दैनिक खानपान में जब भी प्रोटीन बढ़ाने की चर्चा चलती है, तो अधिकांश लोग अंडे, चिकन, मछली अथवा दालों को ही सबसे उत्तम विकल्प मानते हैं। पोषण से जुड़े विभिन्न खाद्य पदार्थों की जब तुलना की जाती है, तो एक डेयरी उत्पाद इन सभी पारंपरिक स्रोतों पर भारी पड़ता दिखाई देता है। यह खाद्य पदार्थ परमेसन चीज है, जिसे गाय के दूध की मदद से तैयार किया जाता है। इसका नमकीन और विशिष्ट स्वाद पास्ता, सूप अथवा सलाद का जायका बढ़ाने के लिए खूब इस्तेमाल किया जाता है, जबकि कई लोग इसे सीधे छोटे टुकड़ों के रूप में भी चखना पसंद करते हैं।
खाद्य पदार्थों के पोषण आंकड़ों की तुलना करने पर सामने आता है कि 100 ग्राम परमेसन चीज के भीतर लगभग 36 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है। प्रोटीन घनत्व के पैमाने पर यह आंकड़ा चिकन ब्रेस्ट, टूना मछली, बीफ, बादाम, टोफू, उबले अंडे और पकी हुई दालों से भी अधिक बैठता है।
परमेसन चीज की बनावट और स्वाद की खासियत
परमेसन चीज एक कड़ा और लंबे समय तक पकाया जाने वाला चीज माना जाता है। इसे तैयार करने की लंबी प्रक्रिया के चलते इसका स्वाद हल्का तीखा, नमकीन और अखरोट जैसा महसूस होता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि बहुत कम मात्रा में भी यह किसी भी व्यंजन का स्वाद पूरी तरह बदल देता है। हालांकि, डाइट में इसे शामिल करते समय मात्रा का ध्यान रखना जरूरी होता है। चिकन, मछली अथवा दाल की तरह इसे बहुत ज्यादा मात्रा में नहीं खाया जा सकता, क्योंकि इसमें फैट और सोडियम की मात्रा भी काफी अधिक पाई जाती है।
नॉनवेज आहार में प्रोटीन के प्रमुख स्रोत
मांसाहारी भोजन करने वाले लोगों के बीच चिकन ब्रेस्ट प्रोटीन का सबसे लोकप्रिय जरिया माना जाता है। इसे कम तेल में पकाने पर इसमें फैट की मात्रा काफी कम रहती है और इसे रोजमर्रा के सलाद, सैंडविच या रैप में आसानी से शामिल किया जा सकता है। प्रति 100 ग्राम चिकन ब्रेस्ट से करीब 32 ग्राम प्रोटीन प्राप्त होता है, जो परमेसन चीज की तुलना में महज 4 ग्राम कम है।
सीफूड के शौकीनों के लिए मछली प्रोटीन का बेहतरीन जरिया बनती है। खासतौर पर पकी हुई ब्लूफिन टूना में प्रति 100 ग्राम लगभग 30 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसे हल्का ग्रिल करके या सेककर सलाद और अन्य मुख्य व्यंजनों में खाया जाता है। इसके अलावा, बीफ स्कर्ट स्टेक भी प्रोटीन का एक ठोस विकल्प है, जिसे तेज आंच पर भूनकर बारीक टुकड़ों में परोसा जाता है। 100 ग्राम ग्रिल्ड बीफ से शरीर को लगभग 29 ग्राम प्रोटीन की खुराक मिलती है।
शाकाहारी और वीगन विकल्पों में कितना होता है प्रोटीन
शाकाहारी डाइट लेने वाले व्यक्तियों के लिए सूखे मेवों में बादाम एक प्रमुख विकल्प है। 100 ग्राम कच्चे बादाम खाने पर शरीर को करीब 21 ग्राम प्रोटीन हासिल होता है। इसके साथ ही बादाम में पर्याप्त फाइबर और हेल्दी फैट भी मौजूद रहते हैं, हालांकि इसमें कैलोरी अधिक होने के कारण इसे संतुलित मात्रा में ही खाने की सलाह दी जाती है।
पौधों पर आधारित प्रोटीन चाहने वालों के लिए टोफू बेहद उपयोगी माना जाता है। इसे सोयाबीन के रस से तैयार किया जाता है और यह मांस या मछली न खाने वालों के लिए काफी मुफीद बैठता है। 100 ग्राम सादे और बिना पकाए फर्म टोफू में लगभग 17 ग्राम प्रोटीन मौजूद रहता है। टोफू विभिन्न मसालों और सॉस के स्वाद को बहुत तेजी से सोख लेता है, इसलिए इसे ग्रेवी वाली सब्जियों, करी या ग्रिल्ड स्नैक्स में आसानी से मिलाया जा सकता है।
अंडे और दालों की पोषण क्षमता
साधारण नाश्ते में प्रोटीन जोड़ने का सबसे आसान तरीका उबले अंडे हैं। 100 ग्राम उबले अंडों से लगभग 13 ग्राम प्रोटीन की प्राप्ति होती है। अंडे न केवल प्रोटीन प्रदान करते हैं बल्कि शरीर को कई जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी देते हैं। इन्हें सुबह के नाश्ते, सलाद अथवा सैंडविच में शामिल करना बेहद सरल रहता है।
भारतीय घरों में रोज खाई जाने वाली दालें भी पोषण का अहम जरिया हैं। दालें प्रोटीन के साथ-साथ डाइटरी फाइबर का भी बहुत बढ़िया स्रोत मानी जाती हैं। 100 ग्राम पकी हुई और पानी निथारी गई दाल के भीतर करीब 9 ग्राम प्रोटीन मिलता है। भारतीय भोजन में दाल को पतली दाल, गाढ़े सूप, सलाद या खिचड़ी के रूप में हर दिन खाया जाता है।



















