यूरोपीय सेंट्रल बैंक की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने स्पष्ट किया है कि बैंक आगामी मौद्रिक नीतियों और ब्याज दरों के संबंध में कोई पूर्व-निर्धारित रास्ता अपनाने के बजाय हर बैठक के आधार पर स्वतंत्र फैसला करेगा। आर्थिक परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि आर्थिक वृद्धि दर पूर्व अनुमानों की तुलना में थोड़ी अधिक आशाजनक दिखाई दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अर्थव्यवस्था में अभी मुद्रास्फीति के दूसरे दौर के दुष्प्रभाव सामने नहीं आए हैं। इस बयान से संकेत मिलता है कि मौद्रिक नीतियों में अत्यधिक आक्रामक ढील देने की जल्दबाजी फिलहाल नहीं है, जिससे यूरो मुद्रा में संभावित तेज गिरावट पर अंकुश लगा है।
सावधानी भरा रुख और डेटा पर निर्भरता
आर्थिक विकास के सकारात्मक रुख के बावजूद, हर बैठक में परिस्थितियों का अलग से मूल्यांकन करने की नीति यह दर्शाती है कि केंद्रीय बैंक किसी तय ढर्रे पर चलने के बजाय आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर पूरी तरह निर्भर रहेगा। दूसरे दौर के मुद्रास्फीति प्रभावों की अनुपस्थिति यह पुष्टि करती है कि बैंक का रुख बेहद सतर्क है और वह तुरंत किसी कड़े मौद्रिक रुख की ओर नहीं झुक रहा है। वित्तीय बाजारों के विश्लेषकों का मानना है कि इस रुख से नीति में बहुत मामूली सख्ती का पुट जरूर है, लेकिन कोई बड़ा चौंकाने वाला नया संकेत न मिलने के कारण यूरो की हलचल केवल अल्पकालिक रणनीतिक बदलावों तक सीमित बनी हुई है।
वैश्विक मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में व्यापक उथल-पुथल के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती बनाए रखने में सफल रहा। एशियाई कारोबारी सत्र में यह 0.7100 के स्तर से ऊपर टिका रहा, जिसे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में आई नरमी से बल मिला। इसके अलावा रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक के सख्त बयानों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को बल दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को अतिरिक्त सहारा मिला। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत परिदृश्य और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने अमेरिकी डॉलर में तेज गिरावट को सीमित रखा और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त पर भी एक सीमा तय कर दी।
बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि और येन का रुख
जापानी बाजार में एक बड़ा नीतिगत घटनाक्रम सामने आया, जहां बैंक ऑफ जापान ने आश्चर्यजनक 7-2 के बहुमत से ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। नीतिगत बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैंक ऑफ जापान के गवर्नर उएदा की टिप्पणियों के बाद जापानी येन को राहत मिली। इसके चलते डॉलर के मुकाबले येन 157.30 के दो सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे लौटा। पिछले एक दशक से अधिक समय तक जापान की अत्यधिक कम ब्याज दरों ने वैश्विक निवेशों में खरबों डॉलर के प्रवाह को वित्तपोषित किया था, जिससे येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में शामिल रहा था। अब जब बैंक ऑफ जापान नीति को कड़ा कर रहा है, तब वर्षों से वैश्विक रुख से अलग रहने वाले जापानी वित्तीय तंत्र का यह सस्ता लाभ एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
कमजोर डॉलर और कच्चे तेल में गिरावट से सोने में उछाल
कमोडिटी बाजार में सोने ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन खरीदारी का रुझान बनाए रखा और यूरोपीय सत्र की शुरुआत में यह सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया गिरावट ने अनियंत्रित मुद्रास्फीति की तात्कालिक चिंताओं को कम करने में मदद की है, जिसके चलते अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल कई वर्षों के उच्च स्तर से पीछे हट गया। बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट और अमेरिकी डॉलर के सीमित दायरे ने बहुमूल्य धातु सोने की कीमतों को मजबूत समर्थन प्रदान किया है।



















