पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल हत्याकांड के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, अस्पताल में मौतपश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का मामला, बागुईआटी थाने में शिकायत दर्जराशिफल 29 अक्टूबर: उच्च के चंद्रमा के प्रभाव से 8 राशियों की बदलेगी किस्मत, हर तरफ से मिलेंगे लाभ के संकेतबिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी मुश्किलें गहरी, आय से अधिक संपत्ति मामले में दाखिल हुई सप्लीमेंट्री चार्जशीटसीवर और सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों को मिलेगा 30 लाख मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देशमूलांक 4 दैनिक अंकज्योतिष 29 अक्टूबर: डिजिटल लेन-देन में बरतें सावधानी, जल्दबाजी से बचेंमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए धारा 18 बनी ढाल, सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने रखा अपना पक्षचार राज्यों के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका, बीजेपी और सपा का दबदबाअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में एलन मस्क का बड़ा दांव, झोंके 7.6 करोड़ डॉलरमूलांक 2 राशिफल 29 अक्टूबर 2026: दिल की बातों और पैसों के लेन-देन में बरतें सावधानी
गर्दन में बिना दर्द की गांठ और बैठी आवाज हो सकती है हेड एंड नेक कैंसर की चेतावनी, फरीदाबाद के अमृता अस्पताल के डॉक्टर आहियार से समझें लक्षणस्वास्थ्य
28 जुल॰ 2026, 11:40 am (93 दिन पहले)· 1

गर्दन में बिना दर्द की गांठ और बैठी आवाज हो सकती है हेड एंड नेक कैंसर की चेतावनी, फरीदाबाद के अमृता अस्पताल के डॉक्टर आहियार से समझें लक्षण

अमृता अस्पताल फरीदाबाद के डॉक्टर आहियार के अनुसार लंबे समय तक आवाज बैठना, खाना निगलने में तकलीफ और बिना दर्द की गांठ हेड एंड नेक कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। यह बीमारी बिना तंबाकू सेवन करने वालों को भी प्रभावित कर सकती है।

शरीर में लगातार दिखने वाले छोटे छोटे बदलाव किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की पूर्व चेतावनी हो सकते हैं, जिन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। फरीदाबाद स्थित अमृता अस्पताल के हेड एंड नेक सर्जरी विभाग के डॉक्टर आहियार ने इस विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कई हफ्तों तक आवाज भारी या बैठी रहना, भोजन अथवा पानी निगलने में परेशानी होना, गर्दन में बिना किसी दर्द के गांठ उभरना और कान के एक हिस्से में लगातार दर्द महसूस होना जैसे लक्षण हेड एंड नेक कैंसर का इशारा हो सकते हैं। आमतौर पर लोगों में यह धारणा होती है कि मुंह या गले का कैंसर केवल गुटखा, सिगरेट या तंबाकू का सेवन करने वालों को ही होता है। हालांकि डॉक्टर आहियार का कहना है कि यह कैंसर उन लोगों में भी विकसित हो सकता है जिन्होंने कभी तंबाकू को हाथ भी न लगाया हो। इसलिए यदि शरीर में ऐसे संकेत लंबे समय तक बने रहें तो बिना देर किए विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है।

गर्दन में बिना दर्द की गांठ: साधारण सूजन या कैंसर का संकेत?

गर्दन में किसी भी तरह की गांठ दिखाई देने पर लोग अक्सर इसे मामूली सूजन या किसी आम संक्रमण का असर मान लेते हैं। डॉक्टर आहियार के अनुसार यदि गर्दन की गांठ में दर्द नहीं हो रहा है, तो यह स्थिति और भी अधिक सतर्क रहने की मांग करती है। बिना दर्द वाली यह गांठ मुंह या गले के कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकती है। ऐसी स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही बरतना खतरनाक साबित हो सकता है। चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले डॉक्टर यह स्पष्ट करते हैं कि यह गांठ किसी सामान्य इंफेक्शन के कारण बनी है या इसके पीछे कोई दूसरी गंभीर बीमारी जिम्मेदार है।

ये भी पढ़ें

इसकी सटीक जांच के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाता है। प्राथमिक चरण में मरीज का अल्ट्रासाउंड कराया जाता है ताकि गांठ की बनावट और स्थिति का पता चल सके। यदि अल्ट्रासाउंड में कुछ संदेहास्पद नजर आता है, तो एक बहुत ही पतली सुई की मदद से गांठ के भीतर से ऊतकों का थोड़ा सा सैंपल निकाला जाता है। इस जांच प्रक्रिया के जरिए यह पूरी तरह साफ हो जाता है कि गांठ सामान्य है या फिर यह कैंसरग्रस्त कोशिकाओं से जुड़ी है। समय पर सही जांच होने से बीमारी की स्थिति स्पष्ट हो जाती है और बिना किसी देरी के इलाज शुरू करना संभव हो पाता है, जिससे कैंसर को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।

आवाज में लगातार बदलाव और निगलने में होने वाली तकलीफ

मौसम बदलने पर अक्सर गला खराब होना या आवाज बैठ जाना एक आम बात है, लेकिन यदि यह परेशानी कई दिनों तक लगातार बनी रहे तो इसे साधारण सर्दी-जुकाम मानकर टालना सही नहीं है। डॉक्टर आहियार स्पष्ट करते हैं कि बिना किसी स्पष्ट कारण के यदि आवाज में स्थायी परिवर्तन या भारीपन आ जाए, तो यह वोकल कॉर्ड यानी आवाज की नली से संबंधित विकार या गले के कैंसर की शुरुआत हो सकती है। जब भी ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत किसी ईएनटी विशेषज्ञ या हेड एंड नेक कैंसर विशेषज्ञ से संपर्क करके जांच करानी चाहिए।

इसके अलावा, खान-पान में होने वाली दिक्कतें भी एक बड़ा चेतावनी संकेत हैं। यदि खाना निगलते समय गले में तेज दर्द महसूस हो, ऐसा लगे कि भोजन बार-बार गले या भोजन नली में अटक रहा है, अथवा पानी या तरल पदार्थ पीने में भी कठिनाई आने लगे, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। गले या भोजन की नली में पनपने वाले कैंसर की शुरुआत अक्सर इन्हीं लक्षणों के साथ होती है। यदि यह तकलीफ कुछ दिनों से ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो तत्काल चिकित्सीय परामर्श लेना ही समझदारी है।

कान दर्द, जांच प्रक्रिया और शुरुआती इलाज का लाभ

डॉक्टर आहियार यह भी स्पष्ट करते हैं कि गर्दन की हर गांठ या कान का हर दर्द कैंसर ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई मामलों में यह किसी सामान्य बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण और अन्य मामूली कारणों से भी हो सकता है। लेकिन यदि बिना किसी चोट या इंफेक्शन के गर्दन में गांठ बनी हुई है और साथ ही सिर के एक तरफ कान में लगातार दर्द की शिकायत बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेष रूप से जब कान दर्द के साथ-साथ आवाज बैठने और निगलने में परेशानी जैसे लक्षण भी एक साथ दिख रहे हों, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से संपूर्ण परीक्षण कराना बेहद जरूरी हो जाता है।

सही समय पर की गई जांच और डॉक्टरी सलाह से इस बीमारी को बिल्कुल शुरुआती चरण में ही पकड़ा जा सकता है। शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता लग जाने से इलाज की सफलता दर काफी बढ़ जाती है और मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना में भारी इजाफा होता है। इसलिए शरीर के इन संकेतों को पहचानना और समय रहते कदम उठाना ही सबसे उत्तम बचाव है।

सवाल-जवाब

क्या हेड एंड नेक कैंसर केवल तंबाकू खाने वालों को ही होता है?
नहीं, हेड एंड नेक कैंसर उन लोगों को भी हो सकता है जो तंबाकू या गुटखे का सेवन बिल्कुल नहीं करते हैं।
गर्दन की गांठ कैंसर की है या नहीं, इसका पता कैसे चलता है?
गर्दन की गांठ की जांच के लिए डॉक्टर सबसे पहले अल्ट्रासाउंड करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर पतली सुई से सैंपल निकालकर जांच करते हैं।
आवाज बैठने पर कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
यदि बिना किसी स्पष्ट कारण या सर्दी-जुकाम के आवाज कई दिनों तक लगातार बैठी या भारी बनी रहे, तो ईएनटी या हेड एंड नेक विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
खाना निगलने में तकलीफ होना किस बात का संकेत हो सकता है?
खाना या पानी निगलने में दर्द होना या बार-बार खाना गले में अटकना गले या भोजन की नली के कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
क्या हर बिना दर्द वाली गांठ कैंसर ही होती है?
नहीं, हर गांठ कैंसर नहीं होती और यह सामान्य संक्रमण से भी हो सकती है, लेकिन बिना दर्द की पुरानी गांठ की डॉक्टरी जांच कराना बेहद जरूरी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp