भारतीय घरों में दूध की मलाई को सहेजकर पारंपरिक तरीके से घी तैयार करने का चलन काफी पुराना रहा है। बाजार में उपलब्ध घी में मिलावट की आशंका के बीच बहुत से परिवार घर पर ही बने उत्पाद को प्राथमिकता देते हैं। यदि नियमित रूप से दूध का उपयोग होता है, तो उसकी सतह पर बनने वाली मलाई को एकत्रित करके बिना किसी महंगी मशीन के शुद्ध घी बनाया जा सकता है। घरेलू उपायों के जरिए शुद्धता और स्वाद दोनों को सुनिश्चित किया जा सकता है।
मलाई एकत्र करने और सुरक्षित रखने की विधि
सविता श्रीवास्तव के अनुसार इस कार्य की शुरुआत दूध को ठीक से उबालने और उसे सामान्य तापमान पर ठंडा करने से होती है। ठंडा होने के बाद दूध के ऊपर मलाई की एक मोटी परत जम जाती है। इस परत को हमेशा एक स्वच्छ और सूखे चम्मच की सहायता से अलग करना चाहिए।
निकाली गई मलाई को किसी ढक्कनदार साफ डिब्बे में भरकर सीधे फ्रिज के भीतर रखें। कम तापमान में रखने से मलाई लंबे समय तक ताजी बनी रहती है और उसमें खटास या दुर्गंध नहीं आती। जब कई दिनों में पर्याप्त मात्रा में मलाई जमा हो जाए, तब आगे की तैयारी शुरू की जा सकती है। हमेशा यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि मलाई रखने वाला पात्र पूरी तरह सूखा हो।
मलाई से मक्खन निकालने का तरीका
पर्याप्त मलाई जमा हो जाने पर उसे किसी चौड़े और बड़े बर्तन में निकाल लें। इसमें थोड़ा ठंडा पानी मिलाएं और मथानी अथवा मिक्सर के उपयोग से फेंटना शुरू करें। कुछ मिनट तक लगातार चलाने के बाद वसा एकत्रित होने लगती है और मक्खन मलाई से अलग होकर ऊपर तैरने लगता है, जबकि नीचे छाछ जैसा तरल रह जाता है।
तैयार मक्खन को चम्मच या हाथों से सावधानीपूर्वक अलग कर लें। इसके बाद मक्खन को एक या दो बार ठंडे और साफ पानी से धोना चाहिए। पानी से धोने पर उसमें बची हुई छाछ पूरी तरह निकल जाती है, जिससे घी पकाते समय बदबू नहीं आती और वह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।
धीमी आंच पर पकाने और भंडारण के नियम
मक्खन को साफ करने के बाद उसे भारी तले वाली कड़ाही में डालकर गैस पर रखें। आंच को बिल्कुल धीमा रखें ताकि मक्खन जले नहीं। जैसे-जैसे बर्तन गर्म होगा, मक्खन पिघलने लगेगा और उसमें छोटे-छोटे बुलबुले बनने लगेंगे। इसे कलछी की मदद से बीच-बीच में चलाते रहें।
धीमी आंच पर पकने के दौरान मक्खन में मौजूद नमी भाप बनकर उड़ जाती है और पारदर्शी तरल घी अलग होने लगता है। जब बर्तन के पेंदे में हल्के भूरे रंग के कण बैठने लगें और प्राकृतिक सुगंध आने लगे, तब बर्नर बंद कर दें। हल्का ठंडा होने के बाद इसे सूती कपड़े अथवा बारीक छलनी से छानकर कांच के सूखे जार में भरकर रख लें।


















