ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माता हीरो मोटर्स का 1,000 करोड़ रुपये का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) बुधवार, 16 सितंबर को निवेशकों की बोली के लिए खोल दिया गया है। निवेशक इस सार्वजनिक निर्गम में 18 सितंबर तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। इश्यू खुलने के साथ ही अनौपचारिक बाजार में कंपनी के शेयरों को लेकर हलचल तेज हो गई है, जहां इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) 16 सितंबर को लगभग 10 रुपये प्रति शेयर पर दर्ज किया गया। बाजार में अनौपचारिक प्रीमियम किसी भी शेयर की आधिकारिक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता है, फिर भी शुरुआती मांग और रुझान को परखने के लिए इसे देखा जाता है।
प्राइस बैंड, लॉट साइज और निवेश की जरूरी शर्तें
कंपनी प्रबंधन ने इस सार्वजनिक निर्गम के लिए प्रति शेयर 79 रुपये से 84 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 178 शेयरों की रखी गई है। यदि कोई खुदरा निवेशक ऊपरी मूल्य सीमा यानी 84 रुपये प्रति शेयर के भाव पर एक लॉट के लिए बोली लगाता है, तो उसे कम से कम 14,952 रुपये की पूंजी लगानी होगी। शेयर बाजार में छोटे निवेशकों के लिए यह न्यूनतम निवेश सीमा निर्धारित की गई है, जिसके जरिए वे प्राथमिक बाजार में भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।
इश्यू का ढांचा और लिस्टिंग की समयसीमा
इस पूरे सार्वजनिक निर्गम का कुल आकार 1,000 करोड़ रुपये है, जिसे दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया गया है। इसमें कंपनी की ओर से 600 करोड़ रुपये मूल्य के 7.14 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के माध्यम से 400 करोड़ रुपये मूल्य के 4.76 करोड़ शेयर बेचे जा रहे हैं। प्राथमिक बाजार में बोली प्रक्रिया 18 सितंबर को समाप्त होने के बाद, इन शेयरों को 23 सितंबर को देश के प्रमुख शेयर बाजारों एनएसई और बीएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव रखा गया है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम का हालिया रुझान और अनुमानित लाभ
अपर प्राइस बैंड 84 रुपये के मुकाबले 10 रुपये का वर्तमान जीएमपी शेयर के 94 रुपये पर सूचीबद्ध होने की संभावना की ओर इशारा करता है। यदि लिस्टिंग के दिन तक यह अनौपचारिक रुझान बरकरार रहता है, तो यह निर्गम मूल्य पर लगभग 11.90 प्रतिशत के संभावित प्रीमियम लाभ को दर्शाता है। एक लॉट यानी 178 शेयरों पर गणना करें तो 10 रुपये के जीएमपी के आधार पर प्रति लॉट करीब 3,382 रुपये के सांकेतिक लाभ का अनुमान लगाया जा सकता है। हालांकि, ग्रे मार्केट का यह प्रीमियम अपने हालिया उच्च स्तर से काफी नीचे आया है। 12 और 13 सितंबर को यह करीब 24 रुपये के स्तर पर था, जो 14 सितंबर को घटकर 23 रुपये, 15 सितंबर को 19 रुपये और अब गिरकर 10 रुपये रह गया है।
वित्तीय प्रदर्शन और ब्रोकरेज की समीक्षा
कंपनी के बहीखाते की बात करें तो हीरो मोटर्स ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान अपने राजस्व, एबिटा (EBITDA) और शुद्ध लाभ में निरंतर सुधार दर्ज किया है। इसके बावजूद इस सार्वजनिक निर्गम का विश्लेषण करने वाले दो ब्रोकरेज फर्मों ने तटस्थ रुख अपनाया है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि हीरो मोटर्स पावरट्रेन समाधानों की प्रमुख प्रदाता है और वैश्विक स्तर पर ई-बाइक सीवीटी (CVT) हब सेगमेंट में फर्स्ट-मूवर लाभ रखती है। इसके बावजूद, कंपनी का प्राइस-टू-अर्निग्स (P/E) अनुपात लगभग 69 से 74 गुना के दायरे में आता है, जो इसके समकक्ष उद्योग के 50.2 गुना के औसत पी/ई की तुलना में काफी अधिक है। विश्लेषकों का मानना है कि इस ऊंचे मूल्यांकन के कारण निवेशकों के लिए शेयर में बहुत बड़ा अपसाइड मिलने की गुंजाइश सीमित हो जाती है।
जोखिम कारक और मूल्यांकन पर विश्लेषकों की टिप्पणी
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने यह भी रेखांकित किया कि कंपनी का रिटर्न ऑन नेट वर्थ (RoNW) सुधरकर 8.53 प्रतिशत हो गया है और इसका एबिटा मार्जिन करीब 10.2 प्रतिशत दर्ज किया गया है, लेकिन ये दोनों ही वित्तीय मानक उद्योग के प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अभी भी निचले स्तर पर हैं। इसके अतिरिक्त, ब्रोकरेज ने ग्राहक सांद्रता को एक बड़े जोखिम के रूप में चिन्हित किया है, क्योंकि कंपनी के शीर्ष 10 ग्राहक इसके कुल राजस्व में 73 से 78 प्रतिशत का योगदान करते हैं। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा, "मजबूत कारोबार और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में वृद्धि की व्यापक संभावनाओं के बावजूद, ऊंचा मूल्यांकन निवेशकों के संभावित लाभ को सीमित करता है, इसलिए हमारा नजरिया तटस्थ है।"



















