वैश्विक मुद्रा बाजारों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है, जिसके कारण यह बीते सप्ताह दर्ज किए गए अपने चार महीने के उच्च स्तर से लगातार नीचे खिसक रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7120 के दायरे में कारोबार करता देखा गया, जो महीने की शुरुआत में छुए गए 0.7200 के करीब के चार महीने के शिखर से उल्लेखनीय गिरावट दर्शाता है। दूसरी तरफ, प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को आंकने वाला डॉलर इंडेक्स (DXY) 100.00 के अहम स्तर के ठीक नीचे मजबूती के साथ टिका हुआ है। विदेशी मुद्रा बाजार में ट्रेडर आने वाले बड़े नीतिगत घटनाक्रमों से पहले अपनी पोजीशन संतुलित कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर को अतिरिक्त सहारा मिल रहा है।
फेडरल रिजर्व की ब्याज दर और आर्थिक आंकड़े
बाजार की इस पूरी उठापटक के केंद्र में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बुधवार को होने वाली बैठक है। फेडरल रिजर्व ने दिसंबर 2025 से अपनी लक्ष्य ब्याज दर सीमा को 3.50% से 3.75% के बीच स्थिर बनाए रखा है और पिछली लगातार पांच बैठकों में इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि, इस बार बाजार 25 आधार अंकों की संभावित बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहा है, जिससे दरें 3.75% से 4.00% तक पहुंच सकती हैं। इस सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों को तब और मजबूती मिली जब चेयर केविन वार्श ने जैक्सन होल संबोधन में स्पष्ट तौर पर आगाह किया था कि मुद्रास्फीति के मोर्चे पर कोई बड़ा संतोषजनक सुधार देखने को नहीं मिला है। इसके बाद अगस्त के मजबूत रोजगार आंकड़ों ने भी फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाने की संभावनाओं को हवा दी।
इसके साथ ही, एडीपी एम्प्लॉयमेंट चेंज का चार सप्ताह का औसत 12.25 हजार से बढ़कर 16.25 हजार पर पहुंच गया है, जो अमेरिकी श्रम बाजार में मजबूती को रेखांकित करता है। केंद्रीय बैंक के आधिकारिक बयान से ठीक पहले अगस्त के लिए अमेरिकी रिटेल बिक्री के आंकड़े भी सामने आने वाले हैं। यह आंकड़ा ब्याज दरों के फैसले में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यदि रिटेल बिक्री में मजबूती दिखती है, तो इससे यह साफ होगा कि अमेरिकी उपभोक्ता मजबूत स्थिति में हैं, जिससे फेडरल रिजर्व को नीतिगत दरें बढ़ाने की पर्याप्त छूट मिलेगी। इसके विपरीत, कमजोर आंकड़े इस सख्त रुख की दलीलों को थोड़ा कमजोर कर सकते हैं।
तकनीकी स्तर और चार्ट विश्लेषण
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में हालिया सत्र के दौरान AUD/USD 0.7121 के स्तर पर दर्ज किया गया, जो इसके पिछले बंद भाव 0.7115 से मामूली 0.08% की बढ़त दिखाता है। बीते 52 सप्ताह में इस मुद्रा जोड़ी ने 0.6422 के निचले स्तर और 0.7277 के ऊपरी स्तर के बीच दायरा बनाया है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 48 के स्तर पर बना हुआ है, जो बाजार में तटस्थ रुख दर्शाता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) संकेत रेखा के आसपास नकारात्मक हिस्टोग्राम के साथ मंदी का हल्का रुझान दिखा रहा है।
तकनीकी चार्ट पर ऊपर की ओर पहला तात्कालिक प्रतिरोध 0.7129 पर दिखाई देता है, जिसके बाद अगला रुकावट स्तर 0.7134 और फिर 0.7141 पर स्थित है। इसके अलावा, 0.7152 पर स्थित 20-अवधि का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और 0.7178 पर मौजूद 100-अवधि का SMA ऊपर की तरफ एक व्यापक सप्लाई जोन का निर्माण करते हैं। लंबी अवधि के मूविंग एवरेज में 20-दिवसीय ईएमए 0.7142 पर, 50-दिवसीय ईएमए 0.7107 पर और 200-दिवसीय ईएमए 0.6955 पर स्थित है। वहीं दूसरी तरफ, गिरावट की स्थिति में पहला महत्वपूर्ण सपोर्ट 0.7119 के क्षैतिज स्तर पर नजर आ रहा है। यदि यह स्तर नीचे की तरफ टूटता है, तो मुद्रा जोड़ी की अल्पकालिक संरचना में और कमजोरी देखने को मिल सकती है, जहां 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 0.7087 पर स्थित है।
एशियाई सत्र, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल का असर
मंगलवार के एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7150 के नीचे दबाव में रहा और पिछले सत्र में बने तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के करीब मंडराता रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से उपजी महंगाई के जोखिम और एफओएमसी की बैठक से पूर्व अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों के निकट बनी हुई हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में यह तेजी डॉलर को अतिरिक्त मजबूती दे रही है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा, अगस्त महीने के लिए चीन से आए मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में किसी नई खरीदारी को प्रेरित करने में कोई मदद नहीं की।
डॉलर-येन, सोना और डिजिटल संपत्तियों का रुख
मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में, डॉलर के मुकाबले जापानी येन (USD/JPY) मंगलवार तड़के 155.00 के स्तर की ओर चढ़ता दिखा। ट्रेडर इस सप्ताह होने वाली एफओएमसी और बैंक ऑफ जापान (BoJ) दोनों की बैठकों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा सामान्यीकरण की राह पर अधिक सख्त रुख अपनाने की उम्मीदें जापानी येन को समर्थन दे सकती हैं, जिससे इस जोड़ी की बढ़त सीमित रह सकती है।
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में भी दबाव बना रहा। पीली धातु प्रति ट्रॉय औंस 4,300 डॉलर के स्तर से ऊपर टिकने के लिए संघर्ष करती दिखी और मंगलवार को इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी यील्ड के मिले-जुले रुख के कारण निवेशकों ने सतर्कता बरती। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में शीर्ष ऑल्टकॉइन्स जैसे कि रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और हाइपरलिक्विड (HYPE) मंगलवार को लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जहां लगभग 2% तक की गिरावट आई। क्लैरिटी एक्ट क्लोजर वोट से पहले इन डिजिटल संपत्तियों पर भी बिकवाली का दबाव देखा गया।



















