अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में कारोबारी सप्ताह की शुरुआत ब्रिटिश पाउंड के लिए काफी सकारात्मक रही है। ब्रिटेन में नीतिगत और वृहद आर्थिक दृष्टिकोण से यह सप्ताह बेहद व्यस्त और निर्णायक रहने वाला है। विदेशी मुद्रा बाजार के निवेशक आने वाले दिनों में ब्रिटेन के श्रम बाजार और उपभोक्ता मुद्रास्फीति के ताजे आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन आंकड़ों के आने के तुरंत बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड अपनी महत्वपूर्ण मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों पर अपना फैसला सुनाएगा। इन सभी घटनाक्रमों से पहले पाउंड को वैश्विक स्तर पर निवेशकों का समर्थन मिलता दिख रहा है।
वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड की स्थिति
विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में मजबूती दर्ज की गई। विभिन्न मुद्राओं के बीच दैनिक उतार चढ़ाव को देखने पर सामने आया कि पाउंड ने सबसे मजबूत प्रदर्शन न्यूजीलैंड डॉलर के खिलाफ दिखाया है। मुद्रा बाजार में आधार मुद्रा और कोट मुद्रा के विनिमय अनुपातों के आधार पर पाउंड कई अन्य प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बढ़त बनाए रखने में सफल रहा है।
बाजार प्रतिभागियों के लिए यह बढ़त उस समय आई है जब व्यापक मुद्रा टोकरी में अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स में लगातार तीसरे महीने गिरावट का सिलसिला जारी रहा और वह अपने 100.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से फिसलकर 98.50 के दायरे में आ गया है। इस गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को चार महीने के निचले स्तरों के करीब ला खड़ा किया है, जिसका परोक्ष लाभ पाउंड समेत अन्य प्रमुख मुद्राओं को मिला है।
ब्रिटेन के श्रम बाजार और बेरोजगारी दर के अनुमान
ब्रिटेन के आर्थिक कैलेंडर में मंगलवार का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, जब जुलाई में समाप्त होने वाली तीन महीने की अवधि के रोजगार आंकड़े जारी किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के पैमानों पर आधारित यूके बेरोजगारी दर के जून के 4.9 प्रतिशत से बढ़कर 5 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। यह आंकड़ा देश के श्रम बाजार का सबसे व्यापक और संवेदनशील संकेतक माना जाता है।
बेरोजगारी दर सामान्य मीडिया और आम जनता के बीच भी काफी चर्चा में रहती है, भले ही यह आंकड़े संबंधित महीने के समाप्त होने के लगभग छह सप्ताह बाद सामने आते हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड का प्राथमिक जनादेश मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, लेकिन बेरोजगारी और महंगाई के बीच गहरा संबंध देखा जाता है। मुद्रा बाजार में यह ऐतिहासिक रुझान रहा है कि यदि बेरोजगारी दर अनुमान से अधिक आती है, तो उसका असर ब्रिटिश पाउंड पर नकारात्मक यानी मंदड़िया रुख के रूप में देखने को मिलता है।
वेतन वृद्धि से जुड़े आंकड़े भी नीति निर्माताओं के लिए केंद्र में रहेंगे। बोनस सहित औसत आय में वार्षिक आधार पर 3.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है, जो पिछली अवधि के 4.1 प्रतिशत से कम है। वहीं, बोनस को छोड़कर नियमित वेतन वृद्धि के 3.5 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर रहने की संभावना जताई गई है। वेतन वृद्धि की गति धीमी होना इस बात का संकेत दे सकता है कि घरेलू स्तर पर सेवाओं से जुड़ी महंगाई का दबाव धीरे धीरे कम हो रहा है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और आर्थिक विकास का परिदृश्य
श्रम बाजार के आंकड़ों के अगले ही दिन यानी बुधवार को ब्रिटेन का अगस्त महीने का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया जाएगा। ब्रिटेन में मुख्य मुद्रास्फीति, जिसमें खाद्य, ऊर्जा, शराब और तंबाकू जैसे अत्यधिक उतार चढ़ाव वाले घटकों को बाहर रखा जाता है, सालाना आधार पर 2.7 प्रतिशत की तेज रफ्तार से बढ़ी है, जबकि इससे पहले यह 2.6 प्रतिशत पर थी। कोर महंगाई में इस प्रकार की तेजी नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बनी रहती है।
दूसरी ओर, ब्रिटेन के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों ने जुलाई में सकारात्मक रूप से सबको चौंकाया था। जुलाई महीने में यूके जीडीपी मासिक आधार पर 0.4 प्रतिशत बढ़ी, जबकि तीन महीने के आधार पर भी इसमें 0.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जो आम बाजार अनुमानों से बेहतर थी। इस वृद्धि की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें अर्थव्यवस्था के सभी प्रमुख क्षेत्रों ने योगदान दिया। सेवाओं के क्षेत्र में 0.4 प्रतिशत की तेजी आई, विनिर्माण क्षेत्र में 0.9 प्रतिशत की ठोस बढ़त देखी गई और निर्माण क्षेत्र में भी 0.1 प्रतिशत का विस्तार दर्ज हुआ।
बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति पर विशेषज्ञों का दृष्टिकोण
सोसिएते जेनेराल के विश्लेषकों ने जुलाई के आर्थिक विकास आंकड़ों पर अपनी टिप्पणी में कहा है कि यूके जुलाई जीडीपी का 0.4 प्रतिशत मासिक और 0.4 प्रतिशत तीन महीने के आधार पर आना पूर्वानुमान से बेहतर था। विश्लेषकों का मानना है कि जुलाई जीडीपी में यह अप्रत्याशित 0.4 प्रतिशत की तेजी बैंक ऑफ इंग्लैंड के आगामी फैसले को बेहद पेचीदा और करीबी मुकाबला बना सकती है, जिससे निकट भविष्य के नीतिगत कदमों पर बहस तेज हो सकती है।
हालांकि सोसिएते जेनेराल का यह भी मानना है कि मौद्रिक नीति समिति सतर्कता बरतने का रुख बरकरार रख सकती है। संस्थान ने अपने मूल आकलन को दोहराते हुए कहा है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड के साल के अंत तक नीतिगत ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखने की संभावना है। केंद्रीय बैंक इस बात का बारीकी से मूल्यांकन करेगा कि क्या जुलाई की आर्थिक तेजी टिकाऊ है या फिर आने वाले महीनों में मंदी के संकेत उभर सकते हैं।
वैश्विक मुद्रा विनिमय बाजार में अन्य हलचलें
ब्रिटेन के घटनाक्रमों के साथ साथ वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी महत्वपूर्ण उतार चढ़ाव देखने को मिले हैं। बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति समीक्षा शुक्रवार को होने जा रही है, जहां केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है। इस संभावित फैसले के चलते जापानी येन से जुड़े जोड़ों में सतर्कता का माहौल है।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में कारोबारी सप्ताह के आरंभ में कुछ खरीदारी देखने को मिली और यह एशियाई सत्र के दौरान 154.00 के स्तर के करीब पहुंच गया, जिससे शुक्रवार को हुए नुकसान की आंशिक भरपाई हुई। हालांकि यह विनिमय दर बीते एक सप्ताह के सीमित दायरे में बनी हुई है और पिछले मंगलवार को छुए गए लगभग सात महीने के निचले स्तर के आसपास ही घूम रही है।
वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी एशियाई सत्र में लगभग डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर 0.7140 के आसपास पहुंच गई। इस गिरावट में आगे कोई बहुत आक्रामक बिकवाली नहीं देखी गई और हाजिर भाव 0.7100 के मध्य स्तर से थोड़ा ऊपर कारोबार करते हुए दिन के दौरान करीब 0.25 प्रतिशत की कमजोरी पर रहे। वैश्विक निवेशक इस पूरे सप्ताह विभिन्न केंद्रीय बैंकों की दिशा और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के आधार पर अपनी रणनीतियां तय करने की मुद्रा में हैं।


















