अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत फैसले से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल काफी तेज हो गई है। केंद्रीय बैंक की ओर से इस हफ्ते ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं और ऊर्जा की ऊंची कीमतों के कारण सोने की कीमतों पर भारी दबाव बना हुआ है। इसी क्रम में पीली धातु सोमवार को फिसलकर 4,300 डॉलर के स्तर के नीचे चली गई। अमेरिकी डॉलर की मांग में जोरदार उछाल आने की वजह से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में तेज मुनाफावसूली दर्ज की गई है। इस गिरावट के बीच सिस्टमैटिक ट्रेंड फॉलोइंग फंड्स यानी सीटीए बड़े पैमाने पर बिकवाली करते हुए अपनी मौजूदा नेट-लॉन्ग पोजीशन का करीब आधा हिस्सा बेच चुके हैं।
सीटीए की बिकवाली और लंबी अवधि के फंडामेंटल्स
कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स यानी सीटीए की ओर से की जा रही इस तेज बिकवाली के बावजूद बाजार के जानकारों का मानना है कि इसका समग्र प्रभाव सीमित ही रहेगा। जानकारों का कहना है कि डॉलर की क्रय शक्ति में गिरावट का विषय फिर से जोर पकड़ रहा है, जो सोने के लिए सकारात्मक माहौल बनाता है। इसके साथ ही विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी ईटीएफ में नए सिरे से हो रहा संचय लंबी अवधि के निवेशकों को एक मजबूत सहारा दे रहा है। ऐसे में बाजार विश्लेषकों का आकलन है कि मौजूदा समय में सोने में दिखने वाली किसी भी अल्पकालिक कमजोरी को खरीदारी के एक बेहतरीन अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
मुद्रा बाजार में डॉलर का दबदबा
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले वैश्विक मुद्रा बाजार में भी उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी यानी एयूडी/यूएसडी सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान करीब 0.7140 के दायरे में डेढ़ हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गई। हालांकि निचले स्तरों पर बहुत ज्यादा बिकवाली का दौर आगे नहीं बढ़ पाया। इसके बावजूद हाजिर भाव 0.7100 के मध्य स्तर के ठीक ऊपर कारोबार करते हुए दिन के दौरान लगभग 0.25 प्रतिशत कमजोर रहे।
दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर और जापानी येन यानी यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी में हफ्ते की शुरुआत में लिवाली का माहौल बना। एशियाई सत्र के दौरान यह जोड़ी सुधरकर 154.00 के करीब पहुंच गई, जिससे पिछले शुक्रवार को हुए नुकसान का कुछ हिस्सा संभल गया। इसके बावजूद पिछले एक हफ्ते से कीमतें एक सीमित दायरे में ही बनी हुई हैं। यह दायरा पिछले मंगलवार को छुए गए करीब सात महीने के निचले स्तर से ज्यादा दूर नहीं है, क्योंकि विदेशी मुद्रा कारोबारी प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बढ़त का रुख
पारंपरिक वित्तीय बाजारों में डॉलर की मजबूती के बीच डिजिटल संपत्तियों के बाजार में तेजी का माहौल रहा। सोमवार को बिटकॉइन बढ़त के साथ 77,884 डॉलर के आसपास कारोबार करता हुआ दिखा। व्यापक क्रिप्टो बाजार में आई तेजी के साथ बिटकॉइन ने अपनी मजबूती बरकरार रखी। दूसरी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में एथेरियम और रिपल भी बिटकॉइन के न्यूट्रल से लेकर बुलिश दायरे का अनुसरण करते हुए नजर आए। एथेरियम ने जहां 2,521 डॉलर का अहम सपोर्ट स्तर मजबूती से संभाले रखा, वहीं रिपल भी 1.38 डॉलर के अपने महत्वपूर्ण स्तर पर टिका रहा।
फेडरल रिजर्व और ब्याज दरों का परिदृश्य
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में हाल ही में सामने आए पीपीआई और सीपीआई आंकड़ों के बाद ब्याज दरों में वृद्धि के दांव तेजी से बढ़े हैं। बाजार की नजर अब फेडरल रिजर्व के अद्यतन डॉट प्लॉट पर टिकी हुई है, जो यह तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा कि डॉलर की आगे की दिशा क्या होगी। इसके साथ ही ब्याज दरों को कम रखने के डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बीच वॉर्श की स्वतंत्रता की भी परीक्षा मानी जा रही है। बाजार विश्लेषकों का स्पष्ट रुख है कि यदि अमेरिकी डॉलर को अपनी हालिया बढ़त को आगे भी जारी रखना है, तो इसके लिए फेडरल रिजर्व को मौजूदा सख्त मौद्रिक रुख की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा।



















