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सोने की कीमतों पर 4300 के नीचे दबाव बरकरार, डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड्स ने सीमित की बढ़तबाज़ार
25 सित॰ 2026, 1:32 pm (24 मिनट पहले)· 0

सोने की कीमतों पर 4300 के नीचे दबाव बरकरार, डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड्स ने सीमित की बढ़त

सोना 4275 के स्तर पर सुस्त बना हुआ है और जब तक यह 4300 के रेजिस्टेंस को पार नहीं करता, तब तक बिकवाली का दबाव बना रहेगा। कच्चे तेल में उछाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से बुलियन का दायरा सीमित हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल एक सीमित दायरे में फंसी नजर आ रही है, जहां 4275 के आसपास की मौजूदा कीमतें मंदी के रुझान की ओर इशारा कर रही हैं। तकनीकी चार्ट पर दैनिक आधार पर हल्का नकारात्मक मोमेंटम बना हुआ है, जबकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI पूरी तरह सपाट है। बाजार में ऊर्जा कीमतों में आए ताजा उछाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स की नई ऊंचाइयों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। सोने के लिए अब ऊर्जा बाजार के रुख और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों पर दी जाने वाली प्रतिक्रिया ही दिशा तय करने वाले सबसे बड़े कारक बने हुए हैं। यदि ऊर्जा कीमतों अथवा अमेरिकी डॉलर में कुछ नरमी देखने को मिलती है तो सोने को स्थिर होने का अवसर मिल सकता है, लेकिन अगर सरकारी बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा तो निकट अवधि में पीली धातु पर दबाव लगातार बना रहेगा।

तकनीकी स्तर और रेजिस्टेंस दायरा

कीमतों के व्यवहार को देखते हुए दायरे में कारोबार जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन कारोबारियों को प्रमुख शॉर्ट-टर्म स्तरों पर कड़ी नजर रखनी होगी। सोने के लिए तत्काल रेजिस्टेंस दायरा 4300 से 4354 के बीच स्थित है, जहां 21, 50 और 100 दिनों के डीएमए (डेली मूविंग एवरेज) का संगम मौजूद है। जब तक सोना इन स्तरों के नीचे अटका रहता है, तब तक मंदड़ियों का दबाव दोबारा हावी हो सकता है। यदि यह मंदी का दबाव गहराता है, तो नीचे की ओर अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट 4200 और उसके बाद 4000 के स्तर पर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, यदि खरीदार 4354 के ऊपर का स्तर फिर से हासिल करने में कामयाब होते हैं, तो ऊपर की तरफ अगला रेजिस्टेंस 4400 और 4460 के स्तरों पर सामने आएगा।

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कच्चे तेल में तेजी और मुद्रास्फीति की वापसी

कमोडिटी और करेंसी बाजारों में इस समय मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़े काफी उथल-पुथल मचा रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसने लगातार दो दिनों की तेजी के साथ महंगाई का डर दोबारा जगा दिया है। इसके साथ ही, अमेरिकी पीएमआई आंकड़े बहु-वर्षीय उच्च सूचकांकों को छू रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था में मजबूती का संकेत देते हैं। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी के सदस्य आगामी ब्याज दरों को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रहे हैं। इन तमाम वजहों से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स पूरी कर्व पर कई वर्षों के उच्चतम स्तरों पर पहुंच गई हैं। ट्रेजरी नोट्स सभी विपणन योग्य ट्रेजरी का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा हैं, जिस कारण यील्ड्स में होने वाला यह उछाल अमेरिकी राजकोषीय परिदृश्य के लिए विशेष रूप से दर्दनाक साबित हो रहा है।

मुद्रा बाजार और केंद्रीय बैंकों का रुख

विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर लगभग दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद फिलहाल थोड़ी सांस लेता दिख रहा है, जिससे सोने को निचले स्तरों पर हल्का सहारा मिला है। हालांकि, फेडरल रिजर्व का सख्त नजरिया, ऊंची बॉन्ड यील्ड्स और लगातार जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं डॉलर में तेजी चाहने वालों के पक्ष में काम कर रही हैं। अन्य प्रमुख मुद्राओं पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान अगस्त की शुरुआत के बाद के अपने नए निचले स्तर पर फिसल गया। रातभर के कारोबार में 200-दिवसीय एसएमए के नीचे टूटने के बाद यह जोड़ी 0.7000 के निकट कमजोर नजर आ रही है, जहां रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों पर मजबूत डॉलर हावी हो गया है।

बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि और येन का हाल

दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) एशियाई सत्र में थोड़ा नरम हुआ और 159.00 के अपने तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर रुक गया, क्योंकि येन में बिकवाली करने वाले संभावित सरकारी हस्तक्षेप के डर से सतर्क हो गए हैं। बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए 7-2 के मतदान से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। यह कदम बाजार की कई हफ्तों से बनी उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल था। हालांकि, बैंक ऑफ जापान की पिछली नरम दर वृद्धि येन की बढ़त को सीमित रख सकती है और हाजिर कीमतों को सहारा दे सकती है, जिससे डॉलर को व्यापक समर्थन मिलना जारी है।

सवाल-जवाब

सोने के लिए मौजूदा रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं?
सोने के लिए पहला प्रमुख रेजिस्टेंस 4300 से 4354 के बीच है, जहां 21, 50 और 100 दिनों के डीएमए स्थित हैं। इसके पार जाने पर 4400 और 4460 पर अगला रेजिस्टेंस मिलेगा।
सोने में गिरावट आने पर महत्वपूर्ण सपोर्ट कहां है?
यदि सोने में मंदी का दबाव बढ़ता है, तो निचली तरफ अगला मजबूत सपोर्ट 4200 और उसके बाद 4000 के स्तर पर स्थित है।
कच्चे तेल की कीमतों का सोने और बॉन्ड यील्ड पर क्या असर पड़ा है?
कच्चे तेल के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं और सोने पर दबाव बना है।
बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों पर क्या फैसला लिया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है।
अमेरिकी ट्रेजरी नोट्स का कुल बाजार में कितना हिस्सा है?
ट्रेजरी नोट्स सभी विपणन योग्य अमेरिकी ट्रेजरी का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा हैं, जिसके कारण यील्ड्स में उछाल राजकोषीय तौर पर काफी संवेदनशील है।
करेंसी बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन की क्या स्थिति है?
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के करीब अगस्त के बाद के निचले स्तर पर आ गया है, जबकि जापानी येन 159.00 के तीन सप्ताह के उच्च स्तर से थोड़ा नरम हुआ है।
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