स्वीडन में अगस्त महीने के दौरान मुद्रास्फीति के आंकड़े अनुमान से कमजोर दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद डांस्के रिसर्च के विश्लेषकों ने स्वीडिश केंद्रीय बैंक रिक्सबैंक की आगामी मौद्रिक नीति संबंधी संभावनाओं में बदलाव किया है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में आई इस नरमी ने सितंबर महीने में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बाजार उम्मीदों को काफी हद तक समाप्त कर दिया है। वस्तुओं और सेवाओं के मोर्चे पर मूल्य दबाव में आई इस कमी के कारण वित्तीय बाजारों ने अपनी प्राथमिकताओं को पुनर्समायोजित किया है, जिससे स्वीडिश क्रोना पर दबाव बढ़ा है और नॉर्डिक क्षेत्र सहित वैश्विक परिसंपत्ति बाजारों पर इसका असर देखा जा रहा है।
अगस्त में मुद्रास्फीति के आंकड़ों में गिरावट, संस्थागत अनुमान रहे पीछे
स्वीडन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति में उम्मीद से अधिक गिरावट दर्ज की गई। डांस्के बैंक और बाजार विशेषज्ञों के पूर्वानुमानों की तुलना में प्रमुख मुद्रास्फीति दर CPI सालाना आधार पर 0.28% दर्ज की गई, जबकि डांस्के बैंक ने इसके 0.59% रहने का अनुमान जताया था। यह आंकड़ा पिछले महीने के 0.18% से थोड़ा अधिक है। वहीं, स्वीडिश केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत फैसलों के लिए प्रमुखता से देखा जाने वाला CPIF सूचकांक सालाना आधार पर 0.72% रहा, जो डांस्के के 1.00% के अनुमान से कम है लेकिन पिछले महीने के 0.72% के स्तर के समान ही है।
इसके अतिरिक्त, ऊर्जा कीमतों को अलग रखकर आंकी जाने वाली कोर मुद्रास्फीति दर CPIF-XE सालाना आधार पर 0.52% दर्ज की गई। यह आंकड़ा डांस्के बैंक के 0.74% के पूर्वानुमान से कम रहा और पिछले महीने दर्ज की गई 0.57% की दर की तुलना में भी गिरावट दर्शाता है। आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण बताता है कि मुद्रास्फीति में आई यह कमी किसी एक क्षेत्र तक सीमित न होकर व्यापक रही है। वस्तुओं और सेवाओं दोनों श्रेणियों में कीमतें विश्लेषकों की अपेक्षा से नीचे रही हैं। दूसरी ओर, खाद्य पदार्थों और ऊर्जा की कीमतों में हुआ बदलाव काफी हद तक बाजार के अनुमानों के अनुरूप ही रहा है।
रिक्सबैंक की दर वृद्धि की संभावना घटी, स्वीडिश क्रोना और नॉर्डिक मुद्राएं
अगस्त के मुद्रास्फीति आंकड़े सामने आने से पहले वायदा बाजार में इस बात की लगभग 30% संभावना जताई जा रही थी कि रिक्सबैंक अपनी आने वाली सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, कमजोर आंकड़ों के सामने आते ही यह संभावना काफी हद तक समाप्त हो गई। इन परिस्थितियों को देखते हुए डांस्के बैंक का मानना है कि रिक्सबैंक सितंबर में दरों को स्थिर रखेगा और ब्याज दरों में पहली बढ़ोतरी अब नवंबर महीने में देखने को मिल सकती है।
मौद्रिक नीति के इस बदलते परिदृश्य का सीधा असर यूरोपीय विदेशी मुद्रा बाजार पर पड़ा है। स्वीडिश क्रोना में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे EUR/SEK मुद्रा जोड़ा ऊपर की ओर बढ़ा क्योंकि ब्याज दरों में बढ़ोतरी टलने से क्रोना का आकर्षण कम हुआ है। इसके विपरीत, पड़ोसी देश नॉर्वे की मुद्रा नॉर्वेजियन क्रोन NOK को वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आई तेजी से सहारा मिला और यह यूरो के मुकाबले 10.80 के स्तर से नीचे कारोबार करती दिखी। स्वीडन और नॉर्वे की मुद्राओं के बीच यह अंतर नॉर्डिक अर्थव्यवस्थाओं पर ऊर्जा बाजार के अलग-अलग प्रभाव को स्पष्ट करता है।
वैश्विक मुद्रा बाजार का हाल: AUD/USD और USD/JPY पर विभिन्न कारकों का असर
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख मुद्रा जोड़ों में आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाओं के कारण उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। मंगलवार को एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान AUD/USD जोड़ा 0.7200 के स्तर से ऊपर मजबूती से बना रहा, जो 14 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। अमेरिकी डॉलर पर बना बिकवाली का दबाव ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए मददगार साबित हुआ, जहां जापानी येन में आई तेजी ने अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा सख्त रुख अपनाए जाने की उम्मीदों और भू-राजनीतिक तनावों से डॉलर को मिलने वाले समर्थन को बेअसर कर दिया। साथ ही, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया RBA द्वारा चालू माह के अंत में दर वृद्धि की बढ़ती संभावनाओं ने भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मजबूती दी, हालांकि चीन के मिश्रित व्यापार संतुलन आंकड़ों ने तेजी को सीमित रखा।
दूसरी ओर, USD/JPY जोड़ा अपने छह महीने के निचले स्तर 152.89 से उबरते हुए मंगलवार को यूरोपीय सत्र के दौरान 154.00 के स्तर का दोबारा परीक्षण करता दिखा। हालांकि, इसमें आगे की बढ़त सीमित रही। जापान में वेतन वृद्धि के मजबूत आंकड़ों और दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद GDP के संशोधित आंकड़ों ने अगले सप्ताह बैंक ऑफ जापान BoJ द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को पुख्ता किया है। फेडरल रिज़र्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद अमेरिकी डॉलर में जारी बिकवाली ने जापानी येन को मजबूत सहारा देना जारी रखा।
कमोडिटी बाजार: सोना $4,400 के ऊपर स्थिर, डीजल क्रैक स्प्रेड रिकॉर्ड स्तर पर
कमोडिटी और ऊर्जा बाजारों में भी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और आपूर्ति संबंधी चिंताओं का असर देखने को मिला। यूरोपीय सत्र की शुरुआत में सोने की कीमतें अपनी दैनिक सीमा के निचले स्तर तक फिसलीं, हालांकि यह कीमती धातु $4,400 प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर टिकी रहने में सफल रही। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने सोने को आधारभूत सहारा दिया, वहीं फेडरल रिज़र्व की सख्त नीति की अपेक्षाएं और जारी भू-राजनीतिक तनाव सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग को बनाए हुए हैं, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्ति सोने की बढ़त पर लगाम लगी है।
ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पिछले महीनों की तुलना में शांत दिखाई दे रही हैं, लेकिन परिष्कृत ईंधन वर्ग में अभूतपूर्व स्थिति बनी हुई है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी WTI कच्चे तेल पर अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम, इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इसने इंट्राडे कारोबार के दौरान $102.00 प्रति बैरल से कुछ अधिक का सर्वकालिक उच्च स्तर हासिल किया, जो डीजल ईंधन बाजार में बनी गंभीर किल्लत और आपूर्ति शृंखला की चुनौतियों को उजागर करता है।



















