामान्य सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। रिमझिम बारिश के बीच जब आप पूरे परिवार के साथ इस पारंपरिक बिहारी स्वाद का लुत्फ उठाएंगे, तो आपकी शाम की चाय की महफिल और भी यादगार बन जाएगी।




















