ब्रिटिश पाउंड में मजबूती के बीच जापानी येन के मुकाबले उछाल, अहम मूविंग एवरेज पर टिकी नजरेंफेड प्रमुख वॉर्श के बयानों और एआई मुद्रास्फीति की चिंताओं से अमेरिकी डॉलर की रफ्तार थमीबढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के दबाव में सोना, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर रणनीति पर टिकी निवेशकों की नजरपहली छमाही में 36 ट्रिलियन डॉलर के लेनदेन के साथ यूएसडीसी ने बनाया रिकॉर्ड, सर्कल का राजस्व 1.4 अरब डॉलर पहुंचाअमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट से वैश्विक मुद्रा बाजार हलकान, ब्याज दरों और तकनीकी बुलबुले पर बढ़ती चिंताएंसब कुछ पाकर भी भीतर से खालीपन लगे तो अपनी इन दैनिक आदतों को परखिएपुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की जांच को लेकर भारी लापरवाही, राष्ट्रीय अध्ययन में सामने आई चौंकाने वाली स्थितिकम पूंजी और सरकारी सब्सिडी से शुरू करें ये पांच मुनाफेदार कारोबार, घर बैठे होगी तगड़ी कमाईकुंभ राशिफल 17 अक्टूबर: दोस्तों की मदद से आगे बढ़ेंगे कुंभ राशि के जातक, जानें कैसा रहेगा आज का दिनकम्युनिस्ट पार्टी में भ्रष्टाचार पर शी जिनपिंग का कड़ा रुख, बीमार पेड़ों को जड़ से काटने की दी चेतावनी
डॉलर में कमजोरी से संभला सोना, पर फेडरल रिजर्व की सख्ती की आशंकाओं के बीच रफ्तार थमीबाज़ार
17 अक्तू॰ 2026, 4:42 am (44 मिनट पहले)· 0

डॉलर में कमजोरी से संभला सोना, पर फेडरल रिजर्व की सख्ती की आशंकाओं के बीच रफ्तार थमी

अमेरिकी डॉलर में पांच हफ्तों की पहली साप्ताहिक गिरावट और बॉन्ड यील्ड में नरमी से सोने में स्थिरता आई है, लेकिन फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता से तेजी सीमित बनी हुई है।

GC━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण17 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GC अभी $4,187 पर है, जबकि EMA20 $4,220, EMA50 $4,288 और EMA200 $4,438 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 ($4,220) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GC का RSI 44 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

GC की MACD लाइन अपने सिग्नल के ऊपर है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मामूली बढ़त का रुख देखा जा रहा है। अमेरिकी डॉलर पर बने दबाव और सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने पीली धातु को सहारा दिया है। इसके बावजूद, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंकाएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, जिसके चलते खरीदार बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं। बाजार में हाजिर सोना 4,175 डॉलर से 4,180 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करता नजर आया, जबकि ताजा सत्र के दौरान सोने के वायदा भाव 4,187 डॉलर के आसपास दर्ज किए गए, जो पिछले बंद स्तर 4,170 डॉलर से 0.40 प्रतिशत की बढ़त दर्शाते हैं। हालांकि इस सुधारात्मक रुख के बाद भी बुलियन में कोई आक्रामक तेजी देखने को नहीं मिल रही है, क्योंकि केंद्रीय बैंक की ओर से कड़े फैसलों का डर अब भी निवेशकों के फैसलों पर हावी है।

फेडरल रिजर्व के रुख और नीतिगत अनिश्चितता का असर

अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारी मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाने का विकल्प खुला रखे हुए हैं। हालांकि उन्होंने 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली आगामी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का कोई सीधा संकेत नहीं दिया है। बैंकॉक में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श ने भविष्य के कदमों पर पहले से कोई निश्चित रुख तय करने से परहेज किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह बैठकों को लेकर पहले से कोई राय नहीं बनाते हैं। इस टिप्पणी से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक पूरी तरह से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर रहना चाहता है और समय से पहले कोई नरम संकेत नहीं देना चाहता।

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बाजार विशेषज्ञों और एमयूएफजी/बीटीएमयू के विश्लेषकों का मानना है कि मौद्रिक नीति को लेकर वॉर्श के संबोधन में केवल मुद्रास्फीति लक्ष्य को हासिल करने पर ही बार-बार जोर दिया गया। नीतिगत दरों के आगामी मार्ग पर उनकी चुप्पी को बाजार प्रतिभागियों ने इस रूप में लिया कि अक्टूबर की बैठक में दरें बढ़ाए जाने की संभावना बेहद कम है। इसी व्याख्या के चलते डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा और कीमती धातुओं को थोड़ी राहत मिली। लेकिन ब्याज दरों के लंबे समय तक उच्च स्तर पर बने रहने की संभावना ने सोने की बढ़त की रफ्तार को बांधकर रखा है, जिससे निवेशक बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।

डॉलर इंडेक्स में गिरावट और विदेशी मुद्रा बाजार की हलचल

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (डीएक्सवाई), जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में ग्रीनबैक के मूल्य को मापता है, लगभग 101.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। यह 1 अक्टूबर के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है, और डॉलर पिछले पांच हफ्तों में अपनी पहली साप्ताहिक गिरावट की ओर अग्रसर है। जब भी अमेरिकी मुद्रा कमजोर होती है, तो अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है, जिससे भौतिक और निवेश मांग को स्वाभाविक सहारा मिलता है।

मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी इस नीतिगत बयानबाजी का सीधा असर दिखाई दिया। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में बढ़त दर्ज की गई और यह जोड़ी 0.6950 के स्तर की ओर मजबूत हुई। केविन वॉर्श की टिप्पणियों ने अमेरिकी मुद्रा पर बिकवाली को और बढ़ाया, जिससे गैर-अमेरिकी मुद्राओं को गति मिली। दूसरी ओर, डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) पर भी नए सिरे से बिकवाली हावी रही और यह जोड़ी 158.00 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गई। इन सभी वैश्विक घटनाक्रमों ने डॉलर की स्थिति को कमजोर किया है, जिसका आंशिक लाभ सोने को मिल रहा है।

तकनीकी संकेतक और चार्ट्स की स्थिति

दैनिक चार्ट पर सोने की स्थिति का विश्लेषण करें तो यह धातु अभी भी तकनीकी दबाव में बनी हुई है। अगस्त के अंत में 4,700 डॉलर के उच्च स्तर को छूने के बाद से कीमतों में लगातार गिरावट देखी गई है। चालू महीने की शुरुआत से ही सोने के भाव 4,100 डॉलर से 4,200 डॉलर के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। मध्यम और लंबी अवधि के रुझान को दर्शाने वाले मूविंग एवरेज के नीचे रहने के कारण निकट अवधि का परिदृश्य अब भी मंदड़ियों के पक्ष में दिखाई दे रहा है। सोना अपने 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे बना हुआ है।

बाजार के लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 44 के आसपास है, जो तटस्थ से हल्के मंदी के रुख का संकेत देता है। दूसरी तरफ, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) में हल्का सुधार दिख रहा है, जहां हिस्टोग्राम 3.50 के साथ सकारात्मक क्षेत्र में पहुंचा है। हालांकि जब तक कीमतें महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज से नीचे रहेंगी, तब तक किसी भी बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित ही मानी जाएगी। 50-दिवसीय मूविंग एवरेज 4,375 डॉलर और 200-दिवसीय मूविंग एवरेज 4,541 डॉलर पर स्थित हैं, जो ऊपर की तरफ मजबूत बाधा का काम कर रहे हैं। वहीं बोलिंजर बैंड 4,060 डॉलर से 4,369 डॉलर के दायरे का संकेत दे रहे हैं, जिसके बीच में फिलहाल कीमतें स्थिर हैं।

अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर

व्यापारियों के लिए ऊपर की ओर पहला मनोवैज्ञानिक अवरोध 4,200 डॉलर का स्तर है। यदि सोने की कीमतें इस स्तर के ऊपर टिकती हैं, तो अगला प्रतिरोध 4,216 डॉलर और उसके बाद 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी 4,242 डॉलर से 4,244 डॉलर के दायरे में देखने को मिलेगा। यदि तेजी का रुझान और मजबूत होता है, तो भाव 4,331 डॉलर पर स्थित 50-दिवसीय एसएमए और 4,400 डॉलर की क्षैतिज बाधा की ओर बढ़ सकते हैं। इस क्षेत्र के पार जाने पर ही 200-दिवसीय एसएमए का स्तर 4,522 डॉलर के पास लक्ष्य बन सकता है।

नीचे की ओर, पहला समर्थन 4,163 डॉलर और उसके बाद 4,139 डॉलर के स्तर पर मौजूद है। यदि बिकवाली का दबाव गहराता है और 4,100 डॉलर का अहम आधार टूट जाता है, तो बाजार में और गिरावट का रास्ता खुल सकता है। ऐसी स्थिति में कीमतें 4,000 डॉलर से 3,950 डॉलर के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन की तरफ फिसल सकती हैं। पिछले 52 हफ्तों के दौरान सोने का न्यूनतम स्तर 3,901 डॉलर और उच्चतम स्तर 5,586 डॉलर दर्ज किया गया है, जो यह स्पष्ट करता है कि धातु अपने रिकॉर्ड उच्च स्तरों से काफी नीचे संभलने का प्रयास कर रही है।

मुद्रास्फीति, अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश का आधार

मानव इतिहास में सोने ने हमेशा मूल्य संचयन और विनिमय के एक विश्वसनीय माध्यम के रूप में अपनी भूमिका निभाई है। आभूषणों में इसके आकर्षण के अलावा, वित्तीय बाजारों में इसे एक प्रमुख सुरक्षित निवेश माना जाता है। संकट, राजनीतिक उथल-पुथल या मंदी की आशंकाओं के समय निवेशक अपनी पूंजी की सुरक्षा के लिए सोने की ओर आकर्षित होते हैं। चूंकि यह किसी विशेष सरकार या जारीकर्ता संस्था की देनदारी पर निर्भर नहीं करता, इसलिए इसे मुद्रास्फीति और कमजोर होती कागजी मुद्राओं के खिलाफ सबसे मजबूत बचाव के रूप में देखा जाता है।

सोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड के साथ आमतौर पर विपरीत संबंध रहता है। जब सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दरें घटती हैं और डॉलर का मूल्य कम होता है, तो गैर-उपज वाली इस संपत्ति को रखने की अवसर लागत घट जाती है। इसके विपरीत, जब ब्याज दरें बढ़ती हैं या बैंक जमा पर अधिक रिटर्न मिलता है, तो सोने पर दबाव बढ़ता है। साथ ही, इक्विटी बाजारों में जोरदार तेजी के दौरान भी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक फीकी पड़ जाती है, जबकि जोखिम भरे बाजारों में घबराहट और बिकवाली से सोने को पंख लगते हैं।

केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी और वैश्विक भंडार

दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारकों में शामिल हैं। आर्थिक संकटों और वित्तीय अस्थिरता के समय अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को सहारा देने के लिए केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाते हैं और सोने की मात्रा बढ़ाते हैं। किसी देश के पास सोने का पर्याप्त भंडार होना उसकी वित्तीय साख और कर्ज चुकाने की क्षमता के प्रति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसा पैदा करता है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 70 अरब डॉलर थी। रिकॉर्ड रखने की शुरुआत के बाद से यह किसी भी एकल वर्ष में केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई सबसे बड़ी खरीदारी थी। चीन, भारत और तुर्किये जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंक तेजी से अपने स्वर्ण भंडार का विस्तार कर रहे हैं। यह कदम न केवल डॉलर पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है, बल्कि भू-राजनीतिक तनावों के बीच अपनी वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने का भी प्रयास है। जब तक केंद्रीय बैंकों की यह ढांचागत खरीदारी बनी रहेगी, सोने के भाव को मध्यम से लंबी अवधि में एक ठोस आधार मिलता रहेगा।

सवाल-जवाब

सोने की कीमत में आज क्या रुख देखा गया?
हाजिर सोना 4,175 डॉलर से 4,180 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि वायदा भाव 0.40 प्रतिशत बढ़कर 4,187 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का सोने पर क्या प्रभाव पड़ा?
डॉलर इंडेक्स गिरकर 101.60 पर आने से पांच हफ्तों में इसकी पहली साप्ताहिक गिरावट दर्ज हुई, जिससे सोने को कीमतों में सुधार का सहारा मिला।
फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श ने ब्याज दरों पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वह नीतिगत बैठकों को लेकर पहले से कोई राय नहीं बनाते हैं, जिससे अक्टूबर में दर बढ़ोतरी की संभावना कम मानी गई।
सोने के लिए प्रमुख तकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं?
ऊपर की तरफ पहला रेजिस्टेंस 4,200 डॉलर और 4,242 डॉलर पर है, जबकि नीचे की ओर मुख्य सपोर्ट 4,163 डॉलर और 4,100 डॉलर पर स्थित है।
केंद्रीय बैंकों ने सोने के भंडार को लेकर क्या रिकॉर्ड बनाया है?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड 1,136 टन सोना अपने विदेशी मुद्रा भंडार में जोड़ा था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Michael Anderson@michael-anderson·12 मिनट पहले

फेड के रुख पर अभी पूरा भरोसा करना जल्दबाजी होगी, महंगाई इतनी आसानी से पीछा छोड़ने वाली नहीं है।

Ravikash Gupta@ravikash·10 मिनट पहले

माइकल, आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। ट्रेजरी यील्ड और क्रिप्टो मार्केट्स का जो अभी हाल है, उससे लगता है कि फेड अभी इतनी जल्दी नरमी बरतने वाला नहीं है।

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