घरों में रोज बर्तन चमकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला किचन स्पंज आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। कतर में कार्यरत फूड सेफ्टी ऑफिसर अहाना नजर हाफिज ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए चेतावनी जारी की है कि दिखने में साफ सुथरा लगने वाला स्पंज असल में घर की सबसे दूषित चीजों में से एक बन जाता है। रसोई की सफाई करते वक्त अगर स्पंज का सही रख-रखाव न किया जाए तो यह बर्तनों की गंदगी मिटाने के बजाय हानिकारक सूक्ष्मजीवों को पूरे किचन में फैलाने लगता है।
टॉयलेट सीट से भी खतरनाक क्यों बनता है स्पंज
फूड सेफ्टी एक्सपर्ट के मुताबिक स्पंज की खास छिद्रदार संरचना ही बैक्टीरिया के पनपने का मुख्य केंद्र बनती है। जब बर्तनों से तेल, ग्रीस और खाने के सूक्ष्म कण इस स्पंज के सुराखों में फंस जाते हैं, तो नमी के संपर्क में आकर वहां तेजी से जीवाणु बढ़ने लगते हैं। इस वजह से स्पंज में किसी सामान्य टॉयलेट सीट के मुकाबले भी अधिक संख्या में बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। बाहर से स्पंज कितना भी सुथरा नजर आए, लेकिन अंदर छुपे यह रोगाणु सीधे बर्तनों के जरिए इंसान के शरीर में प्रवेश कर बीमारियों का कारण बनते हैं।
सफाई और रख-रखाव के जरूरी नियम
रसोई में रोगाणुओं के खतरे को कम करने के लिए अहाना नजर हाफिज ने रोजाना की सफाई से जुड़े अहम सुझाव दिए हैं। बर्तनों की धुलाई के तुरंत बाद स्पंज को साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। धोने के बाद उसमें बचा हुआ अतिरिक्त पानी पूरी ताकत से निचोड़कर अलग कर दें और उसे ऐसी जगह रखें जहां वह पूरी तरह सूख सके। नमी से भरे स्पंज में जीवाणु बहुत तेजी से अपनी संख्या बढ़ाते हैं, इसलिए उसे सुखाना बेहद आवश्यक है। इसके अलावा स्पंज को नियमित रूप से खौलते गर्म पानी में भिगोकर रोगाणु मुक्त करने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
गर्म पानी की धुलाई के बाद भी क्यों जरूरी है स्पंज बदलना
विशेषज्ञ का स्पष्ट कहना है कि स्पंज को गर्म पानी में उबालने से उसमें मौजूद बैक्टीरिया काफी हद तक नष्ट हो जाते हैं, लेकिन यह तरीका स्पंज की मियाद को लंबे समय तक नहीं बढ़ा सकता। उबलता पानी बैक्टीरिया की तादाद कम तो करता है, मगर स्पंज के रेशों में जमे सूक्ष्म कणों को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाता। इसीलिए बर्तनों पर जीवाणुओं का प्रसार रोकने के लिए हर हफ्ते पुराना स्पंज हटाकर नया स्पंज इस्तेमाल में लाना चाहिए।
थोक खरीदारी और नियमित बदलाव की सलाह
अहाना नजर हाफिज ने अपनी सलाह में एक प्रमुख बात कही है।
"अपने स्पंज को कम से कम हफ्ते में एक बार बदलें।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि किचन स्पंज रसोई में इस्तेमाल होने वाले सबसे सस्ते सामानों में शामिल है। इसे हफ्तों या महीनों तक लगातार घिसने के बजाय थोक में खरीदकर रखना चाहिए और तय मियाद पूरी होते ही तुरंत नया स्पंज निकाल लेना चाहिए। ऐसा करने से बर्तनों पर बैक्टीरिया का जमाव रुकेगा और परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा।



















