वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले महत्वपूर्ण तकनीकी और मनोवैज्ञानिक स्तर 0.7000 के ऊपर मजबूती बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में चीन की ओर से जारी किए गए निराशाजनक आधिकारिक पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव बनाया था, जिसके चलते बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली अमेरिकी मुद्रा की ओर बढ़ने से भी स्पॉट कीमतों पर असर पड़ा। हालांकि, एशियाई कारोबारी सत्र में आई शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी देखी गई और यह जोड़ी 0.7000 के मनोवैज्ञानिक बैरियर से ऊपर बनी रही।
ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की बैठक और ब्याज दरों का समीकरण
बाजार की निगाहें पूरी तरह से रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए की मंगलवार को समाप्त होने वाली बैठक पर टिकी हुई हैं। बाजार में इस बात की व्यापक उम्मीद जताई जा रही है कि ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक लगातार बनी हुई महंगाई की चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी नवंबर बैठक के अंत में नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों यानी 25 बीपीएस की बढ़ोतरी का ऐलान कर सकता है। दर वृद्धि की यह संभावना ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए एक मजबूत आधार प्रदान कर रही है। इसके बावजूद, चीन की अर्थव्यवस्था से जुड़े सुस्त आंकड़े ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के निर्यात व्यापार का बड़ा हिस्सा चीनी मांग पर निर्भर करता है।
तकनीकी संकेतकों का मिजाज और अहम चार्ट स्तर
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो मंदी के रुख वाले कारोबारियों के लिए स्थिति सतर्क रहने की चेतावनी दे रही है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और मामूली सकारात्मक दायरे में संकेत दे रहा है। वहीं, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 14 करीब 51 के स्तर पर है, जो न्यूट्रल 50 के निशान के बेहद करीब है और बाजार में संतुलन का संकेत देता है। इसके अलावा 20-दिवसीय ईएमए 0.7015 पर और 200-दिवसीय ईएमए 0.6985 पर स्थित है। 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होने के कारण लॉन्ग टर्म अपट्रेंड बरकरार है।
यदि आने वाले सत्रों में 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे कोई ताजा गिरावट दर्ज की जाती है, तो पहला तात्कालिक सहारा 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर 0.6976 पर मिलेगा। यदि बिकवाली का दबाव और गहराता है, तो बाजार का ध्यान 0.6894 के स्ट्रक्चरल लो की ओर जाएगा, जहां खरीदार मध्यम अवधि का मजबूत सपोर्ट स्थापित करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके विपरीत, ऊपर की दिशा में पहला प्रतिरोध 38.2 प्रतिशत फिबोनाची स्तर 0.7026 पर स्थित है। इसके पार निकलने पर 50.0 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 0.7067 और 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 0.7107 पर अहम बाधाएं हैं। आगे चलकर 78.6 प्रतिशत बैरियर 0.7165 पर और साइकिल हाई 0.7239 पर व्यापक सप्लाई जोन के रूप में काम करेंगे।
ईरान कूटनीति और वैश्विक बाजार का रुख
सोमवार को एशियाई सत्र के दौरान ईरान कूटनीति को लेकर बनी नई उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को कुछ सहारा दिया। इससे अमेरिकी डॉलर की सुरक्षित निवेश मांग पर कुछ हद तक ब्रेक लगा और जोखिम-संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में निचले स्तरों से उछाल दर्ज किया गया। इसके बावजूद स्पॉट कीमतें गुरुवार को बने एक महीने के उच्चतम स्तर से नीचे कारोबार कर रही हैं, क्योंकि खरीदार आरबीए की दर वृद्धि पर कोई भी बड़ा दांव लगाने से पहले स्पष्ट घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
येन और सोने में भी हलचल
मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी सक्रियता देखी गई। यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी ने नए सप्ताह की शुरुआत बढ़त के साथ की और बैंक ऑफ जापान की शुक्रवार की बैठक के बाद 157.00 से नीचे गिरे स्तरों से उबरकर एशियाई सत्र में 158.00 के आसपास पहुंच गई। इस उछाल पर जापान के वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा की ओर से करेंसी मार्केट में दखल की ताजा चेतावनियों का भी कोई खास असर नहीं दिखा। दूसरी तरफ, सोने की कीमतों में भी कुछ सुधार देखा गया और यह 3,900 डॉलर का स्तर दोबारा हासिल करने में कामयाब रहा। शुक्रवार को सोना अक्टूबर 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर तक लुढ़क गया था। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मुद्रास्फीति की चिंताओं के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगे दर वृद्धि की संभावनाएं बनी रहने से सोने की ऊपरी बढ़त सीमित नजर आ रही है।
























