मिजोरम की राजधानी आइजोल में मुख्यमंत्री लालदुहोमा के कार्यालय में राज्य के आर्थिक और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की सदस्य डॉ. जोराम अनिया से मुलाकात की और राज्य की प्राथमिकताओं को जमीन पर उतारने के लिए आयोग से निरंतर सहयोग मांगा। दोनों नेताओं के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने, प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं का लाभ उठाने, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और स्कूली शिक्षा में नवाचार को मजबूत करने पर सहमति बनी।
कृषि और अदरक मूल्य संवर्धन पर विशेष जोर
बैठक में स्थानीय किसानों और कृषि उपज को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। नीति आयोग ने बड़े पैमाने पर उत्पादन को देखते हुए साल 2025 में मिजोरम को देश की 'अदरक राजधानी' (जिंजर कैपिटल ऑफ इंडिया) घोषित किया था। इसी संदर्भ में राज्य में उत्पादित होने वाली अदरक के प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि मूल्य संवर्धन के जरिए स्थानीय उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे और तकनीकी सहयोग की तत्काल आवश्यकता है।
कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट प्रोजेक्ट और पर्यटन विकास
बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय संपर्क को लेकर कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KMMTTP) का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अधिकारियों के अनुसार, इस विशाल परियोजना के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद राज्य को म्यांमार के पलेतवा और सितवे बंदरगाह से जोड़ने वाला एक वैकल्पिक मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मार्ग मिलेगा। बैठक में इस बात पर विचार हुआ कि इस मार्ग के तैयार होने के बाद मिजोरम व्यापारिक और परिवहन लाभों को किस तरह अधिकतम कर सकता है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के इस खूबसूरत राज्य में बाहरी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक सुविधाओं और प्रचार तंत्र पर भी बात हुई।
स्कूली शिक्षा और क्षेत्रीय कार्यशाला में भागीदारी
युवाओं के बौद्धिक विकास और तकनीकी कौशल को निखारने के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स के विस्तार पर भी चर्चा की गई। राज्य सरकार चाहती है कि मिजोरम के अधिक से अधिक स्कूलों में ये प्रयोगशालाएं खोली जाएं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी विज्ञान और नवाचार से जुड़ सकें। डॉ. जोराम अनिया नीति आयोग की पूर्वोत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला में भाग लेने के लिए आइजोल के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को गति देने के उद्देश्य से अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा सहित कई राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क साधा है। मुख्यमंत्री ने मिजोरम के मुद्दों को प्राथमिकता देने के लिए आयोग का आभार जताया, जबकि डॉ. अनिया ने राज्य के विकास में सक्रिय साझेदारी जारी रखने का भरोसा दिया।





















