आज की भागदौड़ से भरी जीवनशैली में पैकेटबंद खाद्य पदार्थों का चलन आम हो चुका है। बच्चे हों या वयस्क, शाम के वक्त हल्की भूख बुझाने के लिए बिस्कुट, चिप्स, केक, नूडल्स और नमकीन जैसी चीजों का जमकर सेवन करते हैं। क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि ये उत्पाद लंबे समय तक कैसे स्वादिष्ट और कुरकुरा बने रहते हैं? इसके पीछे मुख्य वजह पाम ऑयल का उपयोग है।
किफायती होने की वजह से अधिकांश खाद्य निर्माता कंपनियां खाना पकाने के तेल के रूप में पाम ऑयल को प्राथमिकता देती हैं। हालांकि, स्वाद और सुविधा की चाहत में लोग अनजाने में अपने स्वास्थ्य के साथ बड़ा जोखिम उठा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेल का अत्यधिक सेवन शरीर को कई गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।
इस तेल में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अत्यधिक होती है। जब कोई व्यक्ति ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करता है जिनमें यह तेल छिपा होता है, तो उसके शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का स्तर तेजी से ऊपर जाने लगता है। कोलेस्ट्रॉल का यह स्तर न केवल हृदय स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि अन्य कई शारीरिक विकारों को भी आमंत्रित करता है।
पाम ऑयल के सेवन से होने वाले प्रमुख स्वास्थ्य नुकसान इस प्रकार हैं
दिल की बीमारियों का बढ़ता खतरा
इस तेल में मौजूद सैचुरेटेड फैट रक्त धमनियों में वसा जमा करने का काम करता है। इससे रक्त संचार में रुकावट आती है और भविष्य में यह दिल का दौरा, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक जैसी गंभीर हृदय संबंधी परेशानियों की वजह बन सकता है।
पैकेटबंद स्नैक्स और बेकरी का सामान कैलोरी और अस्वास्थ्यकर वसा से भरपूर होता है। इस तरह के उत्पादों को खाने से शरीर में चर्बी तेजी से एकत्र होने लगती है, जिससे वजन को काबू में रखना कठिन हो जाता है और मोटापा घेर लेता है।
जरूरत से ज्यादा अस्वास्थ्यकर फैट खाने से फैटी लिवर डिजीज की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। यकृत के ठीक से काम न करने पर पाचन प्रक्रिया और चयापचय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
चिकित्सकीय शोध के मुताबिक, अत्यधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट लेने से शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता कमजोर हो सकती है। इसका अर्थ यह है कि शरीर के भीतर रक्त शर्करा के स्तर को संभालना कठिन हो जाता है, जो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा पैदा करता है।
बचाव के उपाय और ध्यान रखने योग्य बातें
सामग्री की सूची जरूर पढ़ें
बाजार से कोई भी पैकेटबंद वस्तु जैसे बिस्कुट, चिप्स, ब्रेड या केक खरीदते समय उसके पीछे छपी सामग्री की जांच अवश्य करें। यदि उसमें पाम ऑयल या वेजिटेबल ऑयल का जिक्र हो, तो यह समझ लें कि उसमें इसी तेल का प्रयोग किया गया है।
कोशिश यह रहनी चाहिए कि बच्चों और अपने स्वयं के लिए घर पर तैयार किया गया ताजा नाश्ता, भुने हुए मखाने या ताजे फलों का चयन किया जाए। पैकेटबंद और जंक फूड का उपयोग कम से कम किया जाना चाहिए।
भोजन तैयार करने के लिए पाम ऑयल के स्थान पर सरसों के तेल, जैतून के तेल या शुद्ध घी जैसे स्वस्थ विकल्पों को चुना जा सकता है।


















