अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले संभलने का प्रयास कर रहा है। शुक्रवार के शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान NZD/USD की दर सुधरकर लगभग 0.5610 के आसपास पहुंच गई। ताजा लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, इस मुद्रा जोड़ी की वर्तमान कीमत 0.5621 दर्ज की गई है, जो पिछले बंद स्तर 0.5635 से 0.25 प्रतिशत की हल्की गिरावट दर्शाती है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.5584 से 0.6093 के बीच रहा है और वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के बराबर बना हुआ है। पूरे वित्तीय बाजार की निगाहें अब शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिका के सितंबर महीने के आधिकारिक रोजगार आंकड़ों पर टिकी हुई हैं।
भू-राजनीतिक तनाव, बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए हालिया उछाल ने मुद्रास्फीति को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल में आई इस तेजी ने बॉन्ड यील्ड को ऊपर धकेल दिया है। पिछले कारोबारी सत्र में 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.34 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो साल 2002 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। हालांकि बाद में यह थोड़ा फिसलकर 5.25 प्रतिशत पर आ गई। इसी तरह 30-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड भी 24 वर्षों में नहीं देखे गए स्तरों के करीब मंडराने के बाद सत्र के अंत में कुछ शांत हुई।
डलास फेडरल रिजर्व की प्रेसिडेंट लोरी लोगन ने गुरुवार को स्पष्ट संकेत दिए कि केंद्रीय बैंक को अल्पकालिक उधारी लागत में कम से कम 50 आधार अंकों यानी bps की बढ़ोतरी करने की आवश्यकता होगी। लोगन के अनुसार, मौद्रिक नीति को मामूली रूप से सख्त बनाने और महंगाई को फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के लक्ष्य पर वापस लाने के लिए यह कदम उठाना जरूरी हो सकता है। यह बयान अमेरिकी डॉलर की अंतर्निहित मजबूती को सहारा दे रहा है।
अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट से क्या उम्मीदें हैं
शुक्रवार के कारोबारी दिन का सबसे अहम पड़ाव अमेरिका का सितंबर रोजगार आंकड़ा रहेगा। गैर-कृषि पेरोल यानी नॉन-फार्म पेरोल्स (NFP) में सितंबर महीने के दौरान 90,000 नई नौकरियों के जुड़ने का अनुमान व्यक्त किया गया है। यह आंकड़ा अगस्त महीने में दर्ज 162,000 की बढ़त की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कम है। इसके साथ ही अमेरिका में बेरोजगारी दर लगातार तीसरे महीने 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया है। यदि यह डेटा उम्मीदों से अलग आता है, तो मुद्रा बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
न्यूजीलैंड में चुनावी मुकाबला और नीतिगत बदलाव की चिंता
घरेलू मोर्चे पर न्यूजीलैंड डॉलर, जिसे बाजार में कीवी भी कहा जाता है, राजनीतिक अनिश्चितता के दबाव से जूझ रहा है। न्यूजीलैंड में आगामी 7 नवंबर को होने वाले आम चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसने निवेशकों में नीतिगत दिशा को लेकर संशय पैदा कर दिया है। न्यूजीलैंड की राजनीतिक स्थिरता की पारंपरिक साख इस समय एक बड़ी परीक्षा से गुजर रही है। जनमत सर्वेक्षणों से संकेत मिल रहे हैं कि प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का सत्तारूढ़ गठबंधन सत्ता गंवा सकता है।
सरकार में संभावित बदलाव से आर्थिक और मौद्रिक नीतियों में बड़े फेरबदल की आशंका बढ़ गई है। यदि लेबर पार्टी सत्ता में लौटती है, तो उसने संकेत दिया है कि वह रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड के दोहरे अधिदेश को बहाल करेगी। इसके अलावा पिछली सरकार के कई अन्य नीतिगत फैसलों को पलटने के संकेत भी दिए गए हैं, जो कीवी मुद्रा के लिए अनिश्चितता का सबब बने हुए हैं।
तकनीकी विश्लेषण और चार्ट पर प्रमुख स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर NZD/USD जोड़ी बोलिंगर मिडल बैंड और 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के नीचे फिसलती हुई दिख रही है, जिससे निकट अवधि का रुख मंदी की ओर बना हुआ है। वर्तमान मूल्य निचले बोलिंगर बैंड के ठीक ऊपर टिका हुआ है, जो यह संकेत देता है कि बिकवाली का दबाव काफी खिंच चुका है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 24.8 के स्तर पर बना हुआ था, जबकि लाइव आंकड़ों में 14-दिवसीय RSI 23 के करीब ओवरसोल्ड स्थिति को दर्शाता है। यह स्थिति दर्शाती है कि बिकवाली हावी रहने के बावजूद गिरावट की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
लाइव तकनीकी संकेतकों में 20-दिवसीय EMA 0.5724, 50-दिवसीय EMA 0.5786 और 200-दिवसीय EMA 0.5819 पर स्थित हैं। इसके अतिरिक्त 50-दिवसीय SMA 0.5828 और 200-दिवसीय SMA 0.5848 पर हैं। 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से नीचे आना डेथ क्रॉस को रेखांकित करता है, जिससे दीर्घकालिक मंदी का रुझान पुख्ता होता है। 14-दिवसीय ADX 54 पर मजबूत ट्रेंड का संकेत दे रहा है। बोलिंगर बैंड का दायरा 0.5572 से 0.5905 के बीच है और इसका मध्य बिंदु 0.5738 पर है। स्टोकैस्टिक की फास्ट लाइन 17 और सिग्नल लाइन 13 पर स्थित है।
ऊपरी स्तरों पर प्रारंभिक प्रतिरोध बोलिंगर मिडल बैंड के पास 0.5725 पर देखा जा रहा है। इसके बाद 100-दिवसीय SMA लगभग 0.5810 और ऊपरी बोलिंगर बैंड 0.5885 पर स्थित है। यह दायरा किसी भी सुधारात्मक उछाल को सीमित कर सकता है। नीचे की ओर निचला बोलिंगर बैंड 0.5565 पर तत्काल सहारा दे रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो मंदी का दायरा और बढ़ सकता है। वर्तमान में पिवट स्तर 0.5610 पर है, जिसमें पहला प्रतिरोध R1 0.5631 और दूसरा प्रतिरोध R2 0.5642 पर मौजूद है। गिरावट की स्थिति में पहला समर्थन S1 0.5599 और दूसरा समर्थन S2 0.5578 पर आंका गया है।
न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था और कीवी को प्रभावित करने वाले कारक
न्यूजीलैंड डॉलर वैश्विक मुद्रा बाजार में व्यापक रूप से कारोबार की जाने वाली प्रमुख मुद्राओं में शामिल है। इसका मूल्य मुख्य रूप से न्यूजीलैंड की आर्थिक सेहत और देश के केंद्रीय बैंक की नीति पर निर्भर करता है। इसके अलावा कुछ विशेष कारक भी कीवी की चाल तय करते हैं। चीन का आर्थिक प्रदर्शन न्यूजीलैंड डॉलर पर सीधा असर डालता है क्योंकि चीन, न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। चीनी अर्थव्यवस्था से जुड़ी कमजोर खबरें न्यूजीलैंड के निर्यात को प्रभावित करती हैं, जिससे घरेलू अर्थव्यवस्था और मुद्रा पर दबाव पड़ता है।
डेयरी उत्पादों की कीमतें भी कीवी के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रेरक हैं। डेयरी उद्योग न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेयरी उत्पादों के दाम बढ़ते हैं, तो देश की निर्यात आय में इजाफा होता है, जिससे अर्थव्यवस्था और न्यूजीलैंड डॉलर दोनों को मजबूती मिलती है। इसके विपरीत वैश्विक मांग और कीमतों में गिरावट मुद्रा को नुकसान पहुंचाती है।
केंद्रीय बैंक की रणनीति और आर्थिक आंकड़ों का महत्व
रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड (RBNZ) का मुख्य लक्ष्य मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति की दर को 1 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखना है, जिसमें इसका मुख्य ध्यान 2 प्रतिशत के मध्य-बिंदु पर टिके रहने पर होता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों का उपयुक्त स्तर तय करता है। जब महंगाई जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है, तो बैंक अर्थव्यवस्था को ठंडा करने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि करता है। इस कदम से बॉन्ड यील्ड बढ़ जाती है, जिससे देश में विदेशी निवेशकों का आकर्षण बढ़ता है और कीवी को मजबूती मिलती है।
इसके विपरीत, जब ब्याज दरों में कटौती की जाती है, तो न्यूजीलैंड डॉलर के कमजोर होने का जोखिम बढ़ जाता है। न्यूजीलैंड की ब्याज दरों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा तय की गई दरों के बीच का अंतर यानी ब्याज दर अंतर भी NZD/USD की चाल में निर्णायक भूमिका निभाता है। न्यूजीलैंड में जारी होने वाले वृहद आर्थिक आंकड़े, जैसे मजबूत आर्थिक विकास, कम बेरोजगारी और उच्च उपभोक्ता विश्वास, मुद्रा को समर्थन प्रदान करते हैं। उच्च विकास विदेशी निवेश को आकर्षित करता है, जबकि कमजोर डेटा मुद्रा के मूल्यह्रास का कारण बनता है। इसके अलावा, जोखिम उठाने के दौर में जब वैश्विक विकास को लेकर आशावाद होता है, तो कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं जैसे कीवी की मांग बढ़ जाती है, जबकि अनिश्चितता के दौर में निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर भागते हैं।
विदेशी मुद्रा, सोना और डिजिटल संपत्तियों का व्यापक परिदृश्य
वैश्विक वित्तीय बाजारों में अन्य संपत्तियों की हलचल भी ध्यान खींच रही है। शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर संभलकर 0.6950 की ओर बढ़ा। अमेरिकी डॉलर 17 महीने के उच्चतम स्तर से पीछे हटा क्योंकि कारोबारी महत्वपूर्ण पेरोल रिपोर्ट से पहले मुनाफावसूली करते दिखे। साथ ही ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को वैश्विक यील्ड और महंगाई के जोखिमों के बीच नवंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों से समर्थन मिला।
वहीं जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की जोड़ी USD/JPY 158.00 के करीब नई दिशा तलाशने के लिए जूझती दिखी। टोक्यो में उम्मीद से अधिक मुद्रास्फीति के आंकड़ों और डॉलर की सामान्य नरमी के बीच यह जोड़ी अपने साप्ताहिक उच्च स्तर से नीचे आई। दूसरी ओर सोने की कीमतों में एशियाई सत्र की हल्की गिरावट के बाद सुधार देखा गया और यह 4,200 डॉलर के करीब पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण सोने की बड़ी बढ़त सीमित रह सकती है क्योंकि निवेशक पेरोल डेटा में सिर्फ 90,000 नौकरियों की बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। डिजिटल परिसंपत्तियों में पाई नेटवर्क की कीमत में उतार-चढ़ाव बना रहा और गुरुवार को 3 प्रतिशत से अधिक टूटने के बाद यह शुक्रवार को 0.0900 डॉलर के करीब कारोबार कर रही थी, जहां यह 0.1000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे संघर्षरत है।



















