वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर अपनी मजबूती बनाए रखने में सफल दिख रहा है। गुरुवार के कारोबारी सत्र में USD/CAD जोड़ी 1.4240 के स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आई, जिसमें दिन के दौरान 0.07% की मामूली बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के ठोस आंकड़ों और सरकारी बॉन्ड की बढ़ती यील्ड ने ग्रीनबैक को लगातार समर्थन दिया है। दूसरी ओर, कनाडा के आर्थिक आंकड़े मिले-जुले रहे हैं, जिससे कनाडाई डॉलर पर दबाव देखने को मिला है।
अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग आंकड़ों में मजबूती और महंगाई के संकेत
अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, हालांकि गति में थोड़ी नरमी जरूर दर्ज की गई है। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) द्वारा जारी मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर महीने में गिरकर 54.5 पर आ गया, जो पहले 54.6 के स्तर पर था। यह आंकड़ा बाजार की 55 की अपेक्षा से थोड़ा कम रहा।
इंडेक्स में मामूली गिरावट के बावजूद इसके आंतरिक घटक काफी मजबूत दिखे हैं। नए ऑर्डर्स का सूचकांक बढ़कर 55.3 पर पहुंच गया, जबकि रोजगार सूचकांक चढ़कर 52.7 दर्ज किया गया। उत्पादन लागत में भी तेजी देखने को मिली है, जहां कीमतें चुकाने का सूचकांक (Prices Paid Index) अगस्त के 71.1 से उछलकर 77.9 पर पहुंच गया। यह उछाल लागत और कीमतों के मोर्चे पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है।
ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड उछाल और भू-राजनीतिक तनाव का असर
अमेरिकी बॉन्ड बाजार में यील्ड लंबे समय के उच्चतम स्तर पर बनी हुई है। बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड गुरुवार को 5.32% के करीब कारोबार कर रही थी, जो सत्र के दौरान 5.34% तक पहुंच गई थी। यह 2002 के बाद का उच्चतम स्तर है। इतनी ऊंची यील्ड से अमेरिकी मुद्रा को लगातार बढ़त मिल रही है।
इसके साथ ही निवेशक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों पर भी करीबी नजर बनाए हुए हैं। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत में गतिरोध जारी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टाइम मैगज़ीन को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर बमबारी में तेजी संभव है। तनाव बढ़ने की इन संभावनाओं ने डॉलर को सुरक्षित निवेश के रूप में अतिरिक्त ताकत दी है।
कनाडा के औद्योगिक आंकड़े और तकनीकी स्तरों का विश्लेषण
कनाडा की घरेलू अर्थव्यवस्था से कनाडाई डॉलर को बहुत ज्यादा समर्थन नहीं मिल सका है। एसएंडपी ग्लोबल द्वारा जारी कनाडा का मैन्युफैक्चरिंग PMI सितंबर में गिरकर 51.5 पर आ गया, जो अगस्त महीने में 53 दर्ज किया गया था। यद्यपि 50 से ऊपर का आंकड़ा मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है, लेकिन विकास की धीमी रफ्तार ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लूनी की बढ़त को सीमित कर दिया है।
एक घंटे के तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो USD/CAD जोड़ी 1.4242 के आसपास कारोबार कर रही है, जहां तेजी का रुख बना हुआ है। यह जोड़ी 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 1.4189 और 200-अवधि के SMA 1.4136 से ऊपर बनी हुई है। मौजूदा स्तर के ठीक नीचे मजबूत सपोर्ट क्षेत्र है, जिसमें सबसे नजदीकी स्तर 1.4232 और 1.4200 हैं। 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 57 पर है, जो अत्यधिक खिंचाव के बिना सकारात्मक मोमेंटम का संकेत देता है।
ऊपर की तरफ, तुरंत रुकावट 1.4260 के स्तर पर है, जो किसी भी बड़े उछाल को रोक सकती है। नीचे की ओर, पहला समर्थन 1.4232 पर है, जिसके बाद 1.4200 और 1.4175 के स्तर आते हैं। गिरावट गहरी होने पर 1.4150 और 200-अवधि के SMA 1.4136 पर मांग उभर सकती है। इसके नीचे 1.4133 और 1.4100 के स्तर हैं, जबकि निचला सपोर्ट बैंड 1.4025, 1.3974 और 1.3945 पर स्थित है।
अन्य वैश्विक मुद्राओं और परिसंपत्तियों की स्थिति
अमेरिकी डॉलर के व्यापक प्रभाव से अन्य प्रमुख मुद्राएं और संपत्तियां भी प्रभावित रही हैं। एशियाई सत्र में AUD/USD दो महीने के निचले स्तर के करीब सीमित दायरे में रहा और 0.6900 के मध्य स्तर पर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी पीसीई (PCE) आंकड़ों ने अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को कम किया है, लेकिन तेल की वजह से महंगाई की चिंताएं बॉन्ड यील्ड को ऊपर बनाए हुए हैं। इस बीच, अगस्त में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष घटकर AUD495M रह गया, जिसका ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर सीमित असर पड़ा।
वहीं USD/JPY जोड़ी एशियाई सत्र में 158.00 से ऊपर अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी सिरे पर टिकी रही। बैंक ऑफ जापान द्वारा सख्त रुख अपनाने की उम्मीदों और जापानी हस्तक्षेप के जोखिम के बावजूद अमेरिकी डॉलर मजबूत बना रहा। कमोडिटी बाजार में, सोने की बढ़त डॉलर और बॉन्ड यील्ड के दबाव में सीमित रही। XAU/USD 0.26% की बढ़त के साथ 4,167 डॉलर के करीब कारोबार करता नजर आया।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन 82,500 डॉलर के समर्थन और 85,000 डॉलर के प्रतिरोध के बीच फंसा दिखा। इथेरियम 2,700 डॉलर से नीचे दबाव में रहा और 2,600 डॉलर पर समर्थन मिला, जबकि रिपल 1.50 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की धारणा तेजी से बदली है। एक हफ्ते पहले बाजार अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद कर रहा था, लेकिन धीमी मुद्रास्फीति और नीति निर्माताओं की सतर्क टिप्पणियों के बाद दरें स्थिर रहने की संभावना सबसे प्रबल हो गई है।



















