संयुक्त राज्य अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आगामी सितंबर आंकड़ों को लेकर शुरुआती आर्थिक अनुमान सामने आए हैं। वित्तीय फर्म टीडी सिक्योरिटीज के अर्थशास्त्रियों ऑस्कर मुनोज़ और एली निर के ताजा विश्लेषण के मुताबिक, सितंबर के दौरान हेडलाइन मुद्रास्फीति में 0.54 फीसदी की मासिक वृद्धि दर्ज की जा सकती है। इस संभावित उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण ईंधन की कीमतों में हुआ तेज इजाफा है, जहां गैसोलीन की दरों में लगभग 8 फीसदी की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने भी समूचे सूचकांक पर अतिरिक्त दबाव बनाया है। हालांकि, मुख्य मुद्रास्फीति यानी कोर सीपीआई के मोर्चे पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है, जिसके घटकर 0.20 फीसदी मासिक रहने का अनुमान लगाया गया है।
अगस्त के बाद बदलती आर्थिक परिस्थितियां और प्रारंभिक अनुमान
अगस्त महीने के सीपीआई आंकड़े जारी होने के बाद अर्थशास्त्रियों ने सितंबर महीने के लिए अपनी प्रारंभिक रूपरेखा तैयार की है। विश्लेषकों का स्पष्ट करना है कि यह शुरुआती अनुमान कई ऐसे गतिशील घटकों और मान्यताओं पर आधारित है, जिनमें महीने के आगे बढ़ने और अतिरिक्त आंकड़े सामने आने के साथ बदलाव संभव है। विशेष रूप से अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले क्षेत्रों जैसे गैसोलीन की खुदरा कीमतें, होटलों के कमरे के किराए और हवाई किराए में आने वाले बदलाव इन अनुमानों की अंतिम दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
हेडलाइन मुद्रास्फीति की रफ्तार पर नजर डालें तो अगस्त के मजबूत 0.40 फीसदी मासिक उछाल के बाद सितंबर में यह और तेज होकर 0.54 फीसदी मासिक वृद्धि तक पहुंच सकती है। गैर-मौसमी रूप से समायोजित सूचकांक यानी सीपीआई एनएसए स्तर के 336.510 रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि वित्तीय बाजार की मौजूदा फिक्सिंग 336.600 के स्तर पर टिकी हुई है। मासिक आधार पर गैसोलीन की कीमतों में आया करीब 8 फीसदी का जोरदार उछाल इस पूरी तेजी का मुख्य कारक माना जा रहा है, जिसे खाद्य मुद्रास्फीति में संभावित तेजी से और बल मिला है।
कोर मुद्रास्फीति में नरमी और सुपरकोर का रुख
हेडलाइन आंकड़ों में उछाल के विपरीत, कोर सीपीआई को लेकर अनुमान अपेक्षाकृत शांत रुझान दर्शाते हैं। टीडी सिक्योरिटीज का प्रारंभिक अनुमान है कि सितंबर में कोर सीपीआई घटकर 0.20 फीसदी मासिक पर आ जाएगी, जो कि अगस्त महीने के 0.29 फीसदी के उच्च स्तर से उल्लेखनीय रूप से कम है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कोर सीपीआई का यह स्तर कोर पीसीई में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी के पूरी तरह संगत साबित होगा।
वस्तुओं की कीमतों के संदर्भ में, कोर गुड्स की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। जिन श्रेणियों पर आयात शुल्क का सीधा असर पड़ता है, उनमें व्यापक स्तर पर कोई बड़ा फेरबदल नहीं देखा गया है और वे एक दायरे में ही आगे बढ़ रही हैं। हालांकि, नए और पुराने वाहनों की कीमतों में दिख रही अतिरिक्त मजबूती के चलते वस्तुओं की मुद्रास्फीति को समर्थन मिलने के संकेत हैं।
सेवाओं के क्षेत्र में मुद्रास्फीति के अपने पुराने औसत की ओर लौटने और सुपरकोर मुद्रास्फीति में नरमी की उम्मीद है। अगस्त महीने में सुपरकोर सीपीआई अप्रत्याशित रूप से उछलकर 0.51 फीसदी पर पहुंच गई थी, लेकिन सितंबर में इसके घटकर कहीं अधिक सहज 0.23 फीसदी मासिक के स्तर पर आने की संभावना जताई गई है। यह गिरावट सेवाओं और मुख्य घटकों के बीच संतुलन लौटने का संकेत देती है।
वैश्विक मुद्रा बाजार और केंद्रीय बैंकों की नीतियां
अमेरिकी मुद्रास्फीति के इन अनुमानों और फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख के बीच वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजारों में भी कई हलचलें देखने को मिल रही हैं। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (एयूडी/यूएसडी) 0.7100 के स्तर से ऊपर कारोबार करती दिखी। इसे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख्त टिप्पणियों से बल मिला। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और फेडरल रिजर्व के आक्रामक नजरिए के कारण अमेरिकी डॉलर में मजबूती बनी हुई है, जो इस जोड़ी की बढ़त को सीमित कर सकती है।
दूसरी ओर, डॉलर और जापानी येन की जोड़ी (यूएसडी/जेपीवाई) मंगलवार के कारोबारी सत्र में 157.50 के स्तर के पास मामूली बढ़त के साथ कारोबार करती नजर आई। जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन की गिरावट को थामने का काम किया। बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 फीसदी से बढ़ाकर 1.25 फीसदी कर दिया है, जो पिछले 31 वर्षों का उच्चतम स्तर है। हालांकि बैंक ऑफ जापान के इस कदम को मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में पहले से तय कदम के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इसके नरम रुख ने येन को दबाव में रखा है।
सोने में फिसलन और वाशिंगटन में ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन
अमेरिकी डॉलर में नए सिरे से लौटी खरीदारी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मिला-जुला रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच कीमती धातुओं के बाजार में बिकवाली देखी गई। सोने की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई और यह मंगलवार को टूटकर 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर की तरफ फिसल गया। डॉलर की निरंतर मजबूती से सोने पर दबाव बना हुआ है।
व्यापक भू-राजनीतिक मोर्चे पर वित्तीय बाजारों की नजरें वाशिंगटन में होने वाले एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को वाशिंगटन में एक उच्चस्तरीय शिखर सम्मेलन के लिए मिलने वाले हैं। वैश्विक निवेशक इस बैठक पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह वार्ता तय करेगी कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपने मौजूदा कारोबारी युद्धविराम को आगे बढ़ाएंगी या फिर वैश्विक बाजार अनिश्चितता के एक नए दौर में प्रवेश करेंगे।
















