अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जिससे यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7150 के स्तर से नीचे फिसल गया है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा अपने तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के आसपास संघर्ष करती दिखाई दी। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लंबे समय के उच्चतम स्तरों के करीब बनी मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों से उपजी महंगाई की चिंताओं ने ग्रीनबैक को मजबूत सहारा दिया है। इसके विपरीत, अगस्त महीने के दौरान चीन की आर्थिक गतिविधियों से जुड़े मिले-जुले आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास राहत नहीं दी, जिसके चलते निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए तकनीकी परिदृश्य और अहम स्तर
अल्पकालिक 24 घंटे के नजरिए से देखा जाए तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में आई हालिया गिरावट बाजार के पिछले आकलनों से कहीं अधिक तेज रही है। बीते कारोबारी सत्र में यह गिरावट 0.7109 के निचले स्तर तक जा पहुंची, जिसने 0.7120 के बड़े सपोर्ट को भी तोड़ दिया। हालांकि मौजूदा तकनीकी संकेत यह दर्शाते हैं कि गिरावट की यह रफ्तार कुछ हद तक सीमित हो सकती है क्योंकि अल्पकालिक स्थितियां ओवरसोल्ड दायरे में पहुंच चुकी हैं। इस वजह से दिन के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के 0.7110 से 0.7155 के सीमित दायरे में कंसोलिडेट होने की संभावना अधिक दिखाई दे रही है।
एक से तीन सप्ताह के व्यापक नजरिए पर गौर करें तो मुद्रा पर नकारात्मक रुख 11 सितंबर से ही प्रभावी बना हुआ है, जब यह 0.7160 के स्पॉट स्तर पर थी। नीचे की ओर बढ़ता तेज मोमेंटम यह इशारा कर रहा है कि अगर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के स्तर से नीचे बंद होने में सफल रहता है, तभी 0.7050 के स्तर तक नई गिरावट की राह खुल सकती है। जब तक यह करेंसी 0.7175 के मजबूत रेजिस्टेंस स्तर से नीचे बनी रहती है, तब तक 0.7100 के नीचे टूटने की संभावना पूरी तरह बरकरार रहेगी। गौरतलब है कि इससे पहले यह रेजिस्टेंस स्तर 0.7210 पर आंका गया था।
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी और बैंक ऑफ जापान की बैठकों से पहले बाजार की हलचल
वैश्विक मुद्रा बाजारों में इस समय प्रमुख केंद्रीय बैंकों के आगामी नीतिगत फैसलों को लेकर गहरी अनिश्चितता और सतर्कता देखी जा रही है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC की दो दिवसीय महत्वपूर्ण नीतिगत बैठक शुरू होने से पहले अमेरिकी डॉलर को जबर्दस्त बढ़त मिल रही है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि और तेल की कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने के जोखिम ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्च स्तर के करीब टिकाए रखा है। अमेरिकी बॉन्ड बाजार में यह ऊंचा रिटर्न अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर को भारी तरजीह दिला रहा है।
दूसरी तरफ, USD/JPY की जोड़ी मंगलवार को शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती नजर आई। जापानी येन के मुकाबले डॉलर लगातार बढ़त तलाश रहा है क्योंकि निवेशक इस हफ्ते होने वाली FOMC और बैंक ऑफ जापान यानी BoJ की नीतिगत बैठकों के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में सख्त रुख अपनाने की संभावना से जापानी येन को भी कुछ सहारा मिल सकता है, जो आने वाले समय में USD/JPY की इस तेजी को सीमित करने का काम कर सकता है।
सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन फिसलन
अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती का सीधा असर कमोडिटी बाजार पर भी देखा जा रहा है। बहुमूल्य धातु सोना लगातार दूसरे दिन कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा। यूरोपीय कारोबारी सत्र के पहले हिस्से में सोने के भाव लगभग 0.80% की गिरावट के साथ $4,265 से $4,264 प्रति औंस के दायरे में आ गए। यह स्तर सोमवार को छुए गए एक महीने से अधिक के निचले स्तर के बेहद करीब है।
सर्राफा बाजार में सक्रिय ट्रेडर और निवेशक FOMC की बैठक के अंतिम नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों और भविष्य के मौद्रिक रुख पर दिए जाने वाले संकेत ही तय करेंगे कि सोने में यह बिकवाली आगे और गहराएगी या निचली कीमतों पर खरीदारी लौटेगी। फिलहाल, ऊंची यील्ड और मजबूत अमेरिकी मुद्रा गैर-ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने की मांग को लगातार कमजोर कर रही है।



















